00:00इंदिनो मिल्कवीट की मांग काफी तेजी से बढ़ रही है शित्री भाशाओं में अनन्तमूल, मंदार, अकोवा, आधिनाम से जाने वाले इस पौधे को भारत का खरा सोना भी कहा जाता है
00:15कई प्रकार के औश्दी गुणों के साथ इसमें अधि गर्मी देने के भी गुण होते हैं जिससे मफलर, टॉबल अधि बनाये जा सकते हैं
00:23इसे लिकर Northern India Textile Research Association यानि निट्रा काम कर रहा है
00:28मिल्क वीट के बारे में अगर आप जानना है तो थोड़ा सा मुझे पीशे जाना पड़ेगा
00:33निट्रा मिल्क वीट पर 20 साल से काम कर रहा है
00:38मिल्क वीट क्या है पहले आप ये जानिए
00:41मिल्क वीट कुछ नहीं है, इंडिया में बहुत पुराना एक क्रॉप है
00:45जिसको हम आंख, आंखा, मदार के नाम से बहुत अच्छी तरह जानते हैं
00:51तो ये शिप जी भगवान के लिए एक तरह से एक उनको जो फूल चड़ाए जाते थे
00:57उनके माला बनाई जाती थी तो हम इसी प्लान्ट को लेके
01:01इसके फूल ही शिप जी भगवान को चड़ाए जाते थे तो महाद्येव का ये बहुत प्यारा और बहुत ही एक तरह से हमारी हिंदू धरम के हिसाब से तो बहुत ही मानता है प्राप्त एक प्लांट है
01:15और पुराने टाइम में हर मंदिर के आगे ये ब्लांट लगाया जाता था क्योंकि जिससे की जो भी भक्त लोग आएं वहां से फूल लेके और भगवान को चड़ाए इसके अलावा अगर आप देखें तो पुराने टाइम में बहुत सारे लोग इसको एक तरह से मेडिसन क
01:45लिए लिए लिए लिए एक पत्र पत्र रहा रही है तो उसमें से दूद निकलता है तो इसलिए इसका नाम मिल्क वीड पढ़ गया और वैसे इसका जो बायोजिकल और बॉटनिकल नेम अगर कहा जाए वह केलोट्रॉपिस बोला जाता इसको तो इस प्लांट का अगर हमार
02:15स्टार्ट किया है और जब 20 साल पहले हमने इस पर काम स्टार्ट किया था तो हमने इसको यह लेके चले थे कि यह फाइबर बहुत हलका है आपने देखा होगा मई जून के महीने में यह उखने लग जाता है तो इसका हलका होने के कारण क्या है इस फाइबर को सोचा कि कि किस
02:45We saw that it has a very good thermal property, insulation property, which means that it can be used to get warm from the inside.
02:54When we experimented, we found that it has 70% of the inside of the inside, which means that it can be trapped in the inside of the inside of the inside.
03:08Nitra की तरफ से इस दिशा में अध्यन के दौरान पता चला कि Milk Beat में thermal qualities पाई जाती है, जिसके बाद संस्थान ने 7% Milk Beat का अस्तेमाल कर कप्रे तयार करने की तक्नीक विक्सित की.
03:21इससे तयार उत्पादों को प्रदशनियों में काफी पसंद किया गया, जिससे काफी order भी मिले.
03:51बनाया, किसी ने टावल बनाया, सब ने अपने अपने अलग अलग product और उनको display में भी लगाया, और उनको display में जब लगाया तो foreign market में भी लगाया, जहां जहां affairs होते थे, तो वहां से उनको काफी बड़ बड़े order मिले, वो order को fulfill करने के लिए उनने अब बहुत amount में पाई
04:21अगर compare करूं, cotton में इंडिया के case में, इंडिया में करीब एक हेक्टेर में हम 400 से 4500 cotton fiber, जिसे lint बोलते हैं, वो मिलता है, यानि कि एक मान के चलिए, एक हेक्टेर में धाई एकड़ होता है, करीब करीब, लेकिन इसके case में हमें एक एकड़ में हमें 3500 kg के करीब fiber मिल जाता ह
04:51तो आपको मुनाफ़ा वहां से आपको three times मुनाफ़ा एक एकड़ में cotton से हो गया जाता है, पहली तो चीज यह हो गया, दूसरा क्या है कि आपको इसमें लागत कम है, cotton से, क्योंकि लागत कम कैसे है, आपको fertilizer बहुत जादा नहीं देना, पानी आपको कम से कम देना है, आपक
05:21बहुत नुक्सान होता किसानों को, तो वो चीज से भी आप बचेंगे क्योंकि इसमें pesticides का कम से कम use होता है, तो उसको अगर देखते हुए हम compare करें, तो इसका मुनाफ़ा cotton से बहुत ज्यादा अच्छा होगा है
05:33निट्रा की तरफ से कई राजियों में मिल्क बीट की खेती में सहयोग किया जा रहा है, जहां की फसल को विविन टेक्स्टाइल, मनुफैक्शरिंग इकाईयों को सप्लाई किया जाएगा
05:43साथ ही निट्रा का यह संकर्प है कि इस खेती को लेकर आगे भी सहयोग किया जाएगा
05:49गाजयबाद से ETV भारत के लिए शहजाद अबित की रिपोर्ट
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