Skip to playerSkip to main content
🧔🏻‍♂️ आचार्य प्रशांत से समझे गीता और वेदांत का गहरा अर्थ, लाइव ऑनलाइन सत्रों से जुड़ें:
https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita-course?cmId=m00021

📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं?
फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021
➖➖➖➖➖➖
ये वीडियो संत संरिता, 20th सितंबर - 2025 (लाइव सत्र) से लिया गया है।
➖➖➖➖➖➖
#acharyaprashant #Christmas, #MerryChristmas, #Xmas, #Christmas2025
#Jesus, #Nativity, #ChristmasMass, #Advent, #Bethlehem
#ViralVideo, #Trending, #Shorts, #Reels, #FYP

Category

📚
Learning
Transcript
00:00भारत में भी बहुत लोग क्रिस्मस मना लेते हैं पहले थोड़ी मनाते थे अब बार बार बार बार देखा देखा देखा जब क्रिस्मस आता है तो आप देखते हो बहुत लोग है जो कर लेते हैं
00:08रेस्टराण की तरफ जाहिए, मौल की तरफ जाहिए, आफिसस की तरफ जाहिए, और कुछ नद करें, वो क्रिस्मस ट्री लगा के उसके मोजा तो टांगी देते हैं,
00:15सब सुनी सुनाई बात न अब पूछो मोजा माने क्या तो नहीं पता होगा बताओ मोजा माने क्या अब पूछा जाए सेंटा क्लॉस माने क्या बहुतों को लेगा यह जरूर जीजस क्राइस्ट का कोई शिश्य रहा होगा पुराना आदमी है बहुत बुढ़ा हो गया उधरी
00:45कुछ नहीं पता, सुनी सुनाई बातें और तुक्के बाजियां, समाजिक धर्म, उधार का धर्म, सिर्फ एक चीज होती है जो उधार की नहीं होती, होती है अपनी नजर, खुद ही खुद को देखना, सिर्फ यही धार मिखता है क्योंकि बाकी सब कुछ उधार का होता है, स�
Be the first to comment
Add your comment

Recommended