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  • 2 hours ago
अयोध्या राम मंदिर पर धर्मध्वजा से क्या 'गुलाम सोच का DNA' बदलेगा? देखें सबसे तीखी बहस

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00:00लवस्कार बहुष्बाजिकर में आपका बहुत-बहुत स्वागत है
00:10कहते हैं कोस-κोस पर बदले पानी चार कोस पर बानी ये भारत की ताकत है यही हमारी विरासत है
00:16लेकिन क्या अंग्रेजों के 200 वर्षों के शासन में भारत अपनी ही संस्कृती की सम्रिधी को कुछ यू भुला गया कि देश की स्वतंत्रता के बावजूद हमारी मानसिक्ता स्वतंत्र नहीं हुई
00:27हिंदुत वारी तो यहां तक कहते हैं कि गोरी गजनवी से लेकर मुखलो के शासन को भी भारत की घुलामी का काल कहा जाता है
00:34हमारी सोच कि स्वतंत्र नहीं होने का यह सवाल बेहत गंबीर है क्योंकि प्रधार्मत्री नरेंद्र मोदी ने राम मंदिर में धर्ण धोजा आरोहन के अवसर पर मानसिक घुलामी से मुक्ती का संकल्प तो लिया ही धर्ण धोजा को सांस्कृतिक पुनर जागरण का प्रत
01:04असलिए आज बहस बाजिगर का मोशन है क्या धर्म धोजा से घुलाम सोच का डिये ने बदलेगा तो आज बहस बाजिगर का यही टॉपिक है एक बार फिर से यहाँ पर मौजूद बच्चों का बहुत बहुत स्वागर आज हमारी ओडियंस में पत्रकारता के भी चात्र है
01:34लेकिन उस से पहले आपको बतादे नीले अधूद टमाम युवा् किरसा है तो भी पॉन गम्ले के बहुत प्सीर्ज में भी जै
01:54नहीं तो आपके पास सफेद का उप्शन है और सफेद गमचे वाले आज बहुत कम है बहुत कम है बस दो लाइन है अभी वोटिंग में पता चलेगा और ये हैं लाल गमचे वाले जो ये मानते हैं कि खुलामी मानसिक्ता का अंत करना देश में जरूरी है यही है तो चलिए स्
02:24पत्रकार भी है तीन ताल के ताउ भी है और उनका पॉड़कास बहुत लोग आज कल देख रहे हैं विनोद अगनी होती जी वरिश पत्रकार हमारे साथ जुड़ रहे हैं आरती तिककु सिंग हमारे साथ जुड़ रही है और जैसे मैंने आपको कहा पहले तीन ताल के ताउ
02:54पर दोनों टीमों में तीन तीन वक्ता होंगे उन में से सबसे अच्छा कौन अपने पॉइंस पर बोल पाया और यसी लिए अब स्वागत करते हैं दोनों ही टीम से जो पहले वक्ता है उनका
03:05तो स्वागत कीजे भारतिय जनता पार्टी का पक्ष रखने के लिए प्रेम शुक्ला वैसे एक वक्त पर ये पत्रिका निकालते थे और अभे दूबे जी कॉंग्रेस पार्टी की तरफ से आ गए हैं अभे दूबे जी का भी अलगी स्टाइल है एक दम अभे दूबे जी बह
03:35दो टीम आपके साथ बैठेंगे अभे जी एक दम तयार हो गए अपनी टीम का स्वागत करने के लिए अब मंच पर बुलाते हैं अपने अगले दो वक्ताओं का तालियों के साथ स्वागत करते हैं हमारे साथ राज कुमार भाटी जी समाजवाधी पार्टी का फक्ष रखन
04:05बलुक जी संसद में जबदख अपने अंदास के लिए जाने जाते हैं और आज भी एकदम तयार वयार हो के आये हैं पहस बाजिगर में वक्ता बनने के लिए अब आखरी दो वक्ता जो टीम के हैं उनको बुलाते हैं
04:16तालियों के साथ स्वागत कीजिए बिनाई सिंग जो की डिरेक्टर है डॉक्टर शामा प्रिसाद मुकर जी रिसर्च पांडेशन के वो हमारे साथ जुड़ रहे हैं और प्रफेसर अखिल स्वामी जी एक पुलिटिकल आनलेस के तौर पर आज हमारे बीच पहुँच रहे
04:46और फिर से आप सभी को बताते हुए कि आप लोगों को शुरू में दो दो मिनिट का समय मिलेगा अपनी बात को रखने के लिए यहां पर एक दूसरे पर चलाने की जरूरत है नहीं दो मिनिट में अगर आपके बातों में दम होगा तो यह जज़स कन्विंस होंगे और उसक
