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डोनाल्ड ट्रंप के बयान और पीएम मोदी पर की गई टिप्पणियों के बाद बड़ा सवाल खड़ा हो गया है—क्या अमेरिका भारत को हल्के में ले रहा है? ट्रेड, टैरिफ और कूटनीतिक भाषा को लेकर बढ़ती तल्खी ने भारत-अमेरिका रिश्तों को नए मोड़ पर ला दिया है। इस वीडियो में चर्चा होगी कि पीएम मोदी ट्रंप को किस तरह जवाब दे सकते हैं, भारत के पास क्या विकल्प हैं और क्या अब भारत अमेरिका से दो-दो हाथ करने के मूड में है। देखिए यह खास चर्चा, तीखे सवालों और बेबाक राय के साथ।

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~HT.410~ED.110~

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00:00नमस्कार मेरे नाम वैभो है और आपने देखना शुरू कर दिया है वन इंडिया का खास डिबेट शो तरकश
00:06पचास से जादा बार भारत और पाकिस्तान का युद्ध रुकवाने का धिनोरा पीटने के बाद अब अमेरकी राष्टपती डोनाल टरंप ने अपने बड़बोलेपन के पिटारे से कुछ नए दावे निकाल लिये हैं
00:17पिछले 72 घंटों में टरंप ने पीम मोदी को लेकर दो बड़े हैरान करने वाले दावे किये हैं पहले तो उन्होंने कहा कि पीम मोदी उन्हें खुश करना चाहते हैं इसलिए रूस से तेल की खरिदारी थोड़ी कम कर दी अगर वैसा नहीं करते तो हम भारत पर टैरिफ क
00:47क्या कुछ कहा है पहले आपको यही सुना देते हैं अपाच्य हेलिकॉप्टर भारत मेरे पास हाया सर मैं पांच साल से इन्तजार कर रहा हूं हम इसे बदल रहे हैं हम इसे बदल रहे हैं channels subscribe आप से मिलने सब्सक्राइब हुर
01:04मेरे उनके साथ बहुत अच्छे संबंध हैं वह मुझसे ज्यादा खुश नहीं है क्योंकि आप जानते हैं वे अब बहुत ज्यादा टैरिफ दे रहे हैं क्योंकि वे ऐसा नहीं कर रहे थे ओ लेकिन वे कर रहे हैं
01:14जैसा कि आप जानते हैं रूस से उन्होंने इसे काफी कम कर दिया है वैसे हम टैरिफ से अमीर हो रहे हैं आशा है सब ये समझते हैं वे ये बताना नहीं चाहते
01:24आपने सुना ट्रम क्या कुछ कह रहे थे ट्रम का ये भाषर जो था वो मूल भाषर नहीं था वो अंग्रेजी में बोलते हैं हमने उसे AI के जरिये हिंदी में तबदिल करवाकि आपको सुनाया है कि उन्होंने क्या कुछ कहा है अब ट्रम के इस बयान के बाद कई सारे सवाल �
01:54में इस वक्त चल रही हैं खासकर कि एक impeachment को लेकर भी उनके बारे में चल रहा है
02:01American media में कहा जा रहा है कि अगर Trump इसी धरे पर आगे चलते हैं तो हो सकता है
02:06कि शायद 2026 या 27 में उन्हें वहां की संसद में महाभयोग का सामना करना पड़े
02:12यह हो गई एक बात अब दूसरी बात यह है कि इंडिया रश्या से तेल खरीदता है
02:17सही बात है हम खरीदते हैं हमारी जरूरते हैं
02:21इसमें समस्थे इनको यह नहीं है कि हम रश्या से तेल खरीदते हैं
02:24जिस पैसे का इस्तेमाल रश्या यूकरेन युद्ध में करता है
02:28इनकी समस्या ये है कि भारत का उत्थान कैसे हो रहा है
02:31भारत आगे कैसे बढ़ रहा है
02:33अब ट्रम्प के साथ एक और चीज़ है इनको शुरू में लगा
02:37कि पहले हमें भारत के साथ संबंद सही रखने चाहिए
02:40लेकिन अगर आप इसकी टाइम लाइन को समझेंगे
02:42जैसे ही पाकिस्तान में ये खबर आई
02:45कि पाकिस्तान में भी आईल निकलने वाला है
02:49समुद्र में खोड़ जारी थी
02:51बहुत बड़ा तिल का भंडार मिला है
02:52उसके बाद से टरम के सुर्ट थोड़े से बदल गए
02:55और उन्होंने लाइन और लेंथ
02:57चेंज करके पाकिस्तान के पालें बैठ गे
02:59अब इस पर आप देखेंगे
03:01कि जब से इनोनों शपतली है
03:03तब से ये भारत के खिलाब कुछ न कुछ अंटशंक्ट बोले जा रहे है
03:12जिसको लेकर इन्हें लगातार
03:14पूर्व एनसे जैक सुलिवन, पूर्व एनसे जॉन बॉल्टन
03:18दोनों ने ही इन्हें चेताया है कि ये आप बहुत गलत करें है
03:21भारत है को बढ़ती हुई ताकत है
