00:00गुरुत एक बहादू साहब का साड़े तीन सोवाँ शहीदी दिवस जब पूरे देश में मनाया जाना तैय हुआ ऐसे ही दिल्ली में भी हमने जहाँ गुरु साहब की शहादत लाल किले पे हुई थी वहीं पर हमने सोचा की बड़ा आयोजन बड़ा समागम करेंगे
00:23और पूरी तियारी के साथ में दिल्ली सरकार ने हमारी गुर्द्वारा प्रबद्नक कमेटी ने मिल करके एक बड़ा आयोजन दिल्ली में समागम के रूप में किया
00:36जहां लाखो भक्तों ने गुरु साहब के चर्णों में आके शीश नवाए हमने कारिक्रम से पहले यही सोचा था कि ये कारिक्रम गुरु साहब के आशिरवास से ठीक ठाक हो
00:49किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत किसी भी वेक्ती के साथ आने वाले किसी भी हमारे भक्त जन के साथ ना हो
00:57क्योंकि उससे पहले जब डिल्ली में लाल किले पे ही आंतंकी हमला हुआ था
01:03तो मन में थोड़ा डर था कि गुरु साहब आपकी शहादत को नमन करने के लिए दिल्ली सरकार ने ये कारिक्रम तो रखा है
01:14पर आपके ही आशिरवास से ये ठीक ठाक हो जाए सभी संत सभी भक्त जो देश के कोने कोने से दिल्ली आए
01:23एक दिन में लाखो लोग जो वहां आकर के शीश नवाया उन्होंने पूरे समागम का हिस्सा बने अनेको गुरों ने आकर के
01:35हमारे भक्तों ने आकर के वहां पर गुर्बानी करी संकीरतन हुआ
01:42मैं आज गुरु दर्बार में शीश नवाने आई हूँ शुकराना करने आई हूँ गुरु साहब का कि हमारा ये समागम का भव्य कारिकरम
01:53उनके आशिरवास से ठीक ठाक सही से बिना किसी तकलीफ के किसी भी विक्ति को कोई तकलीफ नहीं हुई
02:01बहुत सुंदर उनके आशिरवास से कारिकरम हुआ
02:05मेरी और से मेरी पूरी टीम की और से मेरे भाईयों की और से हमारी सरकार की और से
02:12गुरु साहब के चर्णों में हमारा नमन शुकराना और देश में अलग-अलग सरकारों ने
02:18गुरु साहब की शहादत को जिस तरीके से मनाया उनको भी मैं बहुत धन्यवाद करना चाहती हूँ दिल्ली सरकार की और से भी सबको गुरु साहब का अशिरवाद मिले और सब लोग उनके इस शहादत को आगे वर्षों तक याद रखे और आने वाली जो जनरेशन है उन तक
02:48अज़त दिवस जो मनाएंगे हम पूरे साल भर अलग-अलग आयोजन करेंगे हमने किताबी चप्तवाइए हैं जो कि हम अपने स्कूल के बच्चों को पढ़ने के लिए देंगे ताकि हर बचा जैसे जैसे गुरु साहब आग्या करेंगे जैसे करते जाएंगे गुरु साह
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