05:16दूर कोड आपके सामने हैं आप भी इस मोशन पर अपना वोट डाल के बहस बाजिगर में शामिल हो सकते हैं तो चले शुरूआत करते हैं प्रेम शुकला जी अभेदूबे जी आज आईए अपनी अपनी जगा पर क्योंकि आप लोग टीम लीडर्स के तौर पर आज इस ब
05:46कि वहीं उसी मंद से पी-म ने घुलाम सोच को खत्म करने की बात की में कॉली की सोच से बाहर निकलने की बात की तो प्रेम शुकला जी माइक उठाईए और इस विशे पर बोलने का आपका दो मिनिट का समय शुरू होता है अब
05:58निश्चित तोर पर प्रवराम चंद्र जी के भवेदियों मंदिर पर जो धर्म धोजा फैराई है और राम राज्य की संस्थापना का जो हमारा संकल्ब था महात्मा गांधी सुतंता संग्राम के दौरान अंग्रेजों की दास्ता से मुक्ति के लिए जिस संग्राम का उने
06:281924 के हरिजन में लिखते हैं कि मैकाले की सोच ने किस तरह से भारत की पूरी तरह से चिंतन को भारत की ज्यान परंपरा को भारत के दर्शन को पूरी तरह से दास्ता से आसक्त करने का कुकर्म किया हुआ है ये महात्मा गांधी 1924 में हरिजन में लिखते हैं कि इस दास्ता की
06:58इसी तरह से वो चैथम हाउस में जब उनका वहां पर वक्तव होता है तो चैथम हाउस के वक्तव में 1931 में भी महात्मा गांधी बारंबार मैकाले की सोच के खिलाफ भारत को जिस तरह से भारत के रक्त में दास्ता को संस्थापित करने का प्रयास मैकाले के सोच ने मैकाले के
07:28तो जब राम राजी की संस्थापना का या शुभकार आधरनी नरेंद्र मोधी जी के नेत्रित्त में 500 वर्तो बाद बाबर की जो आकरांता विचार था जिसने जो है प्रभुराम चंद्र जी के भविदिव मंदिर का धुंस करके वहां पर बाबरी मस्जिद बनाने का काम हु
07:58समय समय समय आप तुआ यह रोजवाला डिबेट नहीं है आपको दो ही मिनिट में लेगे बहुत ओपनी बैसमें ने अपनी तरफ से अच्छी बल्ले बाजी की है और आप लोग भी होसा बढ़ा सकते हैं अपने अपने वक्ताओं का अपनी अपनी टीम का अगर आपको किसी
08:28जिस राजा के राज में प्रजा को धुग भोगना पड़े वो नर्ग का अधिकारी होता है मित्रों इतिहास साक्षी है यही 25 नवंबर
08:381950 को बाबा साब अंबेट करने सम्विधान सभा में बाशन दिया और प्रधान मंत्री नरेंद्र मोधी जी का 25 नवंबर को जो भाशन
08:462025 में था उसका अंतर जानिये एक धर्म की धजा की बात करते हैं एक राश्ट की धजा की बात करते हैं बाबा साब
08:53करके भाषन को सब को चुनना चाहिए सम्विधान सभा में उन्होंने कहा कि एसा नहीं था कि पहले हम परतंत्र नहीं थे हमने बहुत मशक्कत के बाद इस आजादी को हासिल किया लेकिन भविश्य के भारत में मुझे तीन चिंताएं सताती है कि क्या हम फिर से गुलाम हो सकते
09:23होने की संभावना बनती है ऐसा कोई नित्रत वाजा है जो सामुइकता से सभी भारत वंशियों की अपेक्षा मुठी भर लोगों के लिए काम करेगा तो फिर हम परतंत्ता की गुलामियों की बेडियों में जखड़े जाएंगे तो मुझे लगता है कि आजी के संदर्भित
09:53साहिशनुता शमा ज्यान और हमारे देश ने धारण किया हमारा समविधान धर्म के रूप में जब हम धर्म के रूप में अपना समविधान को धारण करते हैं तो तीन बात प्रमुकता से कहते हैं हमारा धर्म है धर्म निरपेक्ष्था तो अज्यानता पर शिक्षा की प्र
10:23तो किसानों की आमदनी सक्टाविज रुपे और धन कुवेर की आमदनी सोला सो क्रोड़ और समय समाप दुआ जबरदस दोनों ही ओपनिंग बैट्समें ने अपनी टीम की करण से जबरदस बल्लेवाजी की है
10:33कुछ कहना आप लोगों को दोनों से ताओ
10:36नहीं पूछना नहीं है बस यह कि आप उन्होंने गांधी जी के कंधे पर और आपने बाबा सहाब के कंधे पर रखकर चलाया पर है जहां पर आपका काम ही तरक देना है और इस कॉंटेस्ट को जीतना है तो जैसे गांधी जी के आपने जिक्र किया तो जब गांधी जी कहते ह