03:23और सबसे बड़ी बात कि हमारे उससे संबंद अच्छे रहे है
03:26भवेश में हमारे संबंद और अच्छे हो सकते हैं
03:30जबकि पास्ट में हमारे संबंद थोड़े से गड़बड रहे है
03:32लेकिन भारत की इस वक्त हमें जरूरत है
03:35तो काउंटर चायना अब इसके परिणाम क्या होंगे यह वक्त बता है फिलाल हमारे साथ है दो और गैस्ट जो चुके हैं हमारे साथ दिनेश नैन जी जूड रहे हैं रच्छा विशेशक गया है सर आपका बहुत स्वागत है वन इंडिया पर इसके साथ ही अरविन सिंग्ट
04:05सवाल तो यह है कि टरम बार-बार ऐसा बोल ही क्यों रहे हैं जहां तक डोनल्ड टरम की बात है कुछ समझनी पड़ेगी एक तो उनका बड़ बोला पन जो है वो अनकंट्रोल्ड है ना सिर्फ भारत पाकिस्तान की युद्ध के बारे में ना सिर्फ भारत अमरीका के रिले
04:35पड़े-पन से परेशान है कि कभी बोल देते हैं पणारे हमारा है कभी बोल देते हैं ग्रीन लांड हमारा एक कुछ भी बहल सकते हैं अ're डिकत ही आ रही है कि वह बिज्नसमेंत के तो वह जिस महौल में बड़े हुए हैं उसमें जमीन
04:52आप जब भारत के साथ बात करते हैं या मोदी जी के बारे में बात करते हैं तो जाहिर बात है कि
05:07एक बिजनसमेन की तरह बात करते हैं, वो उसने हैं भारत एक प्रॉपर्टी है, और कोई भी रियल स्टेट डिलर क्या करेगा, पहले प्रॉपर्टी खरीदनी है उसको, उसकी कीमत को थोड़ा कम करने, उसको कीमत को हलका करने की कोशिश करता है, अब देखिए, वो कहते हैं,
05:37तो ठीक है, मितरता दिखाई आ रही है, लेकिन उनका जो कहना है कि मोधी मुझे खुश करने की कोशिश कर रहे हैं, ये दिखाता है कि उनमें राजनितिक गहराई नहीं ही है, जो भी विदेशनिती का कोई कलाकार है, या पॉलिटिकल साइंस का विद्यारती है, इसको सुन
06:07है कि इसमें कि हमारा एक डिप्लोमेटिक लैग है, कहीं हम चूप गए है, कि हम सिर्फ एक ही पार्टनर शुरू से लेकर चले हैं, इन तरम्स अब बिजनेस, बड़े बड़े पार्टनर की मैं यहां पर बात कर रहा हूं, जहां पर आप अपना माल बेच सकते हैं, क्योंकि
06:37ताकि हम ज्यादा से ज्यादा अपना बिजनस बड़ा सके, बात तो सही है सितार्ची, जो आपने कहा है, पर इसके पीछे हमें फोड़ा सा आत्म चिंतन भी करना होगा, क्योंकि हमने एक तो जो आर्थिक सुदार है, वो दस साल बाद में शुरू की, आज दिन में भी मैं �
07:07इसके बारे में अगर आप थोड़ा सा डिटेल में बता सकें, ताकि हमारे दर्शकों को आसानी से समझ में आए कि हम कहां चूके हैं और आने वाले वक्त में हमें क्या करना है, बिल्कुल, दरसल भारत कि एक डेमोक्रेटिक कांट्री है, तो यहाँ जब भारत में आर्थिक
07:37नाम क्या होंगे, अच्छे होंगे या बुरे होंगे, उसका फाइदा पूरा पूरा चीन ने उठा है, उसने रिस्क लिया, और आज वह पूरी दुनिया की अर्थ व्यवस्था पे कपच्चा कर रहा है, वहां पर भी जहां भारत का वर्चिस हो था, जिसमें अफ्रिका का
08:07कि आज पीम मोदी साहब का अफमान नहीं हो रहा है, इसके साहरे वो पूरी दरसल भारत की जंता का अफमान कर रहे हैं, जब वो सर कह रहा हैं, तो केवल मोदी साहब की एक छवी नहीं उबर रही है, उसके पीछे एक गिड़ गिड़ा था, इंडियन जो की अमेरिका में अ
08:37बच्छे हैं, वो चीन में जाके स्कील सिखें, क्योंकि यह जो एलिक बच्छे हैं, जो मेडिकल साइंस या इंजिनिरिंग या वो सब पढ़ाई करने के लिए अमेरिका जाते हैं, वो केवल अपना खुद का फाइदा देखते हैं, पर अगर चीन में सस्ती टेक्नलोजी, क
09:07अगर यह जाएगी, अगर हम अमरीका से पूरा पूरा पूरा पंगा लें, तो भारती अर्फ या वस्ता पे कितना असर पढ़ेगा, अमारी जो जीडिपी है, एक प्रतिशत से लेकर डैट प्रतिशत तक कम हो जाएगी,
09:36हम वो बरदास कर लेंगे, पर इंदिराजी को याद कीजिए, जिसमें उन्होंने नर्टरस इंजी को डाटती हुए कहा था कि तो मेरा वो डिप्लोमेट है या कि वो अमेरिकन प्रिजिडेंट का डिप्लोमेट है, और उसके बाद में भारत ने केवल रूस की मदद से जिस
