00:00काशी हमेश्या से ही धार्मिक और आध्यात्मिक लिहास से महतपुर रही है यही वजय है विश्वनात-मंदिधशन के लिए चह गंगा-ार्थी के लिए या नौका
00:15विहार के लिए या फिर मठ मंदिरों में दर्शन पूजन के लिए हमेशा सही या शद्धालू आस्थावान आते रहे हैं लेकिन पिछले चार वर्सों में शद्धालू की संख्या रिकार्टोड बड़ी है और ये संख्या सवा 26 करोड़ से भी ज्यादा पहुच गई है और �
00:45विशनात धाम यानि विशनात मंदिर कॉरिडोर की दी थी इसके साथ ही साथ तमाम स्विधाय भी यहां पर बढ़ती चली गई है चाहे मंदिर में सापसफाई की बात करें चाहे लाइटिंग की बात करें वाश्रूम की बात करें पेजल की बात हो या बुजुर और लाचा
01:15रहा है चाहे यहां से तमाम बंदे भारे ट्रेन हो चाहे स्टेशन का विकास हो या फिर एरपोर्ट का विकास हो सड़के लगातार विक्सित होती चली जा रही है साफ सफाई का ध्यान अख्खा जा रहा है सड़कों और गंगा घातों पर लाइट्स का खास तोर से ध्यान अ�
01:45और ये सब कुछ हो पाया है तो विशनात मंदिर कारिडोर के ने रूप और ने स्वरूप के कारा है।
02:15दिनांक 14 दिसंबर 2025 पर मुखे रूप से शास्त्री आवजयन है उनको संभाजित किया जाएगा उससे पहले दिनांक 12 तारीक से पूरे धाम की सज्जा रहेगी जो 15 तारीक तक जाएगी और 13 तारीक को शायंकाल जो हमारे अस्थापना दिवस की पूर संद्या रहेगी ग्रे
02:45लिए जाएगे इन चार वर्षों में धाम में बहुत से परिवर्धन हुए हैं बहुत से प्रियोग हुए हैं जिनके अधार पर जो हमारे स्रद्धालों की संख्या रही है वाभी बहुत विश्ष्ट रही है
02:5526 करोड से दिक शद्धालों भी तक आ चुके हैं और जो तिती रहेगी उसमें मुझे लगता है उस समय तक 26 करोड की संध्या पूरी हो जाएगी और इन 26 करोड शद्धालों के आगमन को यहां पूरी तरह से बहुत अस्मरणी बनाया गया है विशे सुरूप से वर्ष 2025 के माह
03:25संध्या को भी यहां पर बहुत अच्छे सोपी का माधन से सोपी बनाकर उसको लागू किया गया था अभी जो और धाम में पिछले एक वर्ष के भीतर दो वर्ष के भीतर वर्ष 2024 के बास से भी विशुष नवाचार किये गये हैं जिनके अधर का सांसर संस्कृत प्रत्यु
03:55सप्थापीट किये गया है पूरे सथार नेक्ता का एक सूतर यहां से क्षिपादित करने का प्रयास किया जा रहा है इसका वादेर के लिए निश्हक्त रिक्रत कम क लिए विशे सुविधह माधलं की गई हैं ज件叮ेरे हमारे सास्क्री पर होते हैं इस्टने सभी प्रत्य �
04:25यहां पर धाम में बाहर से आने वाले लोग जो विशेश पूजा था वा विशेश अनुष्थान संपर करना चाते हैं उनके लिए भी विशेश सुधाय विशेश वशेश वुश्वनों के उप्रद कराई जा रही है जिससे जो हमने अपना इस ओपी तैयार किया है जिसके मा
04:55कि आधार पर उसी प्रक्या का पार्म करते हुए अपने यहां विशेश सुधाय प्रारम करना चाहिए तो हम उनको सब्सक्राइब करने के लिए एक संस्था के रूप में हमें पूरा विश्वास है मंदिर न्यास के प्रवन्दम को पूरा विश्वास है स्रीका अश्यु�
05:25सब्सक्राइब करने के लिए तो यहां चंदन प्राशनी से लगता आया है
05:54गणगा घाटी से चंदन लगता है भागवान के दर्वाल में वीजू जाते है तो चंदन लगाते है बरी-बरी गुरूजी तो चंदन सबसे पहले है
06:01कि प्रसाद होता है कासी में चंदन व� origin तो यह हम सब लगाते हैं लोग दूर
06:07तो इक्षा होता है हम सब जब चंदन में इनुका है?
