00:00हम बात करेंगे वंदे मातरम की वही गी जिसे हम बच्छपन से गाते आए हैं, सुनते आए हैं, उस पर जमियत उलेमाए हैं, इनके मुख्या मौलाना महमूद मद्दी ने बड़े सवाल उठा दिये हैं
00:08मौपाल में कारिक्रम को सम्मोधित करते हुए मद्दी ने 20 शब्दों में जो कुछ बोला उसकी तपेश अब दिली तक पहुँच चुकी है
00:15दिली में बीजेपी ने बद्दी के बयान को भड़काओ बताया है, विवादों के इस बवंडर के बीच दो दिन बाद, यानि कि एक दिसम्बर से संसत का शीत कालिन सत्र शुरू हो रहा है और इस सत्र में वंदे मात्रम बहस के केंद्र में हो सकता है
00:29वो गीत जिसने आजादी की सुबह का रास्ता खोला, वो तराना जो अंग्रेजों के सामने देश के रीड़ बन कर खड़ा हो गया
00:46आज वही वंदे मात्रम नई राजनीती के बीच खड़ा है, बहस कहीं ज्यादा तीखी हो चुकी है
00:51मौलाना महमूद मद्नी ने वंदे मात्रम पर सियासर तपाने वाला बयान दे डाला
00:56बोपाल में जमेत उलिमा हिंद की गवर्निंग बॉडी काउंसिल की मीटिंग में मद्नी ने जो चिंगारी लगाई उसकी तात दिल्ली तक पहुँची
01:21बीजेपी ने सीधे सीधे मद्नी पर पलटवार किया
01:24अशन दिया है वह नकेवल भड़काऊ है अपितू देश को विभाजन की और लेने की उनकी कूचेश्टा है
01:33उनका कहना की जिहाद होना चाहिए जब जब जुल्म होगा तब तब जिहाद होगा
01:40मुझे लगता है यह बहुत ही अनुचित जब्दे है बहुत ही अनुचित वाक्या है
01:46और जिहाद के नाम पर जिस प्रकार से लोगों ने भारतवर्ष में नहीं भारतवर्ष के बाहर भी आतंक फैलाया जिहाद के नाम पे वह हमने देखा है
02:00राजनिती अपना रुखताय कर रही है संसद का शितकालिन सत्र सौंबार से शुरू हो रहा है और वंदे मात्रम पर चर्चा के संकेत है
02:06सरकार आक्रामक मोड में है वहीं विपक्ष भी तैयार खड़ा है बहस टक्राव में बदल सकती है क्योंकि 2024 के राजनित सभा के एक बुलेटिन का हवाला दे कर विपक्ष सरकार पर हमलावर है
02:17विपक्ष का कहना है कि संसद में जैहिंद और वंदे मात्रम पर रोक लगाई गई है
02:47वंदे मात्रम के 150 साल पूरे हो गए है वंदे मात्रम 1875 में बंकिम चंदर चटर जी ने लिखा
03:01इसे पहली बार 1882 में उनके उपन्यास आनंद मठ में प्रकाशित किया गया था
03:06इसे पहली बार 1896 में रविंद्र नाथ टैगोर ने गाया
03:10आजादी की लड़ाई में बंदे मात्रम की भावना ने पूरे राष्ट को प्रकाशित किया था
03:19लेकिन दुर्भाग्य से 1937 में बंदे मात्रम के महत्पपुन पदो को उसकी आत्मा के एक हिस्से को अलग कर दिया गया था
03:37बंदे मात्रम के इस विभाजन ने देश के विभाजन के बीज भी बो दिये थे
03:55देश के क्रांतिकारी वंदे मात्रम को अपने संघर्ष का प्रतीक मान कर गाते थे
04:00बंगाल, बिहार, यूपी, पंजाब और महराष्ट के छातर युवा जुलूसों में इसे जोर सोर्ष गाते थे
04:06उनके लिए ये प्रेणा स्रोत था
04:09आजादी की लड़ाई में वंदे मात्रम के जर्गे महिलाओं ने अपनी आवाज बुलंद की
04:13इसी बुलंद गीत के 150 साल पूरे होने पर 7 नॉंबर को पियम मोदी ने
04:18एक साल तक चलने वाले राष्टिय स्मर्णोत सब का उधगाटन किया और कहा कि कॉंग्रिस ने इसे तोड़ने का काम किया था
04:25यही वो चीज है जिसने देश के विभाजन की नीव रखी
04:28वंदे मातरम भाव है इतिहास है पहचान है लेकिन आज यह राजनिती की सबसे तेज जलती चिंगारी बन गया है
04:36अब नजर संसत पर है क्या यह बहस नया मोड लेगी क्या नया बयान माहौल बदलेगा
04:41यह वंदे मातरम एक बार फिर सियासी तूफान का सबसे उचा शोर बन जाएगा
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