10:06दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि भारत में जो ब्यूरोक्रिसी है, ये ब्यूरोक्रितिक फाइडल के कारण हम विकास नहीं कर पा रहे हैं, यूपी एस्टी के जरिये जो जिन ब्यूरोक्रेट को हम सलेक्ट करते हैं, न तो उनको नीती बनाने का होता है क्योंकि उनकी �
10:36स्वामी नाथन साब हो, अब्डूल कलाम साब है, जिन्होंने मिसाइल टेक्नलोजी दे, ये सारी वो चीज़ें हैं, जब हमने, या मनमौन सिंग्जी साब जो खुद एक एक एकेडमीशन रहे हैं, शुराती दोर में, तो यह सारी जो चीज़ें हैं, उसके आधार पर हम य
11:06पर रखना चीए, आज भी मैं मानता हूं कि भारत जो है, वो सेमी फ्यूडल कंट्री और इसलिए अमरीका जैसे कैप्टिलिस कंट्री हमें आख दिखाने के लिए पयार लिया, केवल मोदी साब का अप्तान देना, रस्ट अप्तान है, अर्विन सर, हमारे साथ बातचीत मे
11:36देखें, वैबव घातक स्वाल ट्रम्प का, मैं निजी तो उसके व्यक्तित पे नहीं जाओंगा, लेकिन अगर वैश्विक तरीके पे देखा जाए, जियोक्रोटी के लिए देखा जाए, तो बख्ष किसी को भी नहीं रहा, उसके दिमाग में सिरफ एक की चलरी है, उसका
12:06उसके देश के लिए जो करना चाहरा है, मैं समझतों कहीं न कहीं, आप उसमें ट्रम्प को थोड़ा बहुत तो प्रेडिट दोगे, दोगे, वो ठीक बात है, ट्रम्प क्या चाहरा है, एक तरफ से शुरू करते हैं, यूक्रेयन वार्ट, ट्रम्प ने रश्य को पूरा कट
12:36पूरे उरोप को अकेला क्यों छोड़ने जा रहा है? यहाँ पर अमेरिका चाहता है, कि रॉच्या भी कमजोर हो जाॹे और पूरा यूरोप भी कमजोर हो जायी तो डिपेंडिनजी कहें जाएगी? buyer Government, वए, टीप स्टेट तो इसमें आप डॉनल्प को गाली देने से रह स
13:06लेगा वो पका लेगा ग्रीन लेंड को नहीं छोड़ेगा क्योंकि आर्टी कोशन के अंदर जितना ज्यादा भंडार है खनीज भंडार है तेल है वो पीछे नहीं रहने माला अमेरिका तो ड्रॉलर्ड ट्रॉम्प क्यों पीछे रहेगा
13:31इस लियाद से देखें तो अगर ट्रॉम्प के दावे को सही मालने तो उसमें तो वो कैनेडा को भी ले सकते है ले सकते हैं लेकिन इतना आसान नहीं है ना कि उठाकर जोड़ में रख लिया
13:45सिच्वेशन कैसे बदलती है वेनेजवेला के बारे में हमने एक महीना पहले सोचा था क्या वेनेजवेला अलग चीज है केनिडा अलग चीज है
13:53वेज़ारत में आपकी बात से सहमत हूं वट मैं क्या कहना चाहरा हूं कि इस आइडियो लोजी जब तक आप विचार नहीं रखोगे तो काम कैसे करोगे
14:02वो तो सोच के चल रहा है ना अब हम भारत पर आ जाते हैं यह बात सच है कि भारत ने रशिया से तेल में कटोती की है पिछले दिनों
14:11लेट्स बेरी ओनेस्ट अबाउट अर्सेल्फ हम ओनेस्ट नहीं होंगे तो हम दुनिया से नहीं लड़ पाएंगे हमने सोचा था इस बात से यह हमारा एक डिप्लोमेटिक मूव था कि इस बात से शायद यह जो डॉनल्ड ट्रम नाम का व्यक्ति है इसकी एगो ठीक हो जा
14:41आसिम मुनीर दूसरा अफगानिस्तान हो चाहिए इरान या मिडल इस्ट इसके अंदर अब देखिये ना हमास के को कंट्रोल करने के चक्कर तक में आसिम मुनीर को फजा के बैठ गया हो वो नहीं चोड़ रहा और ठादा था कि चाहिन ना उससे नराज हो जाए वो हो रहा ह
15:11जैसर मुझे यहां पर यह समझाए कि हम जो कहते हैं करने वाले हम यह करने वाले हैं इन सब के बीश को यहां मिए अदमी हमारे
15:19हम यह करने वाले हम वह करने वाले हैं. इन सब के बीच को इया आदमी हमारी एक साल से
15:24पर बेजदाती किये जा रहा है और अम तब दैखे जा रहे हैं? क्या आपको नहीं लगता कि हमें चायना की तरह
15:29लेना चाहिए कि आप पचास टेरिफ लगा रहे हो तो हम सो लगा रहे हैं आप सो लगा रहे हों देड़ सो लगा रहे हैं अब देड़ सो लगा रहे हैं कि अर्विन जी की बात पर आऊंगा उन्होंने पॉइंट बोला कि चाइना स्ट्रोंग हो गया चाइना अपने आप स्�
15:59नब भंभाने करने गाspe Aug
16:09हमारे रिलेशन अलग से अमेरिका से हमारे रिलेशन एच्छे नहीं था हमारे हमारी साइड में रूमस था वो पाकिस्तान की साइड से खेल रहा थह या
