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Transcript
00:00क्यारी हमारी भर गई है प्रानी चीज कभी भी कहते नदाक काम आ जाती है जो भी हमारे प्राहने प्राइन बखे होएथ है यह ऊजो भी हमारी थे तो हमने कैसे कि इसको काम देया आठी अब भी कविछ दय भास्ज देया होती है
00:24अब भी वह काम आ सकती है, हाजी तो अभी हम ये केयारी भर रहे हैं, ये हमारी पालक वाली केयारी थी, ये हमने भर ली है, इसमें है हमारा साग, जिब साग बनाएंगे तो क्या मज़ा है, सर्दिया शुरू हो गई है, और साग ना हो, ये तो हो ही नहीं सकता,
00:39एक दफा, दो दफा और पानी लगेगा, तो माशला से साग थोड़ा बड़ा हो जाएगा, फिर हम तोड़ेंगे, तोड़के फिर हम बनाएंगे मज़े से, तो आप सब युगरों को भी दावात देंगे, फाग की,
00:56पानी पॉरा पॉरा हो जाओ, तो आप ये नहीं है, ये इट का टोटा रखा हुआ हमने, इस पे पान रखा हुआ है, ताटो नीचे ना सबजियों को अफर ना हो, तो ऐसे पानी अराम राम से जो है न सारा पूरा होता रहे है,
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