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  • 2 days ago

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00:00जब सो जाते हो तो अकेलापन हट जाता है तो सोते समय कौन सो गया था जिसका अकेलापन हट गया
00:06जब बॉडी की समस्या थी ही नहीं लोनलिनेस तो जिंदगी में एक बॉडी लेया लेने से लोनलिनेस कैसे हट जाएगी
00:14अकेला पन कितना प्यारा हो सकता है
00:17किसी पहाड की चोटी से पूछना
00:18ना खुद को जानते ना दुनिया को जानते
00:21तो ये भी कैसे जानोगे कि कौन सा वेक्ट ये तुम्हारे लिए सही है
00:24दुनिया देखी
00:26भारत ही देखा ठीक से
00:28क्यों नहीं देखती जाकर कि
00:30कि दूसरे लोग कैसे जीते हैं
00:32दूसरे कल्चर्स कैसे होते हैं
00:34दूसरे देशों में महिलाएं कैसी होती हैं
00:37जिन्दगियां कैसी होती हैं
00:38जाकर देखती क्यों नहीं हो
00:40पढ़ते क्यों नहीं हो
00:40रीडिंग क्यों नहीं करते
00:41ये अपने आपको बनाने की उम्र है
00:44खेलो, कुदो, बहुत घूमो, बहुत लोगों से बात करो
00:48मिलो, जुलो, कमाम तरह के गुरुप्स का हिस्सा बनो
00:52और कहीं भी रहो, कहीं भी घूम रहे हो
00:54गीता को मत छोड़ना
00:56वो कव अच्छे
00:58ताथी तो ऐसे भी नहीं मिलेगा
01:06अच्छा एक बात बता ना
01:08सवाल पूछ रहा हूँ
01:10ये जो अकेला पन है
01:12ये किसको महसूस होता है
01:13तुमारे बालों को?
01:17नहीं
01:18तुमारे माथे को?
01:21नहीं
01:22नाथ को?
01:24नहीं
01:24हाथ पाउं को?
01:27नहीं
01:28ये अकेले पन की शिकायत कौन करता है?
01:30जब सो जाती हो
01:31उस वक्त भी
01:32सो गई है अग्दम नींद में गहरे
01:34उस वक्त भी याद रहता है कि अकेली हूँ?
01:39याद रहता है?
01:42नहीं याद रहता है
01:43तुमारे शरीर अकेला तो नहीं है
01:46क्योंकि शरीर तो सोते समय भी है
01:49पर सोते समय तो यह याद नहीं रहता है कि अकेले है
01:55अगर शरीर अकेला होता तो अकेला पन 24 गंटे सताता ना
02:00क्योंकि शरीर तो 24 गंटे है
02:02जब सो जाते हो तो कौन सो जाता है
02:06जब सो जाते हो तो शरीर तो अपना काम कर रहा है
02:11शरीर नहीं सो गया धड़कन चल रही है दिल चल रहा है शरीर तो है खाना भी पच्�Pro
02:38करके मन का अकेला पंदूर कैसे हो जाएगा अगर तन अकेला होता तो दूसरे तन से अकेला पंदूर हो जाता तन तो अकेला है नहीं नाखून ने कभी बोला मैं अकेला हूँ नाग बिचारी अकेली ये सब जलन होती होगी दो आख दो कान ये और ये मिलके आपसे बिचिंग
03:08मन का केलापन कोई तनधारी कैसे मिटा देगा
03:12किसी की बॉड़ी भर से मन का सुनापन कैसे हट जाएगा
03:19आप एक बॉड़ी ले आते हो
03:21अपनी ही उम्र के एक पुरुष की बॉड़ी ले आते हो
03:24या एक स्तरी की बॉड़ी अपनी जिंदगी में ले आते हो
03:26उससे मन का सुनापन कैसे हट जाएगा
03:29कैसे हट जाएगा बुलो
03:36जब बॉडी की समस्या थी ही नहीं लोनलिनेस
03:41तो जिन्दगी में एक बॉडी ले आ लेने से लोनलिनेस कैसे हट जाएगी
03:45तो समझाने वालों ने कहा है कि वो जो लोनलिनेस है न