16:17लेकिन चाइना बढ़ा कैसे आगे यही तो मेन कारण था उसका और चाइना ने वही चाइना इतना स्ट्रॉंग हो गया कि इसके लिए खुद के लिए मुसीबत बन रहा है और वह आप क्या चाता है इंडिया उसका काउंटर करें लेकिन प्रॉब्लम कहां आ रही है पिछले 10
16:47जब हम बात कर रहे हैं साथ अफरिका रश्य और चाइना एक कठे कर के देश नहीं पर इंडिया का अपना कुई स्टेंड मुझे क्लियर इसमें नहीं दिख रहा है हम एक तरह से हाथ खड़े करके खड़े हुए हैं कि जो हुआ हमने देखा नहीं है
17:17अब क्या अब लास्ट लास्ट मेरा पॉइंट यह है सिदार्थ वेरेजवाला के उपर जो भी कुछ हुआ हंड़ेड बिलियन डॉलर्स चाइना के थे परबाद हो रहे हैं जो रश्य का पूरा का पूरा अभुका नहीं क्यूबा से लेकर वेरेजवाला तक का अब तक किस
17:47हिम्मत कर पाया उन लोगों ने कम से कम खुलकर क्रेटेसाइस तो किया हम लोग इसे स्टेट में अभी नहीं है कि हम क्रेटेसाइस तरपा रहे हैं ठीक दंग से रश्य को अपनी पब्लिक को भी बागियों को कुछ बोलना है चाहिए वह अपने वह भौपू अखबार के थ
18:17नहीं है क्योंकि वर्ल्ड की जो लार्जेस्ट नेवल फोर्स है वह अमेरिका के पास है रश्य चाइना दोनों मिला लो तब भी उसको काउंटर नहीं कर सकते आप जी जी सिदार्थ मैं ही प्यारा था पॉइंट पे अगर आप इस बात को सहमत हो कि आपकी पावर कहां है मै
18:47ब्लॉक नहीं की गई और किसने ब्लॉक की हम ही लोगों ने हमारे ही आइटी के भाई बैठे हैं वापे इंडियन्स बुला लो सबको वापिस
18:57अर्विन सर आप से एक सवाल है क्या इंडिया के पास इस वकट कोई काउंटर है डोनल्ड ट्रम्प के लिए क्योंकि जिस तरह से बार-बार इतना खुलकर इंसर्ट हो रही है या वो नीचा दिखाने की कोशिश कर रहे हैं जवाब में हमारी चुप्पी अब काफी नहीं �
19:27बचकाना था जहां बचकाने के नाम पर वह दस बारा पंदरा पचास बार बयान दे चुके हैं और कब तक बचकाना समझकर इन चीजों को टाला जाता रहेगा
19:39बिल्कुल सिधार्ची मुझे लगता नहीं कि भारत की तरफ से कोई प्रतिक्रिया आएगी जो हमारी डिप्लोमेट से विदेश अंचाले अभी इस समय चुक बैठना पसंद करेगा और रेत को जमने देने की कोशिश करेगा और पानी जो गंदला हो चुका है उसे साफ करन
20:09जो अदब था और वो पूरी जो चीज है वो बताती है कि वह वाकिए एक ग्रेट डिप्लोमेट थे जो टोनाल ट्रफ साब को इसलिए में बचकाना कह रहा हूं कि उनमें वह मैचूर्टी नहीं है वो बीच में कूट पड़े जब वो कह रहे थे कि भारत ने अभी टैरिफ
20:39देगा मुझे भी यहां बहुत बुरा लग रहा है और इसका यही नतीजा है कि तुरंट प्रतिक्रिया देने की बनिस्पत क्योंकि भारत तो उस इस्तती में ही नहीं जैसे कि अभी नहीं साथ सर यहां पर आपने हैंन्री किसिंजर का जिक्र किया है कि वह बहुत सफल डि�
21:09ज्यादा है फिर हम क्यों इतना सरेंडर करके घूम रहे हैं बात तो सही है क्योंकि जब तक हम अगर हमारी देखिए विदेश निती ऐसे हैं अवा में तो चलती नहीं है जी अगर पैसा नहीं होगा तो विदेश निती कैसा है चीन को काउंटर करना चाहता है आपके पास स्
21:39जो वहां बैठे हुए थे तो वो कर क्या रहे थे सारे आपके अवेस अगरा उन्होंने उन सरकारों से कोई समवाद कायम नहीं किया कि आपको यहां से पूरे को पूरे दल के दल बेजने पड़ रहे है हर एक देश च्ठों में अलग अलग राजनितिक दलों के तो यह तो ह
22:09हमारी विदेश नीति को लेकर ना पिछले एक साल से जो बबल बना हुआ था वो मुझे फूटता हुआ दिख रहा है हमारे नेवर हमसे खुश नहीं है पड़ोसियों से हमारे जगड़े हो रखे हैं हमारे पड़ोस में तख्ता पलट हो जाता है हम मूह देखते रह जाते ह
22:39विदेश नीति मानते हैं के इंडियन डायस पोरा आकर जंडा लेकर और नारे लगाता है तो आपी के साथ हूं और मुझे हां कहना पड़ेगा
