00:00चोटी बच्ची ने सुना कि विमान का बाया बंक पहले ही भट चुका है और कॉक्पिट का शीशा तूटने वाला है। उससे तुरंथ समझा गया कि विमान गिरने वाला है। यात्रियों को उसकी बातें बगवास लग लेकिन इसके पास समझाने का समय नहीं है। वह अपनी
00:30पंक की आग तुरंदी बुच गई। तभी फ्लाइट पेंडेंट बच्ची पर परेशानी खड़ी करने का आरोफ लगाया। लेकिन कमांडर ने देखा कि उसके सारे फैसले बिल्कुल सहीथ अब विमान को बचाने की उमीद सिर्फ उसी बच्ची पर थी केविन का दबा�
01:00तभी कंट्रोल टावर से संपर्ग होगे। सब में राहत की सांसी लेकिन खेरानी तब हुई जब कॉक्पिट से एक छोटी बच्ची की आवाज से एक कंट्रोलर कुछ समझ पाता उससे पहले उसे मया खत्रा देए। पाइलट ना होने से विमान रास्ता भी टक चुका और
01:30कोई समझ नहीं पा रहा था क्या करें। सौभागे से बच्ची ने अपने घ्यान से देख लिए ती दूसरा विमान उसी इंचाई पर तेजी से आ रहा और टकर बेहत करी। कमांडर के हाथ सुन्न हो जुके तकिसी ने सुझाव दिया की लड़का कंट्रोल संभादी लेकि
02:00लड़का उन्हें पागल करने अब सिफ 20 सेकंड बचे थे बच्ची को परेशान न करने के लिए कमांडर ने बाकी सब को कॉकपेश से बाहर देख लिए उसी समय कंट्रोलर ने लेखा कि अगर विमान 10 डिगरी बाई और जुक जाए तो टक कर तल सकती है लेकिन संपर्क अ