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  • 2 months ago
कानपुर में एक हफ्ते में ठंड से 100 से ज्यादा मौतें, ज्यादातर में हार्ट अटैक बना वजह

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00:00पूरे उत्तर भारत में गिरता हुआ तापमान दिल के मरीजों के लिए खतरा बनता जा रहा है
00:04सिर्फ कानपुर शेहर में पिछले एक हफते में ठंड के चलते सौस जादा मौत के मामले सामने आए हैं
00:10डॉक्टर्स की माने तो इसमें से जादातर केसेज, हार्ड अटैक और ब्रेन स्ट्रोक के थे
00:15इस वक में मौझूद हू कानपुर के काडियोलोजी हस्पताल के बाहर जोकी जिले का सबसे बड़ा गवर्मेंट हॉस्पिटल है जहां पर लोगों के दिल का इलाज होता है
00:23सिर्फ यहां के आखड़ों की बात करी जाए तो पिछले एक हफ़ते में सौस जादा लोगों ने यहां पर पहुंचने से पहले ही दम तोड़ दिया
00:31कुल हजार लोगों का रोज यहां पर इलाज हो रहा है और सौ लोगों को भरती करने की नौबत तक आ रही है
00:37डौक्टर्स की माने तो ठंड के चलते लोगों के हाट में ब्लॉकेच बढ़ता जा रहा है जिसकी वज़े से यह समस्या सामने आ रही है
00:45डॉक्टर्स का कहना है कि मरीज को अगर घर पे किसी भी तरीके का दर्द होता है
00:49चाहे वो सीने में हो चाहे वो ग्यास का दर्द लगे उसे हलके में ना लिया जाए
00:54और पास के ही अस्पताल में जाकर तुरंट उसका इलाज कराया जाए
00:58ताकि किसी भी तरीके की ऐसी स्थिती ना है जहां पर लोगों को अपनी जानगवानी पड़े
01:04उत्तर भारत में बढ़ती ठंड के चलते हार्ट अटाइक और ब्रेंस्टोक के मामलों में भारी बढ़ोतरी आई है
01:09हरात ऐसे हैं कि सभी अस्पतालों के वहार लंबी-लंबी कतारे आपको देखने को मिलेंगी
01:15आलम ये है कि मरीज जादा है लेकिन जो सुवधा है वो कम पड़ जा रही है
01:19यहां पर जो लोग लाइन पर नहीं लगे है वो यहां पर बैठ कर इंतजाम कर इंतजार कर रहे हैं
01:47फिलहाल अंदर इंतजार करने की भी जगा बनी हुई है लेकिन फिलहाल अंदर इतनी भीड है कि लोगों को बाहर यहां पर थड़े पर बैठ कर इंतजार करना पड़ रहा है कई लोगों को हस्पताल के बाहर ही यहां पर कई न कई फुटबात पर इंतजार करना पड़ रह
02:17अब शुबे जो है ठंड की वज़े से हो रहा है तो कितनी देर होगी आपको आए गंटे हो गया और यहाँ पर अभी परचा आपका बन पाया कुछ अभी नहीं परचा भी तक नहीं बन पाया लाइन में लगता एक देर के सामना करना पड़ रहा है कही ना कहीं या फिर जाद
02:47लिखेंगे वीलचेर पर बैठे हुए अपनी बारी का इंतजार करते हुए यह उस्पिटल के काफी बाहर का द्रिश्य है अंदर बैठने की जगा नहीं मिली तो लोग बाहर ही यहाँ पर इंतजार कर रहे हैं क्या नाम है आपका कि इसको दिखाने आए मेरी पेशेंट मेर
03:17लाज मिला ठीक से या फिर बात तो यहां मुस्टली जो मामले है वो ठंड के आपको नजर में आएंगे फिलाल पीछे का द्रिश्च जो है वह आप देखेंगे भारी भीड है और कहीं न कहीं डॉक्टर की माने तो ठंड की वज़े से लगतार केसे में व्रदी हो रही है ए