22:59जी वेबल जी जी देवना सर के पास चलेंगे यही सवाल जो सिद्धार जी ने पूछा है हमारे विदेश मामलों की नीति जो है वो कैसे सफल या सफल हो रही है देवना सर एक सवाल मेरा और भी है मोदी जी बड़े वैस्टिक नेताओं के साथ अपने निजी रिष्टे भ
23:29आपने युद्र रुकवा दिया ऐसा तो कुछ है ही नहीं
23:31मोदी जी जो है वो भारत की राजनेतिक राजनेतिक जो परिपेक्श है उससे ज्यादा प्रभावित रहते हैं
23:44किसी भी डेमोकरेटिक कंट्री में खास्तोर से डेवलोपिंग डेवलोपिंग educación डेमोकरेटिक थनी में एक मजबूरी होती है
23:52कि मोधी जी जब भी कुछ कहते हैं तो उसका कंजीमर पेस जो है वो भारत के वोटर्स हैं । तो जाहिर बात है वो दिखाना चाहेंगे भारती involve पक्ष को और जैड़र्स के वह महान है यह जो धर
24:13ये सभी डिमोक्रिटी देश में करना पड़ा है ये सर्फ माहौल बनाने के लिए किया जाता है और अभी तक वो फोटो डालते हैं डियर फ्रेंड्स बोलते हैं इन सब कोई औचित नहीं रह जाता है जब रिजल्ट इस तरह के सामने आते हैं
24:29बिलकु सिधार जी और देवनासर जैसे की च्छवी वनी हुई है पीम मोधी की आपने खुदी कहा कि दोनों ने तक खुद को महान बनाने पर लगे हुए हैं तो ऐसा लगता है आम भारतियों की उमीद तो ऐसी होती है कि मोधी जी फोन उठाएंगे वाइट हास मिलाएंगे �
24:59देखिए मोधी जी भी भारत के प्रधान मंत्रियें गुजरात से आते हैं वह भी ऐसे राज्ये से आते हैं जहांके लोग बहुत अच्छे व्यवपारी होते हैं
25:10हिस्टोरिकली गुजरात राजिस्थान यहां पर सब ने सीखा है कि भैसे को सिंग से नहीं पक्रड़ना
25:29अपना वहवार करते हैं तो वहां उनको ऐसा तो नहीं कहूंगा कि नाराज नहीं करना चाहते लेकिन मोधी जी डोनल्ड टरम को डेफिनेटली दवाब में डालना नहीं चाहते
25:40क्योंकि यह समझना पड़ेगा भारत की इस्तिरी थोड़ी सी अलग है हम अमरीका के साथ इतना ज़्यदा घुल मिल चुके हैं हमारी अर्थवर्फस ता अमरीका के साथ इतनी ज़्यदा घुल मिल चुकी है कि अमरीका को अगर जुकाम आ जाये तो हमें बुखार आ जाता ह
26:10दो साल बाद चार साल बाद अमरीका जाना है एक सोशल ताना बना कुछ है मैं इंडियन एरफोस में था अब देखिए एरफोस कितनी ज्यादा अमरीका के साथ घुल मिल गई
26:40एरफोस में हमने एक जमाना था रशियन ट्रांस्पोर्ट जहाज होते थे एन 12 होता था सर सर इस पर टेक्निकल एस्पेक्ट पर नहीं जाएंगे मैं नैन सर के पास जाना चाहूंगा नैन सर यह बताई है कि इस से पहले किसी प्रधान मंत्री किसी राश्रपती की इतनी जाद
27:10हैं या मेरे दोस्त बोलके जिस तरह से मुझे खुश करना चाहते हैं मुझे इस तरह का कोई पुराना इस टाइप का रिलेशन नहीं दिख रहा है इंडिया का किसी और देश के साथ इस पर आपका क्या टेक रहेगा कि कितने ऐसे प्रधान मंत्री हो जिनकी इस तरह से इंस
27:40देशों की रिलेशन की बात है पूरी तरह से अग्री करता हूं सर तो जहां तक सवाल पॉलिटी के लिए हम देखें इस चीज को तो संबंद जो हैं इंट्रेस्ट पर बेस होते हैं मेरे वैबार पर या मेरे विचारों पर सिरफ वह बेस नहीं करें अगर मेरे को आज कुछ
28:10बेता है कि आग Newton JeoPolitically वह चायना से उसको अलगा लूफ करना चाहता है
28:14वो नहीं चाहता कि चायना उसके साथ में रहे लेकिन अभी तक तो यह लग रहा था कि पाकिस्तान ने उसके रूचि लिए है क। कि उसको अप� Braun scientist
28:22में तालिबान से लड़ना है और पाकिस्तान की मदद चाहिए होगी आप कौन सा पाकिस्तान में हिद देख रहा है अमेरिका तालिबान से लड़ना नहीं है उसको तालिबान से उसको रियर अर्थ में रियर चाहिए ने पहले अगर जो बात चलती थी उसको लेकर में बोल रह
28:52जालते हैं पोलिटिकली चाहिए वो डॉनल्ड ट्रॉम्प हो या दूसरी डिपॉब्लिकेंस या डिपॉक्रेट से के ऊपर बट देखा जाये तो अमेरिका वहां से निकलना ही चाहता था
29:00वहां से निकलना चाहरा था और 23 ट्रिलियन डॉनलर का एक तरीके से उस टाइम पे और अभी तो बढ़ चुका है इन लोगों का डैट हो चुगा था