11:06दोनों आईए मलुक जी और भाटी साब आईए दो मिनिट का समय आपका क्या धर्न दोजा से खुलाम सोच का डी एने बदलेगा इस विशे पर बोलने का आपका समय शुरू होता है अब
11:15कि इस देश में सदियों से हमारे देश के लोग आकरांताओं से लड़ते आए हैं लोदीज से लड़े मुगलों से लड़े अंग्रेजों से लड़े और कुछ लोग तो ऐसे हैं जो पाकिस्तान और हिंदुस्तान की बाउंडरी पे 600 किलोमीटर के करेब जो ये लोग मुसलमा
11:45के थे जो लोदीज से लड़े मुगल से लड़े अंग्रेजों को ठोका पीटा छेता उन्होंने ट्राइबल्स में डाल दिया उनको तो 1958 में पहली बार सरकार ने आजाद होने के भारत के बाद नौटिफिकेशन करके उनको ट्राइबल्स से निकालके ट्राइबल में रखा
12:15लोग हमारे देश में हैं जिन्होंने देश के लिए लड़ाईया लड़ी जिन्होंने देश के लिए जाने दी अभी भी पाकिस्तान और हिंदुस्तान का युद होता है तो बगर तनखा के लिए वो लोग लड़ाईया लड़ते हैं और पाकिस्तान के हमलों को जेलते हैं �
12:45चैरी में केस पैंडिंग चलते आ रहे थे और ऐसी इस्थिती में अगर माननिय सुप्रीम कोट बाबा सहाब के सम्विधान के द्वारा महत्मा गांधी की सोच के द्वारा आजादी के बाद उस सम्मानिय सुप्रीम कोट के आदेश के बाद वो मंदिर बना और उस पर धर्म �
13:15वजा लहर आई गहीं है समय समाप तुआ समय समाप तुआ है बाटी जी माइक संबाली और इस विशेयर पर बोलने का आपका दो मिनिट का समय शुरू होता है आपका विशे बहुत विश्तत है गुलाम सोच के बारे में गुलामी कई तरह की होती है लेकिन मैं समझता हूं �
13:45तुँ सारी समझचा के खतम हो जाए सारे वाध खतम हो जाए सवाल यह है कि आज भारती जन्ता पार्टी और वर स है स अगर गुलामी के खतम करने की बात और राजनितिका आजाधी की बात कर रही हैं तो इसका हमें बहुत ज़ादा प्रसंता है हैhew इसकी क्योंकि जब दे
14:15जब देश का समीधान शुकार किया गया इन्होंने समीधान का विरोध किया इन्होंने का हमें मनुश्मर्ति पर आधारित समीधान चाहिए जब राष्ट पिता की हत्या हुई तो उसमें भी RSS का नाम आया आरोप लगाएगे का RSS का इसमें हाथ है तो अगर आज यह वही सं�
14:45और यह अच्छी बात है देश के भविस के लिए अच्छी बात है जहां तक मेकाले की सोच से मुक्ति दिलाने की बात है अगर मेकाले की सोच इतनी खराब है तो हमारे प्रदान मंत्री अंग्रेजी में भासन क्यों देते हैं देश में अपने में किसानों के बीच में महिला
15:15पतल जी की उसका नाम भी अंग्रेजी में ही रखा इस्टाट अप इंडिया मेकिन इंडिया जैसे नाम यूनिटी इस्टेचू ऑफ यूनिटी यह मैकाले की सोच नहीं है क्या तो यह सोच है कि अपने मतलब कथनी और करनी में जो अन्तर है उसे भी हमने लुदर करने जबा�
15:45बदलना चाहता है, आप बदलेंगे, किदर जाना है, लाल, बदलना तो प्रकृति का सबसे बड़ा नियम है, बदलाओ का यूग है, ये यूग तो बदलाओ का ही है, कब कौन कहां बदल जाए, किदर चला जाए, ये फटा-फट नीचे आईए, यहां पर लाल गमचा है, दी
16:15इस विशय पर बोलने का, किसी का दिल कर रहा हो, इस विशय पर बोलने का, ऐसा ना दिल तोड़ी हमारा, कोई तो होगा, आईए, वा, तालिव जाए इनके लिए, ये आप टूपी पहन के यहीं पर इंतजार कीजे, मैं उस लाल हिससे से भी किसी एक को चुनूँगी, आप
16:45कर लिए है, आईए, आप दोनों टाय कर लिजे आपस में, I am open, जो सको पहले बोले, आप शट कर लिजे, पहले आप, आप शुरू करेंगे, चलिए ठीक, अपना नाम बताईए, आया नार्या, आरे जी, इस विशय पर बोलने का, आपका 45 सेकंड का समय शुरू होता है, अ�
17:15बना, नासा नहीं बना, IIM, IIT नहीं बना, अगर इस विचार धारा में कुछ दिक्कत होती, तो क्या आज हम इतना आगे बढ़ पाते, आज तीसरी या चोती सबसे बड़ी एकोनोमी है हमारी, अर्थ वेवस्ता है, मोंदी जी, सब को इंगलिस परहा रहा है, क्यों नहीं व
17:45नेता जी, गजब, गजब, बहुत अच्छा, उन तो तभी मन मोहलिये थे, जब तुम टोपी ऐसे पहले थे, अपना नाम बताईए, मेरा नाम वंजमनी सिंग्य, मैं बिहार सूँ, वा, एक सेने, ताइमर लगने दीजे, आपका 45 सेंड के समय इस विचे पर बोलने का, क्य
18:15सर्दार वरल भया पतिल, स्टेश्ट अफिट अफिटल के स्टेश्ट आफ उनिति इन इसका इंगलीश मेन लगते हैं, तो आजकल जो अपच्छे पड़ते हैं, हम लोग पूरा देश्ट बिक्रणा नाइस की और जा रहा है, हम लोग को अपकानियां लगते हैं, आप वि�
18:45तो फिर कन्नट के हो हुँ हिंदी के हो इंगलिस के हो सब को समझ में आती है तो वो इसकी लिए अर दोसरे बात जो धर्म दुजागी बात आप कर रहे हैं आप देख सकते हैं कि अजब से राम मंदिर बाना है जो विए एक पॉइंट है जल्दी से बुए जल्दी से एक लाइ
19:15अब पर आपके में कोई खयाल रहा हो एक लाइनवाला कि अगर मैं कोले की विए जबस्ता आठानी है तो क्या आयाइटी आयेम सब को भूलाना पसंद करेंगे आयेम से बूलाना पसंद करेंगे उच दोनों बिहार के आये हैं नेता यहां पर अभी अभी चुड़ावा ज�
19:45इस बात की प्रशंसा करूंगी एक बात तस्पश्ट करना जरूरी है कि यह अंग्रेजी भाशा के बारे में नहीं है अंग्रेजी सोच के बारे में अंग्रेजियत ने जो अभी सर ने कहा कि अंग्रेजी सोच का विरोध हैं अंग्रेजी भाशा का विरोध नहीं है तो मैं
20:15यह बात मोदी जी ने अपने भाशन में कही जबकि चीन से इंपोर्ट 100 बिलियन डॉलर का कर लिया है
20:21हम आपको जज करने आए है आज उल्टा ही हो रहा है आपको पर्खा जा रहा है बहुत तीखे लोग है चलिए अब मंच पर बुलाते हैं आखरी दो वक्ताओं को जिनके साथ हमारे साथ मंच पर जूड़ेंगे बिने सिंग साप और प्रफेसर अखिल स्वामी जी तालियों के
20:51जी ने राम मंदिर से बात कही वह बात गांधी जी ने भी कही मैकाले का विरोध अंग्रेजी का विरोध नहीं अंग्रेजी सोच का विरोध है और अंग्रेजी सोच का सोच चसमें गाड़ी और इससे नहीं आती मैकाले सही में सिक्षा का प्रचार प्रसार करना चाहते थे
21:21कर रहे हैं हम लो 31 मार्च देश समाप्त होने का एक डेडलाइन दे दिया गया है
21:25उन्नी सो एकासी में बिद्ध्यार्थी परसेदे कार करता थे बिनोद कुमार जहा अभी नाइटी वारंगल है वहां पर उनकी हत्या नक्सलाइट्स ने कर दी
21:32मालू में क्यों क्योंकि अर्वींद और विवेकादन की बात करते थे उन्नी सो तिरासी में समा जगमोहन रेड़ी के हत्या हुई उसी इनाइटी वारंगल में मालू में क्यों जंडा फेरा आरे ते तिरंगा और किस ने मारा नक्सलाइट्स ने मारा इसलिए कि विद्धार्�
22:02का मतलब सिंपल सा है कि जो इमोक्रेशिय की कलपना दुनिया में है कि डार्विं के थेयरी से नहीं चलती सड़ाइबल जिए
22:13अंतियों वक्ति जो लाइन में खड़ा है जो सबसे कमजोर है उसकी कलपना उसको जब हम सरकार वहां तक पहुंचती है तब रामराजी की सलपना सकार होती है इसलिए राममंदिर के अस्थान से इस बात को कहना कि को लोनियल लेशी है को लियन हैंगोवर से हमको निकलना चाह
22:43टेरिटरी में भी इस बात का ध्यान रखा कि निर्दोस्त नमाना रजाएं तो वसुधय कुटमकम की जो हमारी परंपरा है वह हम पाकिस्तान ये से देश के साथ भी पाले हैं
22:50संहें समे आगतोब आब मेरा जनम सन बावण में हुआ आज मुझे आनियमोदी जी से सुनके आश्ययर हुआ और अफसोस भी हुआ
