00:00बाद्शा और सीक्रेट पहचान
00:02एक सुभा गुल्लीपुर में, डिटेक्टिव बाद्शा अपने ओफिस आया तो उसके डेस्क पार एक ब्राइट रेड लिफाफा पढ़ा था।
00:12हम, ना स्टैंप्ट है, ना नाम, उसने कहा, अपनी संग्लासिस अजस्ट करते हुए, उसने लिफाफा खोला और जोर से पढ़ा, तुम गुल्लीपुर के अकेले बाद्शा नहीं हो, मिलो मुझसे अगर हिम्मत है, बाद्शा ने होश उड़ गया, एक और बाद्शा, इंप
00:42और नोट आया, मैं जानता हूँ, तुम्हारा पिछला सीक्रिट केस, वो बिल्ली जो फणी हैट पहिंती थी, बाद्शा ने धीरे से कहा, ये सिर्फ कोई बहुत करीब बंदा जानता हो सकता है, या फिर एक सूपर फैन, दिन भीए दिन नए क्लूज मिलते गए, एक परप
01:12रियल बाद्शा तो बनाना स्टाइल से खता है, बाद्शा ने डिसाइट किया ट्रैप लगाने का, उसने अपने ओफिस के दरवाजे पर एक नोट चिपकाया, आज संसेट पार मिलो पुरानी लाइबरी के पीछे, फैसला हो जाए, बाद्शा वर्सिस बाद्शा, शाम के
01:42एक विग पहने हुए, बाद्शा चिलाया, तुम? वो रानी थी, स्कूल की सबसे फणी प्रैंक्स्टर, बस देखना चाहती थी के असली बाद्शा केस सॉल्फ कर सकता है या नहीं, रानी हंसी और विग उतर दिया, बाद्शा भी हंसा, तुमने लगभग मुझे चक्कर मे
02:12किया और डिसाइड किया के अब वो साथ मिलकर मिस्टरी सॉल्फ करेंगे, उस दिन से बाद्शा को समझा गया, कॉपी कैच से डरने की जरूरत नहीं, जब तक वो दोस्ती और मजा लेके आईए, अगर आपको ये फणी और मिस्टेरियस कहानी पसंद आई, तो लाइक, शे
02:42मिलते हैं अगले फण केस में, डिटेक्टिव्स
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