00:00हरियाने के छोटे से गाम का जिकर
00:19घर खरकर खेत में लिया रास्ता गुजर
00:22कुछे यार कदी कराना जात का फिकर
00:25घर बार में नहीं कमी थी राम का शुकर
00:28कला की बात के कला के हेना बेरा था
00:31कंचा गोली गिली डंडा शाम कद सवेरा था
00:34बापू की मार अर्माने करा लाड़
00:37चार दिना मैत एक गुजरा कोई ना बखेडा था
00:40फिर पहुचा एच चार इक यावन देखा एक था
00:43विज्यापन सपने बुंता गिंता मन छोरा तकता
00:45सिंगाशन खेर यहां से बदला सब बोल चाल
00:49रहन सैं दोस्त यार बदले बदले घैन वैं
00:51ये दूसरा दिन भी चल रहा था शान्ती में
00:54ममता के पलू से निकला लाने को क्रान तीव है
00:57वस लिस्णिंग, शेडी, एपी, स्टड़िंग, रिल एथी, विटी, स्पेशल बना, M.C.Square
01:02और भी कह दू तुमसे
01:06हमेशा आगे खुच से
01:09बड़ी दूर
01:14और भी कह दू तुमसे
01:17हमेशा आगे खुच से
01:20बड़ी दूर
01:23जिन्दगी ये चारे दिन की दूरी तक ही है बसी
01:29रोना हाया एक में तो दूजे में छिपी हसी
01:32जिन्दगी ये चारे दिन की दूरी तक ही है बसी
01:34चलते जाना, चलते जाना, चलने से ही लेवनी
01:37लिखावट की आहट में छिपा हुआ रहने लगा
01:40पन्नों पे भर के कुछ भी गिसा पिटा कहने लगा
01:43बैटल्स में चोक हुआ जोग बनावो
01:45दिली बने लंग्स रोज धुआ बोज बनावो
01:48और रती भर भी कला पेना दुनिया गौर करे
01:51वाकिफ कला से जोनी दुनिया भर का शोर करे
01:54तीसरा दिन डुबा लेके सबासार
01:57शोर में चीक दबी मरा कला कार पर
02:00अभी खुद के लिए लिख रहा था वो
02:02खुद को ढूनने चला पर सबको दिख रहा था वो
02:05नौसे पांच वाली गाड़ी लेके चार गाली आती थी
02:08बाजार सस्ता और बिक रहा था वो
02:11ना जाने किस घडी का इंतजार था
02:14चहरे आसपास कई थे पर एक यार था
02:17शूकरान मंच का जहां खड़ा है वो
02:20शुरू हो चुका है सफर दिन ये चार का
02:23और क्या कहूँ तुम से
02:26अभी भी आगे खु़ से
02:29बड़ी दूर
02:32बड़ी दूर
02:34और क्या कहूं तुम से, अभी भी आगे कुछ से, बढ़ी दूर, बढ़ी दूर
02:45जिन्दगी ये चार दिन की दूरी तक ही है बसी, रोना आया एक में तो दूजे में छिपी हसी
03:06चल रहा है चल रहा है चलने से ही लेबनी
03:15चल रहा है चलने से लेबनी
03:17शुक्रिया
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