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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के भारत दौरे को लेकर ICC ने जारी किया अरेस्ट वारंट, लेकिन भारत ICC सदस्य नहीं होने के कारण उनकी गिरफ्तारी की संभावना कम है। मोदी सरकार अपनी दोस्ती और रणनीतिक रिश्तों को बनाए रखने पर जोर दे रही है। पुतिन के भारत आने से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और आर्थिक सहयोग मजबूत होगा। इस वीडियो में जानिए क्यों पुतिन की गिरफ्तारी भारत में नहीं हो सकती और भारत-रूस रिश्तों पर इसका क्या असर होगा। पूरी जानकारी सरल भाषा में देखें।

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~GR.122~HT.408~

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Transcript
00:00रूस के राष्ट्रपती व्लादी मेर पुतिन के भारत आने को लेकर बहुत चर्चा हो रही है।
00:30अब जब वे दो दिन के लिए भारत दोने पर आ रहे हैं तो सवाल उठ रहे है कि क्या भारत में आने पर उन्हें गिरिफतार किया जाएगा या नहीं और क्या इस मामले में भारत और रूस की दोस्टी को कोई खत्रा होगा।
01:00भारत के लिए मानने नहीं है।
01:02इसका मतलब यह हुआ कि भारत अपने फैसले के अनुसार पुतिन को गिरफतार या ना गिरफतार कर सकता है।
01:16अनुसार रूस और भारत के बीच मजबूत रिष्टे हैं।
01:22ऐसे में पुतिन की भारत में गिरफतारी करना बहुत मुश्किल होगा।
01:26ICC के आर्टिकल 87.5 के तहट ICC कोट भारत से अनुरोत कर सकती है।
01:32लेकिन भारत इसका पालन करने के लिए बाध्य नहीं है।
01:34और इसे अंदेखा भी कर सकता है।
01:36इस तरह भारत की राजनितिक और कूट नितिक मजबूती के कारण पुतिन को यहां आने पर गिरफतारी से बचाने की संभावना अधेख है।
01:44इदिहास में भी इसके उधारन मिलते हैं।
01:462015 में सुडान के राश्ट्रपती उमर हसन एहमद अल बशीर भारत आये थे।
01:52उस समय ICC ने बशीर के खलाव वारंड जारी किया था।
01:55लेकिन भारत ने उन्हें गिरफतार नहीं किया।
01:57भारत ने ICC के निरदेशों को नजर अंदास करते हुए बशीर को बिना किसी गिरफतारी के भारत में बैठकों में हिस्सा लेने दिया था।
02:04ये दर्शाता है कि भारत अपनी विधेश नीटी में अपनी राष्ट्री हितों को प्रात्मिक्ता देता है और कूट नितिक संबंधों को मजबूत बनाये रखने के लिए जरूरी कदम उठाता है
02:13ICC की स्थापना 2002 में हुई थी और इस संस्था के कुल 125 सदस देश है जिनमें बिटन, कैनेडा, जपान, आस्ट्रेलिया जैसे देशों के साथ-साथ योरप के कई देश शामिल हैं
02:24हलाकि अमेरिका, रूस, चीन और भारत जैसे बड़े और ताकतवर देश ICC के सदस से नहीं है
02:29ICC मुख्य रूप से दुनिया में होने वाले नरसंगार, युद्ध, अपराद और मानवता के खिलाब अपरादों की जाच करता है
02:35और आरोपियों की गिरफतारी के लिए सदस्य देशों को वरंट पेचता है
02:39लेकिन चुंकि भारत सदस्य नहीं है, इसलिए ICC के आदेश भारत पर प्रभावी नहीं होते
02:44ICC के वरंट को सदस्य देशों के लिए सलाह के रूप में देखा जाता है, इसे मानना जरूरी नहीं होता
02:50भारत ने पिछले उधारणों में भी ICC के आदेशों को नजर अंदाज किया है, जब उसकी विदेश नीती या कूट नितिक संबंदों को खत्रा लगा हो
02:57भारत और रूस के पिछ पुराने और मजबूत संबंद हैं, जो रणनीतिक, आर्थिक और रक्षक शेत्रों में गहरे हैं
03:03ऐसे में मोदी सरकार के लिए आसान नहीं होगा कि वो पुतिन की गिरफतारी करे, क्योंकि इसे दोनों देशों के बिच दोस्ती और सयोग को बड़ा जटका लग सकता है
03:10अंतराष्ट्री मंचों पर भी भारत अपने फैसलों में स्वतंत्र रहता है, वो अपने राष्ट्री हितों को ध्यान में रखकर ही निन्ने लेता है
03:17पुतिन का भारत आनत दोनों देशों की बिच सयोग को दर्शाता है और उनके रिष्टों को मजबूत करने का प्रयास है
03:23यदि भारत ने पुतिन की गिरफतारी की कोशिश की तो रूस के साथ रिष्टों में तनाव पैदा हो सकता है
03:28जिससे भारत की सुरक्षा और आर्थिक ग्योशनाओं पर भी असर पड़ सकता है
03:31इसलिए कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि भारत में पुतिन आने पर उनकी गिरफतारी के संभावना बहत कम है
03:37भारत ICC का सदसिन न होने और रूस के साथ मजबूत कूटनितिक संबंध होने के कारण
03:43पुतिन की गिरफतारी से बचाने की कोशिश करेगा
03:45मोधी सरकार अपनी दोस्ती को तोड़ने के बजाए अपने राश्ट्रे हितों को प्रात्मिक्ता देते हुए संतुलित निर्ने लेगी
03:52पुतिन के भारत द्वारे का मकसद भी दोनों देशों के बीच आपसे सहयोग और दोस्ती को आगे बढ़ाना है ना कि विवात पैदा करना
03:59इस संदर्ब में ये समझना जरूरी है कि अंतर राश्ट्रे कानूनों और समझोतों का पालन हर देश की राजनेतिक इच्छा शक्ती राश्ट्रे हित और रणनेतिक संबंधों पर निर्भर करता है
04:09भारत की विदेश नीती हमेशा से अपने देश के हितों को सर्वोच मानती आई है
04:13ऐसे में पुतिन के भारत आने पर गिरफतारी की संभावना को अधिकतर विशेशग्य और कूटनितिक जानकार न कारते हैं
04:20ये दौरा दोनों देशों के लिए मात्वपूर्ण है और उसे सकारात्मक नजरिया से देखना चाहिए
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