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  • 3 months ago
बाघ और गुलदार के साथ भालुओं के हमले बढ़ते जा रहे हैं, वन विभाग ने तीनों के खतरों के लिहाज से डेंजर जोन चिन्हित किए

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00:00ुत्राखंड में वन्य जीवों के इंसानों के साथ संघर्ष को लेकर ऐसे कई शेत्र हैं जो डेंजर जोन में तबदील हो गए हैं
00:12इसके चलते राजी के कई शेत्रों में मानव वन्य जीव संघर्ष की आशंकाएं बढ़ गई हैं
00:18बाग के बाद गुलदार और भालूओं ने इन दिनों उत्राखंड में आतंग मचा रखा है
00:23वन विभाग ने प्रदेश में करीब 800 इलाके ऐसे चिन्हित किये हैं जिने मानव वन्य जीव संघर्ष के लिहास से डेंजर जोन माना जा सकता है
00:33वालू के अगर बात करते हैं तो इसमें गड़वाल डिविजन, बद्रिनाथ, रुद्र प्रयाक, नंदादेवी, उत्तरकाशी, केदाननाफ, लैंस्टाउन, तेहरी और गुबिन, बड़पोर्ट, नरेंजर नगर, मौसूरी एभंग टॉंस इतनी एडिया में वालू ही �
01:03हादवानी में केवल एक बार इस बार हुआ है, एक बार हुआ है हादवानी, तो इस परकार ही हमारा भालू का प्रॉब्लेम्स है, उकमाओं और गड़वाल में हैं, तो उसी के लिए हमने सारे बिव फोस को कह रहे हैं कि हमारे लिए एक नया चलेंज बन गया, और उसको आ
01:33इंक्लूड करते हैं, हम लोगों का इस प्रॉब्लेम को सॉल्ब करना है।
02:03कर्शित होते हैं।
02:33इन दिनों मानाव वन्य जीव संगर्ष वन विभाग के लिए भी सिर्दर्द बना हुआ है।
02:49देखने वाली बात ये होगी कि विभाग वन्य जीवों के खत्रों वाले 800 डेंजर जोन चिन्हित करने के साथ लोगों को हिंसक जीवों से बचाने के लिए और क्या उपाई करता है।
03:01ETV भारत के लिए देहरादून से नवीन उन्याल की रिपोर्ट।
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