06:30हम तो ढेंब लोकडों में
06:32डगाने नहीं दे रहा Emperor
06:35त्षान हम को जानता है
06:36चले गए शिवाकांत मिस्राजी बीमारी बढ़ जाएगा कलिसर अगर बीमारी बढ़ जाएगा तो हम सब
06:42कुछ इल दे दीजिए लगाने दीजिए देखिया बहुत विक्सित हुआ है लाकों को
06:51रोजगार मिला है हर तरफ रोजगार मिला है सब को मंधीर में जितने नोक्री के घ्र ही मिले हैं सब को सबकुछ
07:02कि इस था कुछ है हाँ मोदी योगी जी जैसा जो विबस्ता कर रहे हैं हो भी 80 म काशिका तो बर्नन नहीं कोई कर सकता है जितना करते हैं उख最 PRP dai
07:14पर आप आ रहे हैं जो सड़के हैं वो काफी चौड़ी कर दी गई है और में इंपोर्टेंट जो लास्ट टाइम और इस टाइम में डिफरेंस दिखा काफी बनारस काफी क्लीन हो गया है जो कंटीनियू यहां पर सफाही करमेचारी लगे हुए हैं वो डेली की क्लीनिंग जो
07:44अब आप आएं वह बहुत अच्छा हो गया है इस टिल इंप्रूमेंट के उसमें जरूँए लेकिन पिछली बार से और अभी की बार में बहुत डिफरेंस है जमीन आस्मान का अंतर है लेकिन अभी और इंप्रूमेंट जो अभी जैसे हम लोग देख रहें काफी सारे कारे
08:14सबसे बड़ी वज़ा है क्योंकि एक तो जो ट्रस्ट बन गया उसकी वज़े से जो प्रॉपर सिस्टमेटिक सब कुछ चीज हो गई ना उसकी वज़े से श्रद्धालू बढ़ चड़ के और आ रहे हैं और बाबा विश्वनात का जो महत्व है वो तो है
08:29तो इसमें मैं सुर्द से आया हूं और जिस तरह ते सारे 26 और दीवोटी साचिके हैं वी ते चार सालों में जब से इनी विश्वनात हैं तरदोर बना हैं तो क्या लग रहा है इसके पीछे क्या बज़े हो काफी सारे बज़े हैं क्योंकि कासी बहुत प्राचीन नगरी रह
08:59फास करके कौल डोर बनने के बाद पां इजी ट्रेवल सबसे इंपोर्टन गरीजिए जैसे मेरे लिए आना के वीजि रहा बारानलिस्य में एैरपोड भी बन गया इर पोट से आ रहो हो अरो वापस बारनलिस्य समया फ्लाइट दाये लिए मादवाद तो इस सारी सुद्ध
09:29साथी साथ जो चीजे अर्नादर चीजे थी पहले लोग जानते नहीं थे और पहले लोग अभी थोड़े लोग के वार अंदर जागरुकता भी जगी है
09:35जैसे काफी साहे लोग आते तो साम को गंगा आती अगर आप गया होंगे दस्वेव घाट पर देखने तो वहां काफी वीड होती है उसका रीजन के लोगों ने जागरुकता है यहां तक कि मैं सुबह का पांच वेजे का असी घाट पर होता है उसमें भी मैंने भीड देखे �
10:05दिन बाद दिन डेवलप्मेंट तो हो रहे है इस गणर्मेंट काफी डेवलप्मेंट के और होफ़ली आगे भी डेवलप्मेंट काईती रहेगी खासके कुछ अल्रेडी रोब्बे का एक काम चर रहा है जिससे इजी इजनेस आएगा थोड़ा और भी ट्राफिक पार थो�
10:35और होफ़ली मैं कहता हूँ कि हम लोग हमेशा कासी आते रहेगा दुनिया के हर कोने से लोग आते रहेगा
10:40पहले से बहतर तो इसका जो अरेंजमेंट है अंदर जाने का वो काफी अच्छा कर दिया है अब क्या है कि पहले भीड बहुत ज्यादा होती थी अब भीड का अरेंजमेंट अच्छा है