03:51वो हटती है loneliness को ही समझने से
03:55ये अकेलापन चीज क्या है
03:58मेरे भीतर कौन बैठा है जो अकेला है
04:00इसको समझ जाओ तो अकेलापन कम होने लगता है
04:04हाँ, अकेलेपन को समझे नहीं
04:07और इधर उधर जाकर रिष्टे बना रहे हो
04:10या कुछ और कर रहे हो, या शॉपिंग कर रहे हो
04:11या पैसे कमा रहे हो, कुछ भी कर रहे हो जंदगी में
04:14उससे अकेलापन नहीं हटेगा
04:15और एक बाद और बोलता हूँ, सुनो
04:22ऐसे इलाज नहीं कर लेने चाहिए
04:28जो बीमारी से भी ज्यादा घातक हो
04:33महिलाओं के साथ प्रक्रति ने एक चीज जोड़ दी है
04:40प्रजनन
04:41तो पुरुष तो एक बार को
04:46शादी करने का, संबंध बनाने का रिष्टा
04:51थोड़ी लापरवाही में कर ले
04:52तो उसको छोटी सजा मिलती है
04:57पर महिला को बहुत बड़ी सजा मिल जाती है
05:02क्योंकि बच्चा जो है न वो मा के शरीर से जुड़ा होता है
05:07वहाँ मामला इर्रिवर्सिबिल हो जाता है
05:11फिर ये नहीं कर पाओगे कि इस राह पर थोड़ी दूर जा करके
05:16वापस लोट आएं, वापस कभी नहीं लोट पाओगे
05:18ये अकेले पन और गहरा की समस्या का समाधान
05:24अगर एक उल्टी-पुल्टी शादी से कर रहे हो
05:28तो ये समाधान समस्या से ज्यादा घातक हो जाएगा
05:32और जिस तरीके की ये बात है कि मेरी फैमिली ये जो दकिया अनूसी रवईया है
05:45इस दकिया अनूसी रवईये में ये भी हो सकता है कि बहुत जल्दी प्रेगनेंट हो जाओ
05:49जहां इस तरह की बिलकुल पुरानी बाते हैं अली बाबा के जमाने की
05:57कि तुम्हें मेरी फैमिली से एडजस्ट होना चाहिए वगेरा वगेरा
06:02तो वहाँ ये पुरानी बात भी चलेगी कि अब आई हो तो अब साल भर के भीतर अम्मा भी बन जाओ
06:08ये बात भी चलेगी
06:11और उसके बाद ये नहीं क्या पाओगी कि अरे दो कैसे मिश्टेक हो गया
06:18चलो अंडू कर देते हैं
06:22सब कुछ कंट्रोल अल्ट डिलीट दवा देते हैं
06:26कर पाओगे कुछ नहीं है वो आ गया अब हात में
06:30और कई बार तो भूल हो गई है
06:34समझते समझते एक नहीं दो तीन आ जाते हैं
06:37क्या करोगे अब
06:39क्या करोगे
06:46अभी कोई ऐसी
06:55व्रिद्धा नहीं हुई जा रही हो
06:5827 की हो न
06:59दुनिया देखी
07:02भारत ही देखा ठीक से
07:08जब तक अपने गाओं में थी
07:13तब तक तो ज़्यादा एक्सपोजर मिला भी नहीं होगा
07:15बाहर अब निकल आई है मुंबई में
07:19मुंबई आने के बाद से ही दुनिया कितनी देखी तुमने बोलो
07:22या बस आशिकी क्लड़ाई है ये चार साल थे स्वतंत्र हो
07:30सैलरी आती है इसका इस्तिमाल किसी सार्थक काम के लिए करा या बस आशिकी
07:36क्यों नहीं देखती जाकर कि कि दूसरे लोग कैसे जीते हैं दूसरे कल्चर्स कैसे होते हैं
07:52दूसरे देशों में महिलाएं कैसी होती हैं, जिंदगियां कैसे होती हैं, जाकर देखती क्यो नहीं हो
08:02पढ़ते क्यों नहीं हो, रीडिंग क्यों नहीं करते
08:04Online इतनी सारी चीजे हैं, तुम्हारे Professional Field से संबंदित होंगी, उनको क्यों नहीं सीखते
08:13किसी भी स्पोर्ट्स में कुछ महारत है
08:19कुछ भी खेलना आता है अच्छे से