23:14यहां बैठे हुए बच्चे मैं उस दिन खुश होँगा और सोचूंगा रामराज जा गया पहले तो एक मेंबर
23:44राम राज जा गया अब पता चला अब राम राज जा गया राम राज उस दिन आएगा जिस दिन मेरे देश के युवा बच्चों को जो पहले 17 साल की नौकरी आर्मी के अंदर करते थे अब उनको चार साल में रिटायर कर दिया जाएगा और 75 साल के लोग अभी extension मांगेगे 85 �
24:14बच्चों को management institutes और engineering college में भेशते हैं उन्हें कम से कम इत्ती तंखा मिलेगी कि अपने माबाप की सेवा कर पाएंगे उच दिन मैं मानूंगा कि राम राज जा गया लेकिन इस बास से मुझे बड़ा अफसोस हुआ मुझे इस बास से बड़ा अफसोस हुआ एक अध्धा�
24:44धर्म वो हैं ग्रंथ वो बस्ते होंगे जो अगर क्रिश्चन होंगे जीसस क्राइस्ट उंदर ये देश एक ऐसा देश है हम 142 करोल लोगों के परिवार हैं और क्योंकि मैं शुद्ध सनातनी हूं सरवे भवन्तु सुकिना सरवे संतु निरामया मैं बैठे हुए एक बच्
25:14टीम की तरह से जवर्दस बल्लेवाजी कि आप दोनों का बहुत-बहुत धन्यवाद आप लोग अपनी जगह पर जा सकते हैं और दोनों तरह से प्रेम शुक्ला जी और अभे दूबे जी आईए अगर जज़स के भी कोई सवाल है जो आप लोग इन दोनों से करना चाहते ह
25:44तो मुझे लगता है बहुत कन्फ्यूजन है अभी तक डिबेट में आप सवाल प्रेम जी से पूछ लूँ प्रेम शुक्ला जी से कि जैसे धर्म धुजा फेराई गई गई अध्या में तो अब गुलामी का जो है मानसी गुलामी उससे दूर होगी जैसा कि प्रहनमंत्री �
26:14सवाल दोनों स्पीकर से आपकी गुलामी मानसिक्ता पर सवाल है पर मेरा एक यह है कि पूरे 140-1402 करोड़ लोगों में एक सिविक सेंस की जो भावना होती है वो होनी चाहिए क्योंकि अभी भी हम जाते हैं पब्लिक स्पेसेज में हम देखते हैं कितनी गंदगी फैला रख
26:44तो आप कैसे कह सकते हैं आप यहाँ पर कर OD कर रहा है एक लाल मगम्चे वाला सवाल पूछा ना चाथा है आई ए आगे आगेए आगे आगे i
26:51क्रेजी के बाद आप करते हैं, जैसे कि हर एक फ्टेट का आपना एक लोकल लेंग्वेज होता है उस में बाहरी होती है अगर मुस्लेंबर रीज़ करेंगे नहीं बचाओंग नहीं कहींगे तो आगे चलके पीडी तर पी जिला याएंगे तो ये हमारा कर्दव
27:04जनता है वो सारी लेंग्विज को हम प्रिजव करके रखें उसे बचा करके उसे बोले उसे आगे पीडी तक बढ़ा है बिल्कुल और कई बार तो लोग मानते है कि धेट भाशा को बोलना कहीं न कहीं पिछड़े पन की निशानी है तो उस मानसिक्ता से भी निकलना जरूरी ह
27:34देखें इसमें मेरा कोई लेना देना नहीं है इस सवाल से चले शिरू करते हैं सवाल बढ़िया है सारे बच्चों ने अच्छे सवाल पूछे आप दोनों तयकर लीजे कौन पहले बोलेगा चलिया शिरू करते हैं आप से अभेजी ठीक है आपका रिबटल राउन में जव
28:04रोखन को छोड़ कर गया तो नर्स नारायन बनने के दिशा में आगे बढ़ा तो वचनों की मर्यादा की रक्षार्त जो सकता को तजदे वो मर्यादा पुर्शुत्तम राम है जो जो रोज वचन को तोड़ कर सत्था कभोक करे वो रामरात基 की अवधारणा को चरितार्थ �
28:34मेरे देश के लोगों से इस बात का जिक्र कीजिए प्रधान मंती जी कि इस देश की बेकबोन MSME कोलेप्स क्यों हो गया जिसका एक्सपोर्ट में कंट्रिबूशन 40% है मेनुफेक्चरिंग आउटपूट 45% है प्रधान मंती जी इस बात का जिक्र कीजिए कि क्यों सत्ता की सर
29:04अब दिखें चार-चार पिडियां जो कहते थे हम गरीब हटाएंगे और नहीं हटाएं उससे ज्यादा वचन भंग इस देश में कौन कर सकता था जो मैकाले की संस्कृति को लेकर ही महात्मा गांधी को भी नकार दिया ग्राम सुराज के संकलपना को भी नकार दिया उन नह
