00:00यह वही जद्या है यह वही भूमी है यो वरसों तक रखतर अरंजित रही है जिसने अपने राम के लिए अपने राजा के लिए अपने आराद्य के लिए असाहनीय पर दिख्षा किये है
00:14जिसने अत्मान सहे है जिसने पीड़ा सही है लेकिन फिर भी अपनी आस्था को कमजोर नहीं होने दिया अपनी आस्था को डगमगाने नहीं दिया
00:29आज जब स्रीप प्रभुराम के आगमन के दो वरस पूर्ण होने पर हम सभी यहां साक्षी बने खड़े हुए है तो यह उन सजियों की प्रतिख्षा के पूर्ण होने का उत्सो है ऐसा मैं मानता हूं
Be the first to comment