03:47मिल रहा है और करीबन सो मरीज दिन के भरती हो रहे हैं फिलाल एक चौका देने वाले जो फिगर्ज है वो हस्पताल ने अपने सामने रखे हैं ठंड की वज़े से डॉक्टर ने बोला है एतियाद रखे हलका सा भी दर्द हो तो हलके में ना ले और हस्पताल आके अपना ट
04:17काफी ज्यादा उम्र के हैं मोर देन 50 एस के एज के हैं और हमारे यहां प्रती दिन नब्य से सौ मरीज हमारे हां पर एमर्जन्सी में हार्ट अटेक के आकर के भरती हो रहे हैं हां इसमें कोई डोडाउट नहीं कि इनकी संध्या इन समयों पर पढ़ी है ब्राट डिटुब
04:47उनमें हमारे सरील में पेरिखेर वैस्पोर रजिस्टेंस बढ़ जाता है जिसके कारण जो हमारा 50 परसेंट का ब्लाकिज है वो 87-80 परसेंट प्रतीत होने लगता है इन परिस्तितियों में हार्ट अटेक के संभावनाय बढ़ जा दिये हैं लोग घर पर इग्नोर करते हैं
05:17यह जरूर कहना है कि पब्लिक अवर्डनेस कम है और इसको और हम सभी लोगों को बढ़ाने की जरूत है कि किसी प्रकार की गैस जैसी संबंधी अगर पेट में और हज़े के सीने में मैसूस होती है तो उसको नजर अंजास ना करें और काड़ी बढ़ी अस्पताल पहुंच
05:47पूरा हर परकार से तयार है इसमें की पर्याप्त मात्रा में दमाइवां उपलब्ध है तounce प्लेस इंजेक्शन जो है परियाप्त मात्रा है जो मरेजूप फी दिया जाता है हार्ट अट्रेक का मूख उनपता इसके एलाम सारे इंजिवर्णी के लिए प्शमेकर के लिए स
06:17में मरीजों की संक्या भी बढ़ने लगी है, हालात ऐसे हैं कि जो मरीज आ रहे हैं, उनके साथ जो परिजन हैं, उनको अस्पताल के अंदर जगा नहीं मिल रही है, घंटों-घंटों कई दिनों तक बाहर यहां पर अपना बिस्तर डाल कर लेटने को मजबूर हैं, विज्यू
06:47कर रहे हैं, क्या नाम है आपका सर्वेस कुमार, बांगरमों से आए हुए हैं, किसको दिखाने आए हैं, अपने पिता जी को दिखाने आए हैं, क्या समस्या ठीक ठाक है, होस्पिटल में दवाई अच्छी हो रही है, समस्या हार्ट एक की है, तो यह कब दिक्कत आई थी, �
07:17नहीं वेवस्ता कुछ नहीं है, तो वहाँ पे मच्छर की प्रोब्लम दी, रात में खा भी नहीं सकते, पी नहीं सकते, तो इसलिए यहीं ठीक है, बेड़ मिला आप लोग को नहीं मिला है, वांदर भी विलचेर की कमी है, बेड़ की कमी है, तो आपके जो पिता जी आए है
07:47लेकिन अभी करें तो यहां पर लोग बैठने को मजबूर है, बिस्तर लेकर और नीचे बिछा के क्या अंदर आप लोग की नहीं जगा बचे नहीं है?
08:10जो पर देखने को मिलेगी, जहां भारी भी विल है, और यहां पर जो लोग है, वो अपने साथ लाए हुए मरीजों के साथ हैं, इंतजार करने को मजबूर हैं, अंदर भारी भी विल है, बेट की भी कही ना कहीं कमी है, लेकिन ठंड के चलते, जो पेशेंट में बड़ोत्
08:40आज तक
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