08:23तो जब बुढिया हो जाओगी लाठी टेट होगी
08:28तब स्विंग पूल में कूद होगी
08:30दो तुम्हारे पीछे कूद है फिर
08:36बाहर निकालने के लिए
08:39अभी जवान हो टांगों में जान है
08:48जाकर हिमाले पर काहीं नहीं चड़ती हो
08:50अकेला पन कितना प्यारा हो सकता है
08:57किसी पहाड की चोटी से पूछना
09:00अब अभी देख रहा हूं हो सकता है
09:05फ्रेम में न पता चल रहा हो
09:07पर शोल्डर्स ब्रॉड नहीं है
09:09यह मुझे बताता है कि रैकेट कभी उठाया नहीं है
09:13कोई रैकेट स्पोर्ट नहीं खेला है
09:14ना स्ट्रेंग्ट ट्रेनिंग करिए
09:16क्यों भई
09:19ना खुद को जानते ना दुनिया को जानते
09:30तो यह भी कैसे जानोगे कि कौन सा व्यक्ति तुम्हारे लिए सही है
09:35कुछ आ रही है बात समझ में या बस बुरी लग रही है मेरी बात
09:46बच्चों को सही परवरिश दीजिए
10:00खासकर लड़कियों को
10:03उनको बेगाना बना कर रखो गे
10:06तो बेगानी हो भी जाएंगी
10:08प्यार कोई चीज होती है के नहीं
10:20किसी को प्यार से इतना वंचित रखोगे
10:23तो फिर ओ कहीं भी भटकेगा प्यार तलाशने के लिए
10:26और प्यार ऐसे मिलता नहीं है
10:39तो प्यार के नाम पर नजाने क्या उठा लाएगा वो
10:42और क्या उसके परिणाम होंगे
10:46गीता सत्रों में कितने समय से हो
10:54सुने कितने है
11:00आधे भी नहीं सुने है
11:10मिस हो जाता है
11:16सत्र के समय क्या कर रही होती हो
11:19यह सत्र मिस हो जाता है
11:21मैं तो रात में रखता हूँ
11:25कि अपना सब काम धंदा खत्म करके
11:27निवरत होके बैठो आराम से
11:29परिक्षाएं कितनी दी
11:35गीता परिक्षाएं हो रही है हमारी हर चौथे दिन होती है
11:40कितनी दी
11:41उस भाई को भी बोलो वो भी गीता परिक्षा दे
11:52उसके ही नमबर देखके पता चल जाएगा कितने पानी में
11:55ये अच्छा तरीका है साल भर से गीता में हैं
12:08ना सत्र सुनना है ना अवलोकन लिखना है ना परिक्षाएं देनी है
12:12ठीक जब सशन चल रहे होते हैं तब कहीं और अपना हिसाब
12:16और उसके बाद जब मुसीबत में आ जाओ तो
12:19अचारे जी अचारे जी अब मैं क्या कर लूँ
12:22सबसे पहले तो नियम बना लो एक भी सत्र छोड़ना नहीं है
12:34ठीक है
12:36कल वहां गया था उनको
12:40बोल कर आया नहीं ग्यानें सद्रिशम पवित्र में है विद्यते
12:46जितना यहां का कचरा है
12:49उसको जलाने वाली आग है ग्यान
12:52भगवत गीता
12:57और गीता से दूर रहोगी
13:00तो कचरे में ही जाके गिरोगी
13:03यह बात उन सब के लिए कम्यूनिटी के लोगों के लिए जो सत्रों के समय किसी दूसरी चीज को ज्यादा जरूरी मानते हैं
13:15गीता से दूर जा रहो ना तो कचरे में ही जाके गिर रहोगे
13:18मुभई में भी तो कई बुक्स्टॉल लगते हैं
13:27आप भी जाईए और अपने मित्र को भी ले जाईए कि चलो दोनों यहाँ खड़े होते हैं
13:32इतने लोग आएंगे सुनापन कम होगा
13:35मेरे यह सब कहने के बावजूद जिस दिशा जा रहे हो आप उसी दिशा चले जाओगे
13:50अगर समझने की कोशिश नहीं करोगे कि क्यों उस दिशा जा रही हो
13:55आईए हो सकता है कि एक व्यक्ति को छोड़के किसी दूसरे व्यक्ति की तरफ चले जाओ