29:17अब अमेरिका ने क्या डिसाइड किया कि हम इतना पैसा खर्ट कर रहे हैं चाहे हम इसके जो पैसा के नाम पर कर रहा है उसके एवज में उसको मात से कुछ हासिल हो रहा है की नहीं
29:38जैसे कि मैंने आपको बोले इंट्रेस्ट विच मैटर्स तो अब की तारिक में डोनल्ट ट्रॉम्प की कोई भी आप बात देख लीजेगा जिस भी देश के बारे में या जगे के बारे में वह बात कर रहे हैं
29:47मैं आपके बताना जाऊंगा कि उसका इंट्रेस होता है या यहां में आपको रोखने जाऊँगा जैसा
30:08आप में गाय कि Pakistan वो उनका इंट्रेस्ट है ठीक बाते महां लेते हैं लेकिन ये कैसा है कि Pakistan
30:14चाइना को भी संबाल रहा है चाइना अमेरिका को भी संबाल रहा है और हम इन दोनों को खो
30:20देखिए हमारे कुछ हमारे कुछ ना प्रिंसिपल्स है जिसमें से अभी एक ठार ये लेके हम चल रहे हैं कि जिए पोलिटीकल हम स्ट्रीजिक और अटौनाविकी बात करते हैं कि स्ट्रीजिक यह नहीं हम अपने सोनेगे भारत भारत वो करेगा जो भारत के लिए उसको अच
30:50किसी ग्रूप का हिस्सा नहीं रहे कभी और उसी का शायद हमें वक्त वक्त पर खाम्याजा उठाना पड़ा है कभी अक्साइच चीज़
30:56पॉइंट है एक पॉइंट करें तो विद्धा जी जी जी जी जी वी आप टू अवर सेल
31:01इंडिया लाजर का टेस्ट में बात कर रहा हूं कि हमारी पॉलिसी जो हम बता रहे हैं दुनिया को या जो हम अपने आपको भी बता रहे हैं
31:22we have to be very honest with that जब तक हम खुद के साथ honest हो करके नहीं कर पाएंगे नहीं हम सही action कर रहे हैं तो this action
31:30has to be taken care of now अगर आप realize करते हैं कि हर जगे आपकी थूतू हो रही है
31:34internationally आपार कंट्री कि मैं पर फिर नहीं जाओंगा because for me whether it
31:40is BJP or Congress does not make a difference as a defense personnel for me government जो बैठी है
31:46वो in seat के उपर वो हमारे लिए matter करते है कोई किसी की भी क्यों ना हो तो भारत की स्थकार है उसको यह बात को ले
31:52के चलना पड़ेगा सोचना पड़ेगा अब कि आप भौत हो गया now geopolitically we have to think inside
31:59अर्विन सर से एक सवाल है जो विनाय मुहन को आत्रा है हमारे ambassador है यूएस में ये क्या कर रहे हैं सर येतने साल से वहाँ पर है इतना लंबा टाइम वहाँ पर ये दे चुके हैं उसके बावजूद भी इस तरह एक रिजल्ट सामने आ रहे हैं और पता नहीं सरकार क्या बा
32:29आगे जब भी इत्यास उठाया जाएगा, कहा जाएगा
32:31कि विनाय मुहन कौात्रा माँ पर
32:33अमबेजडर थे और तब ये सब हो रहा था
32:36ऐसी बुरी जो हालात है बहुत सारे
32:41अमबेजडर्स के साथ आई है, चीन में जब
32:43अमबेजडर्स थे और
32:44लेकिन चीन सुभाई शाम ये तो नहीं बोलता ना
32:49कि वो मेरे सामने सरसर करके बात कर रहे थे
32:52या वो मुझे खुश करना चाहती है, अस तरह है कि
32:54शब्दावली का इस्तमाल नहीं करता, अमूमन
32:56कोई भी देश नहीं करता
32:58सिदार साथ, देखिए
33:00या 71 में
33:03जब महता साथ थे तो उनका बहुत
33:06अपमान चनक तरीके से वहांसे है
33:08उनकी पत्नी रमा जी
33:09और उनको बहुत ही वहांसे
33:11बेज़द करके बगाया गया था रमा जी से
33:14तो मैं खुद मिला, बाहर आए
33:16कार तक नहीं थी, वो लोग नंगे पाउँ
33:18पैदल पैदल जाके आए, इतना अपमान तो अभी अमरिका ने नहीं किया है, जितना चीन में हुआ था, 71 के वार में, तो होती है, बुरी हालत होती है, गांधी चीन ने भी अपमान किया था, अमेरिका का, और जब अमरिकन प्रेजिडेंट बार बार उने बोला रहे थे, तो
33:48और वहां के प्रेजिडेंट ने जब कहा, तो बहुत ही अफमान चनक पत्र लिखे में, उसका जिक्र नहीं करना चाहता, और बार लेकिन अभी जो गालियां पढ़ रही है, अभी जो लानत मनानत की जा रही है, वो नहरू जी की नहीं की जा रही है, मैं कह रहा हूँ, मैं �
