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तिहाड़ जेल में बंद छात्र एक्टिविस्ट उमर खालिद और न्यूयॉर्क के नए मेयर जोहरान ममदानी के बीच का रिश्ता इन दिनों अंतरराष्ट्रीय चर्चा में है। मेयर पद की शपथ के बाद ममदानी की ओर से भेजी गई हाथ से लिखी चिट्ठी ने एक बार फिर उमर खालिद की लंबी कैद, बिना ट्रायल हिरासत और मानवाधिकार से जुड़े सवालों को सामने ला दिया है। यह वीडियो बताता है कि यह समर्थन अचानक नहीं है, बल्कि वर्षों से चले आ रहे संवाद, सार्वजनिक मंचों और निजी मुलाकातों की कहानी है, जो राजनीति से आगे इंसानी चिंता को दिखाती है।


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~HT.178~ED.108~GR.122~

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00:00तिहार जेल की उंची दिवारों के भीतर एक छात एक्टिविस्ट और हजारों किलोमेटर दूर नियुवार्क के सिटी हॉल में शपत लेने वाला एक मेयर।
00:09इन दोनों के बीच रिष्टा सुनने में असंभो सा लगता है। लेकिन यही रिष्टा आज अंतराष्टिय चर्चा का विशय बन चुका है।
00:17नियुवार्क शहर के नए मेयर जोहरान ममदानी और दिल्ली दंगो के मामलों में जेल में बंद उमर खालित को जोड़ने वाली दोर रादनीती से कहीं आगे इंसानी चिंता और लंबे समय से चले आ रहे समवात की कहानी कहती है।
00:311 जनौरी 2026 को मेयर पत की शपत लेने के कुछी घंटों के बाद जोहरान ममदानी ने उमर खालित को हाथ से लिखी एक चित्थी भेजी है।
00:39ये कोई आपचारिक पत्र नहीं था बलकि एक ऐसे व्यक्त का संदेश था जो वर्षों से दूसरे व्यक्त की कैद और चुक्पी को दूर से देख रहा था।
00:48ममदानी ने लिखा कि व्यक्त सर उमर के उन शब्दों को याद करते हैं जिन में उन्होंने कडवाहट को खुद पर हावी नहीं होने की बात पही थी।
00:56उन्होंने ये भी बताया कि उमर के माता-पिता से मिलकर उन्हें खुशी हुई और वो उमर की हालत को लेकर लगातार चिंतित रहते हैं।
01:04इस चिठी के सामने आते ही साफ हो गया कि ममदानी और खालित का रिष्टा अचानक बना कोई राधनितिक स्टंट नहीं है।
01:12इसकी जड़े कई साल पीछे जाती हैं। जून 2023 में नियुवार्क में कारकरम के दौरान ममदानी ने पहली बार सारजनिक तौर पर उमर खालित के जेल से लिखे पत्र के अंश पढ़े थे।
01:24मंच से उन्होंने कहा था कि बिना मुकदमे के किसी व्यक्ति को सालों तक जेल में रखना नयाय की मूल भावना के खिलाफ है।
01:32उसी साल हावडी डिमोक्रेसी इवेंट में ममदानी ने उमर की डायरी के अंश पढ़ते हुए उनकी लंबी कैद को बार बार खारी जोटी जमानत और ट्रायल शुरू नहोंने की स्थिती पर सवाल भी उठाया था।
01:44ममदानी का ये समर्थन केवल भाशनों तक सीमित नहीं रहा। दिसंबर दोजार पचीस में जब उमर खालित के माता पिता अमेरिका के दौरे पड़ थे तब उनकी मुलाकात ममदानी से हुई थी।
01:55वो अपनी बड़ी बेटी से मिलने गए थे जो अमेरिका में रहती है और छोटी बेटी की शादी में शामिल नहीं हो पा रही थी।
02:02इसी आत्रा के दौरान उमर की साथी के अंसार इस मुलाकात में जेल में उमर की स्थिती, उसकी सेहत और लंबी कानूनी प्रिकरिया पर विस्तार से चर्चा हुई।
02:11ममदानी की चिठी के बाद ये मुद्दा अमेरिका की रादनीती तक फैल चुका है।
02:16आठ हमेर की सांसद उमर खालित के समर्थन में आ गए हैं और भारती सरकार को एक पत्र लिखतर अंतराश्टिय कानून के अंसार समय पर सुनवाई की मांग कर रहे हैं।
02:26हाउस रूल्स कमेटी के रैंकिंग सदस जिम मैक गवर्न ने बताया कि उन्होंने भी उमर खालित के माता पिता से मुलाकात की थी।
02:33उनका कहना है कि खालित को 5 साल से अधिक वक्त से बिना मुकदमे के जेल में रखा गया है।
03:03को और संदेशों के जरिये हिंसा की योजना बनाई थी।
03:07उमर खालित इन आरोपों से लगातार इंकार करते रहे हैं।
03:11इन सब के बीच जोहरान ममदानी का रुख साफ और स्थिर रहा है।
03:15वो बार-बार कहते आए हैं कि उन्हें उमर खालित की चिंता होती है।
03:19उनके लिए ये मामला केवल भारत की आंत्रिक राध्निती नहीं बलकि न्याय और मानवा दिकार का सवाल है।
03:25पिहार की कोठरी से निवार के मेर कार्याले तक फैली हुई ये कहानी इसी वज़ा से बेहत खास हो जाती है।
03:32क्योंकि ये सत्ता और कैद के बीच खड़े एक इनसानी रिष्टे की कहानी है जिसमें दूरी है लेकिन चुपी तो हरगिस नहीं है।
03:41इस वीडियो में बस इतना ही मेरा नाम वैभो है आप देखते रहिए वन इंडिया।
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