14:01और गड़बड़ वहाँ भी करोगे
14:04समझो कि अभी क्या इस्थिति है और एक बार समझ में आ जाता है न तो आदमी बहुत सारे अच्छे सही काम शुरू कर देता है
14:14यह अपने आपको बनाने के उम्र है
14:19खेलो, कुदो, बहुत घूमो, बहुत लोगों से बात करो
14:24मिलो, जुलो, तमाम तरह के गृुप्स का हिस्सा बनो
14:29यह नहीं कि वहाँ जाके जुड़ी गए हैं पर जाने के लिए, समझने के लिए
14:32कि हाँ होता क्या है, दुनिया क्या चीज है
14:34और कहीं भी रहो, कहीं भी घूम रहे हो
14:40गीता को मत छोड़ना
14:42वो कावच है
14:44ठीक है
14:49अचार जी मैं पर जाता हूँ
14:55तो जैसे इन्हेंनों बता है कि इन्होंने पराई कि और सहर में आई
14:57तो वहाँ पर मेरे चाचा है और उनकी एक लड़की है
15:00तो वह भी बड़वी में पास हुई है
15:02तो उनका यह था कि उनको पराना है
15:04तो डॉक्टरेट करवाना है नर्सिंग में
15:07तो हम लोगों ने बात किया था
15:09तो उन्होंने बोला कि इसमें होता क्या है
15:11कि लड़की नर्सिंग कर रही है
15:13तो मेडिकल में जा रही है
15:16फिर वहाँ पर किसी को जांच कर रही है
15:18तो उसमें साधिया में problem होती है
15:20कि साधी करना है तो वहाँ पर लोग क्या देखते है
15:23क्या नहीं देखते है
15:24इस पर कुछ मतलब जटिलता ही आते है
15:26जिसको लेकर वो अपना decision change कर लेते है
15:28कि हमें इससे क्या करवाना है
15:29तो बिट प्रायरिटी की बात है ना
15:34तुम मेरी नौकरी को देख करके
15:40अपना decision change करोगे
15:41तो मैं अपनी नौकरी को लिए लिए लड़का change कर दूँगी
15:48तुम मेरी नौकरी बदलना चाहते हो
15:53तो मैं लड़का ही बदल दूँगी
15:54तो प्रायरिटी की बात है कि किस को किस से उपर रखना है
16:04ये घुस गई है बात आपके
16:07ये एक को नौकरी देखनी होती है
16:11और एक को घर देखना होता है
16:14ऐसा तक होता है
16:16कि लड़की ज्यादा कमा रही हो
16:19लड़का कम कमा रहा हो
16:20तो भी नौकरी लड़की ही छोड़ेगी
16:22कितने ही मामले हैं
16:29दोनों एक ही शहर में है, काम करते हैं
16:31और लड़की की तंखा लड़के से ड्यूड़ ही दूनी है
16:35लड़के का टांसफर हो गया, दूसरे शहर में
16:39तो लड़की ने भी अपनी नौकरी छोड़ दी
16:42और दूसरे शहरें बिरोज़गार बनके बैठ गई
16:44यह नौकरी अगर छोड़नी है तो तू छोड़ेगा ना
16:47क्योंकि तू कम कम आता है
16:49यह तो बस बीतर घुसी हुई बाते हैं
17:01और कहां से आ रही हैं वो
17:03जटलताएं और यह सब ना यह
17:13भारी भारी शब्द इस्तिमाल करके
17:15हमें एक बहुत सीधी चीज से मूँ चुराना चाहते हैं
17:19और सीधी चीज यह है कि हमारे खोपड़े में
17:22कचरा माननेताएं बैठी हुई है
17:24जिनका कोई वास्तविक वजूद नहीं
17:27बस माननेता
17:43कर देशिक वह है
17:45कर दो आप सिर्णा 9
17:47कर दो आप ऐागी था जापे सुरा भारी शब्द नहीं
17:49पğरत करें भारी वास्तिमाल करें
17:52इस्तिमाल इस्तिमाल कर दो आपके जापें जापें आपें क।
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