34:18पता नहीं कब हम दुबारा अपना पाएंगे, और एक और बात सितार्ची अगर आप इजाज़त दे तो कहना चाहता हूँ, आपने जो नौन अलाइमेंट मूवमेंट की जो आलोचना की ये, मैं समझ सकता हूँ, हमने कश्मीर खोया है उसी कारण, और बहुत सारे नुक्स
34:48रूस नहीं बचा है, रूस में, और क्या करते हैं, आजादी के बार में सार व्यापार खत्म करते हैं उन देशों के साथ, वो पता नहीं सर, लेकिन कई बार मुझे इस चीज़ की जब भी मैं इंटरनेशनल अफेर्स को पढ़ता हूँ, या हिस्ट्री को पढ़ता हूँ, �
35:18सर के पास सलते हैं, सर एक आखरी सवाल होगा इस बातचीत का, अभी सिधार जी बात कर रहे थे, अभी नैन सर ने भी बात कही, जनूरी दोहजार पचीस में जब ट्रम्प दूसरे कारकाल के लिए वाइट हाउस पहुशते हैं, तो क्या उस वक्त हमारे द्वारा कोई कू�
35:48क्योंकि पाकिस्तान का इस्तिमाल करके वो चीन को काउंटर करना चाते हैं, और वो कोशिश कर रहे हैं अमेरिका की पाकिस्तान पुरी तरह से जाके चीन की गोदमेना बैट जाए, देखिए जहां तक जनूरी 2025 की आप बात कर रहे हैं, मोदी जी अगर दो वाके बोल देते
36:18को आया, तो शायद एक कुटमितिक भूल हो गई, डोमिस्टिक ओडियन्स को खुश करने के लिए हमने ऐसे कह दिया कि अमेरिका का कोई रोल नहीं था, पारलियमेंट में भी मोदी जी ने जाके बोल दिया कि किसी भी देश के किसी भी निता ने ऑपरेशन सिंदूर रोकने
36:48हमारे हाँ जो रूलिंग इलीट है, या जो सत्ता में जो लोग हैं, उन्हें लगा कि अगर हम इसको मान जाते हैं, डोनल्ड टरम के दावे को, तो भारत में बहुत कुर्किरी होगी, विरोधी पक्ष को एक बहुत बड़ा हतियार मिल जाएगा थुदू करने का, तो डिप
37:18बातों को संग्यान में लिया है, उसके बाद भारत ने अपना डिजिजन खुद दय किया है, यानि हम थोड़ा सा क्रेडिट, 15% क्रेडिट डोनल्ड टरम जेडी वान्स को दे दी, अगर आज भी मैं बड़ा हैं, देवना सर, वो क्रेडिट पर ही नहीं रुकने वारे थे,
37:48सबसे पहले दोड़ के ट्रॉफी ले ली इस पीस प्राइस वाले कहानी पर, भारत ने हमने डोनल्ड टरम का सबनर्ता नहीं किया, लेकिन एक ऐसा बयान जो की बीच का रास्ता है, दे सकते थे, मैं आपको बताता हूँ बयान क्या होना चाहिए था, डोनल्ड टरम गेटिं
38:18पतलब हम रिकमेंड नहीं कर रहे हैं, हम बोलते कि अगर उनको डोनल्ड टरम को नोबल प्राइस मिलता है, तो भारत को खुशी होगी, यानि हम रिकमेंड नहीं कर रहे हैं, एतराज नहीं जिता रहे हैं, लेकिन सर अगर हम ऐसा बोल देते हैं, और इसके कुछी दिन बा�
38:48अमरीका को नहीं पकड़ सकते, इरान की बात आप कर रहे हैं, इरान से तो अमरीका ने हमें 2018 में काट दिया था, जब 2018 तक हम इरान से कच्चाते ले थे थे, सस्ते में मिलता था, नहीं सर, मेरा ये कहना है कि जिस व्यक्तिकों नोबल शांती प्रुसकार दिलवाने की बात क
39:18करते हैं, शीजिंग पिंग को हमने कभी क्रिटिसाइज नहीं किया, वो गलवान में गुसा है, 70 बिलियन डॉलर का वैवपार था, आज की तारीक में वो बढ़के 120 बिलियन डॉलर हो गया, भारत सरकार का P.I.B. का स्टेटमेंट है कि हम वैवपार चीन के साथ बढ़ा कर 180
39:48अशं加ते हैं, असंभव का से Understand, देखिए हमारी पुरी की पुरी विदेशनलिती है तो सोचें तो हमारे बेस्ट ड प या डिफ़ा जाते हैं पस्चीमी डेशों में जाते हैं, हमारे जो सेकिन बेस्ट डिफ्लोमेंट हैं वो कंश्रों में जाते हैं, यह हमें भूलना ने च
40:18तो यह यथार्थवादी situation है, मैं फिर से छोटी सी बात कहूंगा, Indian Air Force, Indian Army, Indian Navy को पुरी तरह से हमने अमरीका के हाथ बेच दिया है, अभी Apache helicopter की बात हो रही थी, अभी हम Tejas बना रहे हैं, बाद में Tejas 2 बनाएंगे, AMC, सब में American engine लग रहे हैं, एक बार हम Tejas 1, Tejas 2 उड़ाएं
40:48खुश रखना पड़ेगा, जी, तो सब कुछ सहते जाएंगे, मतलब फिर हम, अभी हाली में पांच देशों की अफ्रीकी यात्राओं से, और डिप्लोमेट से मिलना हुआ, तो मुझे अंदाज है, तो वहाँ पे जो सबसे जो परेशान लोग हैं, वो हैं, और इसलिए वो