11:05सिक्यूरिटी अरेंजमेंट अच्छी है और विवस्था भी अच्छी कर दी गई है तो हाँ हम खुश हैं अंदर जाने के लिए बहुत एक्साइटेड है
11:13अच्छे से मिल गई और वहां से आने में भी कोई दिक्कत नहीं हुई काफी अच्छा हाइवे बनाया हुआ है तो आने में कोई दिक्कत नहीं हुई हमें
11:34तेली से हैं लोग तो शर्दा बढ़ रही है यंग जनेशन में ज़्यादा बढ़ रही है मैंने देखा है जहां तक दूसरा साफसफाई है पहले क्या होता था पहले लाइन्स वगरा इतनी जादा नहीं होते थी जगह नहीं थी इतनी जादा अब अंदर स्पेस बहुत ज़्
12:04लाइन्स में लाके दर्शन हो सकते हैं अब चार साइट से आने पर दूसरा क्नेक्टिविटी बहुत बढ़िया होगी है बंदे भारत आती है हटेम अब लेवल है देली से आती है पर्यागरा से आती है आयोधिया से आती है तो इसलिए क्नेक्टिविटी की वज़े से भी �
12:34बढ़िया है सब बढ़िया है मेरा नाम रमन है मैं दिल्ली से हूँ लगवक चार साल में 26 बढ़ धालू दिवोटि इस कुष्णात मंदिर में आगे बहुत बड़ा यह रिकॉर्ड तो क्या लग रहा है इसके पीछे क्या वजह होगी इन वजहों से कि उधाओं की वजह से ल
13:04दर्शन के लिए बहुत आसानी हो गई है सबको और रेलवे स्टेशन और एरपोर्ट भी काफी इंप्रूमेंट है उसमें भी और काफी अच्छा हो गया है कॉरिडोर बनने से गंगा आरती आप देखिए दश्मिश घाट है चाए असी घाट है दोनों में आरती भी बहुत
13:34कंठत करे बिल्गूल बिल्कुल और कुमप का बीसी बारे औजन वहाता जे महा कुमप का तो उस वज़ह से काफी
13:45काफी लोग पहले परियाग्राज स्नान करने के बाद वह लोग काशी आ कि दर्शन करके भगवान जी के गया है आरा ही के बाबा जी क्या है
13:56तो पहली बार रही हूं लेकिन वही हमारी ट्रेविल लिस्ट में पहले से नाम था तो इस बार हम लोग आये थे अभी इस से पहले वहां भी गये थे नमो घाड और यहां पे भी तो बहुत अच्छा फरक आया है रोड बोड़ी अच्छी हैं पहले तो सोचना पड़ता था आ
14:26अगर अगर प्रॉब्लम की बात करूं तो एक वाश्रूम का अभी भी प्रॉब्लम में अधर वाइस उसके अलावा सब अच्छा है
14:42करनाटक से तावरे केरे स्वामी जी डाक्टर अभीनव सिद्धलिंग शवाचरे स्वामी जी हम पहले यही थे हम पड़ाई यह हुआ
14:54यह बताईए पिछले चार वाट्सों में जब से इसना धान परिडोर बना है कबसे लगाता शब्लों की संक्या बढ़ रही है
15:02करनाटक महाराश आंद्र तमिलनाड सब जागा से इसना धान परिडोर बनाएं इसलिए विश्वनात जी का बहुत विश्याल मंदिर बनाएं इसलिए बहुत कुशी है
15:26इसलिए हमको करनाटक महाराश आंद्र तमिलनाड सब जागा से हमारा यात्री लोग जंगमणी मर्से आते
15:34यहां लोगों को भी बहुत कुशी हमानते हैं यहां का स्वच्चता और सुविदा और सुरक्षा के तिनों बहुत जरूरी है अबी भी बहुत ज़्यादा जरूरी हो गया इसलिए हमको बहुत कुशी मानते हम लोग
15:46झाल झाल
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