29:34पेश होता था यह अटल विहारी वाजपई जी की ही सरकार थी जिसने यह प्रारम किया 1999 से भारती समय के अनकूल भारतियों का बजट आएगा तो जो लोग भारत का बजट भी जो है अंग्रेजों का मूद देखकर पेश करते थे ऐसे नहरुवादियों ने मैकाले को अपन
30:04होती है समय समाप तुआ एक सेकंड पहले उन्हों ने एक दम से ड्रमाटिक स्टाइल में बोल दिया पीड़ा क्यों होती है आप लोग का समय लेकिन खतम हो गया है खतम हो चुका है तो कुछ बोलने का अधिकार रही है अबने कुछ वेक दो एक दो एक दो लोग लिए थो�
30:34कि मैं तो एसे बस बता रही हूं चलिए कोई सवाल कुछ तो पूझे बाई यह बहुत कंफ्यूजन है और वह कंफ्यूजन जो है नो मूल शब्द सही आता है कि मैं काले गोरे थे यह कैसे होता था
30:50जो बहुत कंफ्यूजन को एड कर रहे हैं तो मैं आसा करता हूं कि आप लोग भी इस परंपरा को जारी रखेंगें
31:03कि मैं काले ने हमको दिया क्या है कंफ्यूजन के अलाब भाटी जी से में एक सवाल ने चोटा है माटी जी आप डाक्टर रामन होड लोया की विशारधारा के अनुयाई है आपकी पार्टी और अगर प्रधान-मंत्री कह रहे हैं कि गुलामी की मानसिक्ता का प्र्थिका व
31:33आपका रिबटल टाइम शुरू हो रहा है मलुक नागर साहब अब कि असली आजादी मिलेगी जब देश बहुत बढ़िया बैलेंस होके चलेगा और देश का विपक्ष भी जब मजबूत होगा और जो सरकार में रहे लोगों से चैसांसच चैविधायक कुछ गलतियां होत
32:03और जहां जलेबी की फैक्टिंग में दो लोग काम कर रहे हों और वहां कर पचास हजार लोग काम करेंगे और वहां गुलामी ऐसी हो रही हो कोई कुछ बोल नही सकता
32:11तो आने वाले समय में अगर विपक्ष खतम हो गया तो क्या होगा क्या कॉंग्रेस में जो उन्होंने कहा कॉंग्रेस योने हमारे आरोप लगाए
32:21वा सचिन पाइलेट मनीश तिवारी डिमपा जैसे लोग है उनको क्यों नहीं आगे लाके विपक्ष को मजबूत करते जिससे आने वाले समय में असली आजादी मिल सके और देश बढ़िया बैलेंस होके चल सके
32:33गोहाना की जलेबी खाकर खतम करने की क्या लेंगे आप
32:37कित्ते चुनाओं हो गए उसके बाद वहीं परटके हुए हैं चलिए भाटी जी जो सवाल उन्होंने पूछा था कि आप उसी तरीके से कन्फूजन जारी रखिएगा या फिर कुछ बदलेगा मामला इन सब पर बोलने का आपका एक मिनिट का रबाटल टाइग अगने होत्
33:07चलनी चाहिए विदेशी भासाओं में नहीं दूसरी बात मैं जोर दे का कहना चाहता हूं कि अंग्रेजों ने मैकाले ने भारत का बहुत नुक्सान किया भारत की मानसिक्ता को गुलाम किया भारत में का लूट मचाई धनलूटा हमारा लेकिन मैकाले का इस देश के बहुत
33:37कि दरवाजे खोले यह एसान भी मैकाले का इस देश के बहुत संक्यक लोगों के ऊपर है आप लोगों को मैकाले की आलुसना करते समय उस बात के लिए माफी भी मांगनी चाहिए कि हमने बसारे बहुत सारे लोगों को ज्यान से और सिक्षा से वंचित रखा आपकी इजाज़
34:07करेंगे हिंदी कलेंडर के अनुसार यह फरक है अब शुक्राजी कंफ्यूज है कि उनको लगा हैपी बड़े बोला जाएगा यहां तो कुछ और ही हो गया अरे हम बोलते भी तो हैपी बड़े हैं आखरी जो दो स्पीकर से आ जाईए एक एक मिनिट का एक मिनिट का समय कु
34:37इस राउंड में कोई क्लारिटी आए इन फैक्ट इस विशे पर यह बहुत ही इंपोर्टन व्यक्ता है आइडियोलोजिकल लेवल पर शायद ही क्लारिटी ले पाए
34:46हम ज़े लगता है कि क्लारिटी इससे भी आएगी कि इनकी आइडियोलोजी तो साफ है कि हम अगर उस वक्त की सोच को पीछे करना चाहते हैं हमारे पास तो दरन द्वाजा है इधर की आइडियो जी है क्या अगर आपको में कॉल्य क्यूश को पीछे करना है तो इधर की आ�
