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00:00ये नोईडा कोर्ट से इस वक्त की एक बड़ी खबर सामने आई है
00:13बहुचर्चित अखला का हत्याकार्ण मामले में अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार को बड़ा जटका दिया है
00:20सरकार की ओर से आरोपियों के खिलाफ केस वापस लेने की याचिका को कोर्ट ने खारिज कर दिया है
00:26अदालत ने साफ कहा है कि यह याचिका बिना किसी ठोस आधार के दाखिल की गई थी
00:33क्या है पूरा मामला जानते हैं हमारे समवाद दाता की रिपोर्ट में
00:37साल 2015 उत्तर प्रदेश के दादरी स्थित बिसाडा गाम जब गौमांस रखने की अफवाह के बाद भीड ने मुहम्मद अखलाक की पीट-पीट कर हत्या कर दी थी
00:48इस घटना ने पूरे देश को जगजोर कर रख दिया था
00:52अब करीब एक दशक बाद इस मामले में नोईडा की स्थानिय अदालत ने एक अहम फैसला सुनाया है
00:59कोट ने उत्तर प्रदेश सरकार की उस याचिका को खारिच कर दिया है
01:04जिसमें आरोपियों के खिलाफ चल रहे मुकदमे को वापस लेने की मांग की गई थी
01:10मामला गंभीर प्रकृति का है इसमें एक व्यक्ति की जान गई है
01:14ऐसे मामलों में मुकदमा वापस लेना न्याय के सिध्धानतों के खिलाफ है
01:19सरकार की ओर से दलील दी गई थी कि मामले में पर्याप्त सबूत नहीं है
01:25और केस आगे बढ़ाने का कोई और चित्तिर नहीं है
01:28लेकिन अदालत ने इस तर्क को मानने से इनकार कर दिया
01:32कोट ने साफ कहा कि हत्या और भीड हिंसा जैसे मामलों में
01:37राजनीतिक या प्रशासनिक आधार पर केस वापस नहीं लिया जा सकता
01:41इस फैसले को भीड हिंसा के मामलों में एक मजबूत संदेश के तौर पर देखा जा रहा है
01:47कानूनी जानकारों का कहना है कि यह निर्णय भविश्य में ऐसे मामलों में
01:53सरकारों की भूमिका पर भी सवाल खड़े करेगा
01:56अखलाक्स के परिवार और मानवाधिकार संगठनों ने अदालत के इस फैसले का स्वागत किया है
02:02उनका कहना है कि यह फैसला न्याय पालिका में भरोसा कायम करता है
02:26फिर्णिर उनकार स्वाव प्राज़ दिंजर्ण अवदर अभर, मोब नेंची, अप्लींच अदेज प्राज़े
02:36में प्लाप दुशित जस्टेजमुट फ्री जाओ प्लाप दूवर जस्टेजमुट चीजमुट गजी जाय ही निजमुट खान इनकी्ट चीजमट इनकी
02:48जाय ही चलिए कि आपसाथ जचिजने जाही जाय ही एपना की बाफनी
02:59विज्टोर देखे प्रड़ प्रड़ एक जुजमें विजर्ट अप्रवल प्रप्राइज को घुजपे और रहते हैं that the hearing
03:08must continue, it is a mob lynching case, a horrendous case and justice should be done.
03:15So we thank the honourable court and we believe this is a very important precedent for those double
03:25वहीं आरोपियों के वकीलों ने संकेत दिये हैं कि वे इस फैसले को उच्छ अदालत में चुनौती दे सकते हैं.
03:45तो नौइडा कोट के इस फैसले ने एक बार फिर यसाफ कर दिया है कि कानून से उपर कोई नहीं है. भीड हिंसा जैसे गंभीर मामलों में न्याएक प्रक्रिया से समझोता नहीं किया जा सकता. हम इस मामले से जुड़ी हर अपडेट पर नजर बनाए रखेंगे.
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