00:00पुराना और भूत पुराना जो ये धरवर है इसको उस समय की जब यहां बहुत ही जादा पानी को लेकर रेके प्रेशानिया थी तब यहां के राजा ने इसको बनवाय था आज ही जो नोकायन इसमें हो रहा है और यहां पर कई तरह की अब पेजल की सुविद हैं चाहे वो ह
00:30नोकायन करके और इसका आनन्द ले रहे हैं इन धरवरों की निश्यत रूप से जो रख रखाऊ और इनका संधारन होना चाहिए ताकि यह हमारी आने वाली जासत है और इनके बारे में सभी यहां आने वाले टुरिस्ट को खुभी एक आनन्द आता है इसमें इसको नोकायन
01:00दिश्यत रूप से वो आज इसका आनन्द यहां के तुरिस्ट भी ले रहे हैं और इस संस्कृति को हमें आपस में सफाइक की स्वच्चता का ध्यान रखते हुए इसको धरवर को हमें रख रखाऊ में ध्यान देना है इसमें की यह कला और हमारी संस्कृति की जो पैचान ह
01:30झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल झाल �
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