35:16सवाल एक सवाल मेरा एक जैसे बाटी साब ने कहा कि मैकॉले ने हमको कुछ अच्छी चीज़ें भी दी इस पर विवाद है कि मैकॉले नहीं दी कि एक विवस्था नहीं हुई जब देश आगे बढ़ता है तो विवस्थाइं परिवर्तित होते रहती हैं हम हजार साल तक गु
35:4677 साल के बाद आजादी के मैकॉले तो कब के चल मर गए खतम हो गए अंग्रेज भी चलेगे 77 में 47 में उसके इतने सालों बाद तक हम इस बात से लड़ रहे हैं जूज रहे हैं कि अंग्रेज गए या अभी भी हैं प्रोफिसर साहब अब चुकी आइडियोलोजिकल लोगों
36:16जाता है शुरू करते हैं एक मिनिट का आपका रिबाटल टाइप शुरू होता है 1857 में अंग्रेजों को पहली बार यह लगा कि भारत को समझ नहीं पाए तो भारत को मैप करने का प्रयास शुरू हुआ उसमें गजटीर बने का सर्वे हुआ लिंग्विस्टिक सर्वे हु
36:46गुलाम मान सिकता कैसे करनी है कास्ट डिवाइड कैसे करना यह लोग अधित सीरियस हो गए रोबर्ट कॉल्डवेल को बहुत सीरियस मानने जानने लगा बाद में और ऐसे लीग में लोग आए अर्थर मैकलिफ थे एच रिसले थे ऐसे लगभग आठ दस लोग हैं जिनों �
37:16उनी अंग्रेजी सत्य में थी और इसलिए हम कहते हैं कि हम अंग्रेजियत जिसका विरोध करने वहीं अंग्रेजियत थी मैकाले वलिया आपका एक मिनिट का समय प्रोफेसर साब शिरू होता है तो तीन सुझाओ देता हूं एक सुझाओ ये दो-तीन दिन पहले एक निर्ण
37:46बोलेगा और वंदे मातरम बोलेगा उसे नहीं बोलने दिया जाएगा ऐसे व्यक्तियों को जेल भेजा जाए नमबर एक नमबर दो ये कौन फैसला हुआ है कहां पर ने राचसभा का बुलिटिन दोजार चौबिस का है जिसमें ये अडवाइस दिया गया है सांसदों को क्
38:16नमबर दो आरेसेस के सो साल के पीरियड में सारे के सारे चित्पावन ब्रह्मन एक राजपूत मैं उस दिन खुश होंगा और गुलाम मानसिक्ता से हम धूर होंगे जब OBC दलेत और आदिवासी उसमें आएंगे
38:30नमबर तीन अगर मंदिर जो श्रीराम भगवान श्रीराम का मंदिर बना है अगर उसके अंदर 80 परसेंट दलेत और आदिवासी और OBC बैठेंगे उस दिन मैं समझूँगा गुलाम मानसिक्ता ब्रह्मन वाद से छुटकारा विप्र होने के बावजूद मैं रिस्क रिकित
39:00आप मैं सर्मिंदा हूं मैं दुखी हूं मैं आहत हूं इसके अलाव आपने कुछ कहा है दो हजार चौदे से मैं दुखी भी हूं शर्मिंदा भी आप बोलिए
39:09तो यह तो ऐसा लग रहात है कि आज इवन आप दुखी हैं सर्मिंदा है इस टाइप का अरे मैं कभी पर जीवी और कभी शरमसार नहीं हुआ
39:22अपने पूर्वजों को जब हम उनकी शद्धांजली देते हैं तो हम अपने पूर्वजों को नहीं कहते कि वह परतंत्र मांसिक्ता के लोग एसे लोग अशुन्लू भरवानी में डूग के मर जाने चाहिए जो अपने को शेष्ट बताएं और अपने पूर्वजों को दि�
39:52चलिए टीक है इतना टॉंट तो मैंने बहुत दिनों बाद सुना एक दम यहां तक बिजलिया करें चलिए जोग समय काटा गया था शुक्ला जी और अभेजी आजए शुक्ला जीज का जवाब आप दे दीजेगा इस बीच आप में से कोई ऐसा है जो गंचा बदलना चाहत
40:22किसी को नहीं का पूत्र है जवाब दीजेगे जिए पांड़ों को सिक्षा जना उनका जोटता है था जवाब आप एक लवे पर हो जो बोलना है जल्दी से लिए काले ने जो भी नुक्सान किया कम से कम यह एक नुक्सान हमारे लिए पर्मानेंट करके गया है कि हमें कुछ
40:52क्या है हमारा टेडिशन क्या हमारे नौलेज सिस्टम्स क्या है लगबख सब द्वस्त करके गया हूँ उसको पुनर जीवित नहीं कर सकते आप आगे ही बढ़ना तो करना ही होगा कम से कम उससे मुक्ति तो पानी होगी और आधरनी मोदी जी ही कह रहे है कि जब 1835 के 200 वर्स