41:18करता हूँ, कारण यह है कि वो जिस तरीके से कहने, उसी तरीके से भारत में मना ही की थी, कि वो नहीं है, काफी सॉफ्ट ले जा था, जो मोधी साब ने कहा, कोई ऐसे घमंड में नहीं कहा था, और यह कहना इसलिए जरूरी था, कि अगर हम यह मान लेते कि उनकी मदद थी,
41:48नहीं करना था, जो किया, वो एतना बिल्कुल ठीक किया, मुझे जहां तक लगता है, वैवाव जे, लेकिन दिवना सर का यह कहना है कि थोड़ा बहुत तो कर सकते थे, वो 15% की बात करें, वो पूरा देने की बात नहीं करें, उतना ही किया, जितना करना चाहिए था, उतना
42:18करें गर, ऑपरेशन्स हिंदुर चल राहा है तो माल्दीर, मोहिजी भी हमसे सलाह मशरवा और सकते हैं, बाटचीत कर सकते हैं, इसमें शरम की कोई बात नहीं है, अगर ऑपेशन
42:26से ह�िए हिंदूर चल रहा है तो छोटा सादे्श स्रीलंका उनके पृदान-матरीं मर्ट स shit
42:34यह नहीं बोलेंगे कि हम उनके दवान में आके उनके इंफुलिएंस में यह कि करोemaker ने आ
42:35नवाब में आके उनके influence में आके रोका हम सरिफ इतना बोल सकते थे अभी भी बोल सकते हैं अमेरीका से जब discussion हुआ तो अमेरीका ने अपना point of view रखा भारत सरकार ने अमेरीका की बात को
42:51cognizance लिया माना नहीं लेकि क्या होता है किसी भी सला मशवरा में अगर आप सला और मशवरा कर रहे हैं तो इसका मतलब नहीं कि decision वहां से प्रेरित हुआ है
43:07डिप्लोमेटी साहब ने यही कहा था और कहा था कि हमने दूसरे देशों के रास्टे द्रक्षों से भी बात की थी और अमेरीका से भी अमारी बात हुई है
43:16जैसे सामन ने बाच्चित होती है
43:17अगे क्या होगा ट्रम का तीन साल का कारकाल भी बचा हुआ है क्या वो दोजार नतीस से पहले रूखेंगे तीस से पहले या फिर अभी भी वो चलते रहेगा उनका दावा
43:34ट्रम फिलाल भारत को दुश्मन नहीं समझ रहें नहीं उन्होंने ऐसा कुछ बयान दिया है भारत विरोधी बयान अभी तक उन्होंने दिया नहीं है
43:44अभी भी कहरें कि मोदी मेरे मित्र है शायद समय आ गया है कि हमें ट्रम्प सहाब को हैंडल करते वक्त खुश करने की जुरुवत नहीं है लेकिन पीट तो सहला ही सकते हैं जी जी नेन सर आपकी प्राथिक रिया इस पर
44:01कि अधर डिपलोम डिपलोमेट तो मैं नहीं हूं ने भी टट कमेंड रों डीपलोमेशी बट वट आ वोड लाएक तो से इस के इंटरेशनल रिलेशन्स जो है वो इंडिविजुल परसंटेटीज के ओंपर डिपेंड नहीं होने चाहिए वो कंट्री के इंट्रेश्ट पर
44:31और तीसरा हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि हमारी मजबूती क्या है भारत के अंदर आज जो पॉपलेशन ने पूरी दुनिया में सबसे जादा है इसके पास सबसे जादा यूद की फोर्स है इसके पास सबसे बड़ी मार्केट है और यह जो पॉलिटिकली आज की तारिक के
45:01उसको दिखान में रखते हैं हम जो अपनी इंटर्नल जो हमारी प्रॉबलमस है चाहिए हम अपने आपको फोर्थ एकोनमी पॉल रहे हैं लेकिन ग्राउंस पे फिल नहीं हो रही चाहिए हम अपने आपको एक बड़ी सेना बोल है इस Gefंट के उपर हम उसमें अगनी वीर समि
45:31लिए बहुत रहोवे विश्व की निर्मान होगा।
45:58जी चलिए आप तीनों का इस बात्चीत में शामिल होने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद और आज तरकश में बस इतना ही और भारत और अमेरिका के रिष्टे कैसे हैं जग जाहिर है ट्रम जो ब्यान के रहे हैं अगर इस महिने को भी हम काउंट करेंगे तो सैतिस और ये घ
46:28इसमें भी हमारी इस्तिती जो थी सेना की बहुत अच्छी थी लेकिन नेरेटिव ऐसा गड़ा गया जहां पर हम चुक गए ऐसा बहुत चरह पर कहा गया सुना गया लहाजा हमें अब अपने हिसाब से ये गेम खेलना पड़ेगा एक अपना खुद का संगठन खड़ा करना
46:58धन्यबाद और आप बाकी की दिनिया की खबरे जानने समझने के लिए देखने के लिए आप बने रहे हूं इंडिया पर
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