00:00कि ऐसा कौन सा महात्मा होगा ऐसा कौन सा धार्मिक बेति होगा जो क�новवस नान करने के लिए जाये
00:06और ब्रिक्षों को काटने का पाफ अपने सीर पर लेकर के वापस आ जाये
00:12अगर कोई ऐसी मांग कर रहा है कि यहां के ब्रिक्षों को काट करके हमें शिवर लगाने के लिए जगा देजिये
00:19तो वो हमारे समाज का अंग नहीं हो सकता है
00:22ना तो सादू समाज का अंग हो सकता है ना तो हिंदू समाज का अंग हो सकता है
00:25कभी कभी ऐसे समाचार सुनने को मिल जाते हैं
00:32जिसे मन में बड़ी पीड़ा होती है
00:34अब देखिए
00:36मन प्रसंद है
00:39कि आने वाले दिनों में
00:43नासिक में कुमकापरव आयुजित किया जाने वाला है
00:46हम लोग नासिक जाने की कलपना से
00:52अहलादित है
00:55कि नासिक जाएंगे वहाँ पर चात्रुमा से करेंगे
00:58कुमका आनंद लेंगे
01:00लेकिन इसी बीच में एक समाचार आया है
01:03कि नासिक में जो तपोवन है
01:06उस तपोवन के जो बहुत पुराने पुराने पुराने प्रिक्षण है
01:11जिनकी बड़ी संख्या है
01:14उनको काट करके महाँ पर
01:16शिवर लगाने के लिए बेवस्था बनाई जा रहे है
01:19आप बताईए
01:21कि ऐसा कौन सा महात्मा होगा
01:24ऐसा कौन सा धार्मिक वेक्ति होगा
01:27जो कौमबस नान करने के लिए जाए
01:29और बिक्षण को काटने का पाप
01:32अपने सिर पर ले करके वापस आ जाए
01:34इसलिए
01:37अगर कोई ऐसी मांग कर रहा है
01:40कि यहां के बिक्षण को काट करके
01:42हमें सिवर लगाने के लिए जगा देजिए
01:44तो वो हमारे समाज का अंग नहीं हो सकता है
01:47ना तो सादू समाज का अंग हो सकता है
01:49ना तो हिंदू समाज का अंग हो सकता है
01:50और फिर ब्रिक्षों की ही बात नहीं है
01:54ये ब्रिक्ष तो वैसे ब्रिक्ष है
01:55वैसे तो ब्रिक्ष काटना ही पड़ा पाप का काम है
01:59लेकिन ये ब्रिक्ष ये ब्रिक्ष तो तपोवन के ब्रिक्ष है
02:03इन ब्रिक्षों के नीचे जाने कितने सादू संतों ने बैठ करके तपस्या की है
02:08भगवान का नामस्मर्ण किया है अनुस्थान किया है
02:12और इन ब्रिक्षों में वो तपो भावना भर दी है
02:17इसलिए आज भी उन ब्रिक्षों की नीचे जाकर के थोड़ी देर के लिए भी कोई बैठता है तो उसके मन में आध्यात्म की तरंगें स्पंदन करने लग जाती हैं
02:27लेकिन उन ब्रिक्षों को काट करके उनकी जगह पर मैदान बना करके उसमें अगर लोगों को बसाने के लिए वो भी केबल कुम्भ परियंत ही बसना है उसके बाद पिर इसका मतलब है कि कुम्भ के नाम पर वहां की सरकार इन ब्रिक्षों को काटेगी
02:45काट करके सादू संतों को शुविर के लिए जगह देगी
02:48ये दिखाएगी कि देखी हमने आपके लिए कितना अच्छा किया
02:51और जब कुम्ब पूरा हो जाएगा
02:53तो चूंकि ब्रिक्ष कट चुके होंगे
02:55तो फिर वहाँ पर कोई सरकारी योजनल आदी जाएगी
02:58या अपने किसी विक्ति को वहाँ पर इलाट्मेंट कर दिया जाएगा
03:01जिसे वो जगह कब जा हो जाए
03:02तो ये संतों के लिए कुम्ब के स्नानार्थियों के लिए व्यवस्ता नहीं बनाई जा रही
03:09ये वेवस्ता कुम्ब के बीत जाने के बाद के लिए बनाई जा रही है
03:13इसकी ध्वनी निकल रही है
03:16हमारा यही कहना है महाराश्ट की सरकार से
03:19कुम्ब के मेला अधिकारी से
03:21और वहां के सभी स्थानिक निवासियों से
03:24कि तपोवन के बिक्ष बड़े पवित्र बिक्ष हैं
03:27इनको कटने की जो योजना सारवजनिक हुई है
03:31इसका विरोध किया जाए इसको ना होने दिया जाए
03:34अगर ये होता है तो कुम्ब के सनान का जो आहलाद है
03:38वो गट जाएगा
03:40और कहीं न कहीं इसका प्रभाव
03:54बचे हुए तपोवन के साथ, कुमका आनंद लीजिए, आज तक जैसे लेते रहे हैं, आगे भी लीजिए.
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