00:00प्रथा कब से शुरू है दरसल हर साल दुनिया एक जन्वरी को नए साल का स्वागत करती है लेकिन इस तारिक को हमेशा से साल के शरुआत नहीं माना जाता था
00:23यह परंपरा हजारो सालों में फैली पुरानी राजुनिती कैलेंडर सुधारो और धार्मिक बहसों का नतीजा है दरसल पुराने रोम में सबसे शुरुआती कैलेंडर में सरफ दस महीने हुआ करते थे अब इसी के साथ साल एक मार्च को शुरू होता था जो वसंत खेती और �
00:53इसापुर्व रोमन राजा नूमा पॉमपेलियस ने कैलेंडर में जन्वरी और फर्वरी को जोड़ा अब काफी बाद एक सो तिरपन इसापुर्व में रोमन सीनित ने अधिकारिक तौर पर राजनितिक वर्ष के शुरुआत एक जन्वरी को कर दी ताकि नए चुने गए अ
01:23अब उनने अपचारिक रूप से एक जन्वरी को साल का पहला दिन खोशित किया अब ये रोमन देवता जानूस के सम्मान में था इस सुधार नहीं लीप वर्ष की अवधारना भी पेश की जिस वज़ा से समय की गणना और ज़्यादा सतीख हो गई
01:37अब जैसे ही रोमन सामराज्य का पतन हुआ उसके बाद मध्य यूगीन इसाई अधिकारियों ने एक जन्वरी को एक मुर्ती पूजक परंपरा माना
01:46वहीं आपको बता दे यूरोप के कई छेतर ने इसके बजाए 25 दिसंबर या फिर 25 मार्च को नया साल मानना शुरू कर दिया
01:54वहीं आपको बता दे 1582 में पोप ग्रेगरी थ्वटीन ने जूलियन प्रणाली में गलतियों को ठीक करने के लिए ग्रोगरियन कैलेंडर पेश किया
02:03अब इस सुधार ने एक जन्वरी को अधिकारिक 19 साल की रूप में दुबारा से शुरू किया गया
02:08वहीं कैथोलिक देशों ने इसे तुरंट अपना लिया जबकि बाकी देशों में बहुत बाद में इसे अपनाया
02:13वहीं बृटेन ने इसे 1752 में रूस ने 1928 में और ग्रिस ने 1923 में अपनाया
02:19हाला कि आज दुनिया भर में एक जन्वरी का दबदबा है लेकिन कई कल्चर पारमपरी कैलेंडर के अधार पहीं अपना नया साल मनाते हैं
02:27चीनी नया साल चंदर चकर के मताबिक मनाते हैं धिन्दू नया साल अकसर चैतर प्रतिपदा से शुरू करते हैं और इसलामी नया साल मौर्रम से शुरू होता है
02:37तो दोस्तों फिलाल इस वीडियो में इतना ही आपको ये जॉइन कारी कैसे लेगी हमें कमेट में लिखकर ज़रू पतेगा
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