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  • 7 months ago
एक ऐसा गांव जो कभी नक्सलियों की महफूज जगह थी, लेकिन एक युवा के जज्बे ने पूरे गांव को 'सरकारी नौकरी वाला गांव' बना दिया...पढ़ें-

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00:29और वो में और देश के सेवा ने लगे हुए हैं यहां दोगा से लेकर रेलवे सिक चब और कई भी भागों में यहां के यूवा कानी रत है
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01:26नरेश प्रसाद ने जब अपनी मेहनत से गरीबी की बेडियां तोड़ी तो लोगों को लगने लगा कि अगर ठान लिया जाए तो मुश्किल कुछ भी नहीं है। गाउं की लोगों ने अपनी भावी बेडी को इस दल्दल से निकालने का फैसला किया।
01:40I don't want to do my children's work, but I don't want to do my children's work.
01:51What does your son do now?
01:53It's like this.
01:55In 1922, it's a new job.
01:59I don't want to do my children's work.
02:14It's a new job.
02:31It's a new job.
02:35I don't want to do my children's work.
02:46I don't want to do my children's work.
02:48I don't want to do my children's work.
02:50विनोत कुमार के दो बेटे रेलवे में नौकरी कर रहे हैं.
02:53पिछले 10 सालों में इस गाउं से सबसे अधिक लोग सरकारी नौकरी में आये हैं.
02:59नितीश सरकार में पिछले 5 सालों में बड़ी संख्या में वेकैंसी निकली,
03:03जिसका लाब यहां की युवाओं को मिला.
03:06यहां की हुआ पुलिस, रेलवे, सिक्षा, आर्मी, बैंकिंग और दूसरे सेक्टर में हैं.
03:11कई लोग मल्टी नैशनल कंपनियों में भी बड़े पदपर कारे रत हैं.
03:15लेकिन लोगों की ख्वाईश है कि गाउं का कोई हुआ IAS IPS बने और गाउं का नाम रौशन करें.
03:22ETV भारत के लिए गया से सर्ताज एहमत की रिपोर्ट.
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