00:00देखिए, बांगलादेश में जो हो रहा है, हमारे लिए सिंटा की कारण बना हुआ है, हिंडु लोगु का उपर अच्टासर दिन का दिन बाही रहा है, तो स्तिटी सिंटनिया है और उनका एफेक्ट असाम में भी हो सकता है,
00:18तो हमें थोड़ा एक हिसाब से थोड़ा सा कोसास रहना परेगा, स्तिटी को निरिक्षन में राखना परेगा, और एक बंगलादेश का हिंडु समास को हमें साहज भी देना परेगा,
00:35देखे जिहादी असाम में है और इसका प्रूव लास्ट दस साल से हम लोग को बार बार मिल रहा हूँ,
00:45अभी भी कोई होगा जो छुपा हुआ होगा, स्लिपर सेल में होगा, तो इसलिए ये सारे बात सिंटा की कारण है, असाम की सुरग्षा हमेशा एक सिंटा का बाद है और होते रहेगा, जब तक स्तिटी पूरा जियो पोलिटिकल स्तिटी का इंप्रूब्मेंट नहीं आए�
01:15केंडिल जलाने बाले और पुतले फूकने बाले ऐसे लोगों को सबक लेनी चाहिए और उनकी मुह से आवाज निकलनी चाहिए, आज जिस तरह से बंगला देश में हिंदूओं के साथ परबरता पूर्ण धंग से निर्ममता के साथ उनकी हत्या ये दुखत दुरभागप�
01:45देश में भी बंगला देशी रहते हैं, अगर जो ये बेभार उनके साथ होगा तो उनके दिल पर कैसा दर्द होगा, कोई भी देश का नागरी किसी भी देश में रहता हो, सरनार्ती के रूप में या वहाँ पर परियटक के रूप में उनका सम्मान हमारी जिमेबारी है, औ
02:15अधर्म का अपमान कराए वह धर्म नहीं अधर्म है बंगला देश में जिस तरह से हिंदूओं के बरदू निरसंस हत्याओं का सिल्सला शुरू हुआ है वो थमने का नाम निलेगा बेहत गंबीर है कि 18 दिन के अंदर 6 हिंदूओं की निरसंस हत्या कर दे गई और जो इसलामि
02:45है अभी देखिए कि किस तरह से कल भी एक ब्यापारी की निरसंस सत्या कर दी चालिस-पचास वर्स की अधेड उम्र की महला जो के विदवा थी अपने घर में थी जिहादियों ने घर में घुश करके ना सिर्फ उसके साथ गैंग्रेप किया बल खुशू जला के मार भी दि
03:15अपने घर दुकान से लोट रहे थे बाहन रोक करके चाकूँ से गोदा पेट्रोल जला के आग लगाई और इसका पॉन्र में फैंक दिया इस तरह की अनंत हत्याओं का सिलसला लगातार जारी है और इन सम्मामलों को लेकर के संपूर्ण बंगलादेश के जो तताकति मानव
03:45कि शासन प्रसाशन की दंब भरते हैं वो तताकति शांती नोबल सांती पुरुष्वकार विजयता जो असांती का सांबराज चला रहे हैं नसन सत्याएं कर बार रहे हैं और मूग दर्सक बने हुए हैं बहुत गंबीर मामला है इसको लेकर के जिस प्रकार का उबाल संपू
04:15छोड़ी बातों को लेकर के तो एर स्ट्राइक कर देते हैं लेकिन यहां जब हिंदूों की नरसन सत्या होती हैं तो पूरी तरह से चुपी साथ जाते हैं आखिरकार वो ममदानी क्यों नहीं बोलते जो सरजील इमाम और उमर खालिद के लिए अपनी जाननों चाबर करते है
04:45बंगलादेश के बाहर भी जो इसलामिक तंजीमे हैं भारत की तंजीमों की बात करो इतने बड़े-बड़े मुसलमानों के संगठन हैं लेकिन किसी के मुं में से एक सब्द नहीं निकला कि इसलाम सम्मत नहीं है और उपर से कहते हैं इसलाम सांती का धर्म है
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