41:22पर चानी है कि अपात काल लाद दें हम सोनिया की तरह भी नहीं है कि काट्व बनाने वाले कि हत्या कराथ हम मोदी की तरह नहीं है जो 8000 करोड का इलेक्टरल बॉंड का घोटाला करें
41:40कोई फाइदा नहीं है कोई फाइदा निया इसका कोई फाइदा निया बटिया आप लोग जलिए बहुत बहुत दन्यवाद आप दोनों का जबदस तरीके से देखिए पैशन देखिए अपने अपने तरह से मोशन को डिफेंड करने का हमारे तमाम दर्शक जो घर पर मौ�
42:10अबसेदों समस्य हाँ मारका यहें है कि कोई भी वक्ता हम विशे पर रहा ही नहीं है तो हम बाजेगर किसको चुने जिस पर हम रोब बात कर रहे हैं अभी
42:22अब वह आप तैनिहें पर मैं नजहां जळा나�ं तो आंग नहीं तेरा
42:30घरो या जब
42:33ono जो बूल कोल Sum 1975
42:35बिल्कुल है देखें आपके सपोर्ते मीं कह रहे कि है आपके सपोर्टर्स नहीं करने ऐना हर बार जो होता है कि परिक्षा में प्रश्ण कुछ भी पूछा जाए मैं जो रट के आया ह问 वही बोलूगा
42:50हुओ मैं लिखूंगा वही जो मुझे death and rahat चीज एये
42:55विज्ञान का विशाय की क्लास है और इतिहास का प्रश्ण पूजरें प्रतिशोद के लिए ये शिकायत है देश को चलिए अब आप लोग गोटिंग की शुरुवात कीजिए हाँ आप कहा मानने वाले
43:12कि यह कंफूजन इन हमेशा ही है पार्टी में भी है तीन साल तक अध्यक्ष निबनाया नेता कुछ का कुछ बोलते हैं कंफूजन है वही कंफूजन पीख रहा है आप सभी का क्यूर कोट स्कैन हो गया सबका कोई ऐसा जिसका नहीं हाथ उठाई यह गजारों वांट एनी कं�
43:42पर वोटिंग करने का आपका साथ सेकेंड का समय शुरू होता है अब साथ सेकेंड का समय है धर्म द्वाजा से खुलाम सोच का डियने बदलेगा अभी तो हां कहने वाले आगे चलते हुए दिखाई दे रहें नहीं कहने वाले 26 25 27 26 कह नहीं सकते वाले 10% है आज देखिए �
44:12किया की सोट से यहओं हां केहने वाले 23 फीज़ी, 52 टैर 49 फीज़ी, नहीं कहने वाले भी उपर बढ़ रहे
44:19और 8 फीजदी है जो कह नहीं सकते हैं, अगर आप भी अपने घर में है, क्यो आर कोड स्क्रीन पर देखकर आप भी उसको स्क्रीन करके अपना वोट डाल सकते हैं, और 20 सेकंड आफरी के बचे हैं, 18 सेकंड, कुछी देर में जो वोटिंग लाइन से वो खत्म होंगी, धर्म द
44:49मौजूद है, वो यह मालते हैं, कि धन गजा से खुलाम सोच का DNA बदलेगा, तो भाई, टीम प्रेम शुक्ला की जीत हुई है, हाँ, हाँ, आप खुश रहिए, खुश रहिए, ले लिजे ये बीच वालों को भी ले लिजे, अब कमलेश जी घोशना करेंगे, आप के बहस क
45:19समती से डिसीजन लिया है, और देखें, आप अच्छे से अनाउंस कीजेगा, मतलब दिल से, ऐसा नहीं के नहीं अच्छा बोला, की बोला, हमारा काम काफी कठिन होता है, क्योंकि सारे वक्ता इतना अच्छा बोलते हैं, कि आपको निरने करने में, मुश्किन हो जाता कि कि
45:49अच्छा है, तो और कितना कंट्यूजन पर सकता है, जो लोग बहुत प्रकर होते हैं, मैं यह सोच रही हूं कि इस शो के बाद मैं आपको इनके साथ नहीं छोड़ूंगे, वो दूर जाकर भी, तो आज मुद्दे से सबसे दूर जाने वाले, जो व्यक्ति हैं, आज हम उन
46:19कमले जी आपने ठीक नहीं किया वैसे आज, जो गुगली मारी है ना जज़स ने, यह कलेक्टिव डिसीजन है, कोई अखेले कमले जी का नहीं हम तीनों को सबने पीच वीच में, मालूक जी का चेहरा दिखाए, उनको समझी नहीं आ रहा, खूश होए कि रोए, अन्जना ज
46:49अजने बहुत बहुत बढ़ाई आप लोगों को, बहुत बहुत धन्यवाद तमाम आज जो वक्ता रहे और यहां पर बैठी बैठी वी जबर्दस्ट ओडियंस का, जजस का, इसी के साथ आज के बैस बाजिगर में इतना ही देश उन्या कि वाकी खबरों के लिए आप दे�
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