00:00तुम्हें बताओ अपनी आखों के सामने जान भूच कर अपने बेटे की जिंदगी राक होते होते वे तेकती रहूं।
00:06जिस दिन छे सरुने इस जगा पार इस घर में कदम रखा है सरु को क्या मिला है? मेरी पत्नी को मिली है जिल्लत! मेरी पत्नी को मिला है दर्ध!
00:15वेद ने फिर दिया सरू का साथ और लिया बड़ा फैसला तारा हुई आग बबूला और कर दिया शौकिंग काम
00:23सीरियल सरू का आने वला एपिसोड बहुत ही जादा इंटेंस हो चला है वल आप देखेंगे कि कैसे तारा अब सरू को अपने घर में एक शन भी बरदाश नहीं कर सकती इसलिए वेद और सरू की तस्वीर को जलाते नजर आती हैं तारा वेद के ही सामने वेद इस बात को बर�
00:53बुला वेद अपनी मा को सारी आइडेंटिटी देखर घर छोड़ कर चले जाने की बात करते हैं तारा चीकती है गिडगड़ाती है पर वेद उसकी नहीं सुनता वो तो अपनी बीवी के सम्मान में हो गया है पागल
01:23सरू के पास उसके खांदान का सरनीम नहीं है प्रॉमर भाप इस प्रॉमर को भी मैं आज हमेशा हमेशा को सोड़ करते हैं आज से मैं अपने पिता का ना अपने परिवार से कोई भी बास्ता आज के बाद से इस खांदान से वेद का कोड़ लेना देना नहीं होगा
01:50अर्थ के निख भाद से है न सरू कोई सस्राधा ना सरू कोई खानना ना का झाता हं रहा मुछνूर्
01:59और मुछमिर और यॉड में परत भी इजा फज़
02:03ह्ड़प्व एंप जो ये बताई कि मेरा इस घर से बास्ता joue कि भाइवर मेरा कोई दे awards
02:10प्रूप जो खुछ भी किया मामजे सब कुछ बता चाहिए
02:16शरू की महरी की बेज़ेती
02:19दादी की बर्सी पर दादी की तश्वीर बदल कर खुद की तश्वीर अगते
02:24सरू की और गनाइज की पाटी में खुद नशे में होने की अक्टिंग करना
02:30उसके बाद सरू को जानबूच कर बोलना कि वो आपको कमरे में बंद कर दे अपनी तवियत खत्रे में डाल कर जानबूच कर अपनी तवियत खराब करना
02:39ताकि मैं सरू से नफरब करूँ और सरू को छोड़ दू
02:42मेरी माँ होकर आप मेरे साथ ऐसा कैसे क्योंकि आपने मेरे साथ ऐसा क्योंकि आपने मेरे साथ ऐसा मुझे बताईए मा इतना बड़ा दोका आपने इतना बड़ा दोका आपने इतना बड़ा क्यों दिया आपने मैं आप पर आगबंद कर वरोसा करता हूँ और अपने इतना �
03:12तुम्हारे फ्यूचर के नी किया।
03:14तुम्हारे आत्मत प्यां की पठी बनी होगी।
03:16लेकिन मुझे तो दिखाई दे रहा है ना
03:19जिस लग्ती की माह मारे कर देन ओकरामी की
03:22जिसके न बाप पता न खानदान की पता
03:25जिसने जूट बड़ तुम से शादी की
03:27उसे तुम्हारी बीवी मान लू इस गर की बहुँ मान लू
03:33इस लग्ती की ना हैसियत है और ना ही ओकात है जिशाद कांदान की बहु दुनने की
03:39तुकि मेरे लिए बहुत उची है सरू की ओकात
03:44वल्कम उन फिल्मी बीट माम एक बार फिर से हमें आपका रौधर अंदाज नजर आया जहां पर सरू को थरली आउट राइट
03:53अपने बेटे के लाइट से आप बाहर करते हुए नजर आया तस्वीर जला रहे हो पर वेद बीइंग वेद उसने फिर एक बार सरू का साथ देने के लिए कुछ
04:01आज इस बार का वार कुछ उस पर ही उल्टा पड़ गया और वह चाहरी थी कि वह उसको बताए कि इस नोट पॉसिबल कि ता सरू और वेद का रिष्टा कभी एक नहीं हो सकता दोनों कभी एक नियुक्तर में हमेशा अलग करूंगी मुझे लगा वो डर जाएगा लेकिन ड
04:31उसे एक्सेप्ट नहीं कर रहे है इस घर में तो वो यह घर छोड़कर उसके साथ चला जाता है
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