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'वंदे मातरम' पर कौन खींच रहा धर्म की लकीर? देखें दंगल

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00:00वंदे मातरम एक गीत जिसने आजादी की लड़ाई में चिंगारी फूखी एक स्वर जिसने आंदोलन को दिशा दी और एक तराना जिसे बंकिम शंद्र चट्टु पादियाई ने लिखा और देश की आत्मबन आज वही राजनीती के कड़करे में
00:15नमस्कार मैं हूँ राजीव ढॉंडियाल और आप देखने डिबेट का सबसे प्रामानिक और लोगतांत्रिक शो दंगल आज बात मंदे मातरम की वही गीत जिसे हम बचपन से गाते आए हैं उस पर जम्यत उलेमाए हिंद के मुख्या मौलाना महमूद मद्नी ने सवाल उठा
00:45संसत का शीतकाली सत्र शुरू हो रहा है इस सत्र में बंदे मातरम बहस के केंदर में हो सकता है प्यमोदी ने तो हाल ही में एक कारेक्रम में कॉंग्रिस के पुराने पन्ने खूल कर बताया कि बंदे मातरम से कैसे काट छांट की गई वही विपाक्ष राज्यस सभा के एक न
01:15वंदे मातरन पर आपत्याखित इतिहास से टकड़ाओ है या पिर राजनीति के जरूरत है।
01:21आज इनी सवालों पर होगी बड़ी वहस लेकिन उससे पहले आपको दिखाते हैं हमारी खास सपोर।
01:25वो गीत जिसने आजादी की सुभा का रास्ता खोला वो तराना जो अंग्रेजों के सामने देश के रीड़ बन कर खड़ा हो गया।
01:44आज वही वंदे मातरम नई राजनीति के बीच खड़ा है। बहस कहीं ज्यादा तीखी हो चुकी है।
01:49मौलाना महमून मदनी ने वंदे मातरम पर सियासर तपाने वाला बयान दे डाला है।
02:19बीजेपी ने सीधे सीधे मदनी पर पलटवार किया।
02:21आशन दिया है।
02:23वह नकेवल भड़काऊ है।
02:25अपितू देश को विभाजन की और लेने की उनकी कूचेश्टा है।
02:30उनका कहना की जिहाद होना चाहिए।
02:34जब-जब जुल्म होगा तब-ब जिहाद होगा।
02:38मुझे लगता है ये बहुत ही अनुचित शब्दे है।
02:42बहुत ही अनुचित वाक्या है।
02:44और जिहाद के नाम पर जिस प्रकार से
02:47सरकार से लोगों ने भारत वर्ष में नहीं भारत वर्ष के बाहर भी आतंक फैलाया जिहाद के नाम पे वह हमने देखा है।
03:17बंदे मातरम पर रोक लगाई गई है।
03:47बंदे मातरम के 150 साल पूरे हो गए हैं।
03:54बंदे मातरम 1875 में बंकिम चंदर चटर जी ने लिखा।
03:58इसे पहली बार 1882 में उनके उपन्यास आनंद मठ में प्रकाशित किया गया था।
04:03इसे पहली बार 1896 में रविंद्र नात्यगोर ने गया।
04:07आजादी की लड़ाई में बंदे मातरम की भावना ने पूरे रास को प्रकाशित किया था।
04:17लेकिन दुर्भाग्य से 1937 में बंदे मातरम के महत्पपुन पदों को उसकी आत्मा के एक हिस्से को अलग कर दिया गया था।
04:36बंदे मातरम को तोड़ दिया गया था। उसके टुकड़े किये गये थे।
04:42वंदे मातरम के इस विभाजन ने देश के विभाजन के बीज भी बो दिये थे।
04:53देश के क्रांतिकारी वंदे मातरम को अपने संघर्ष का प्रतीक मान कर गाते थे।
04:58बंगाल, बिहार, यूपी, पंजाब और महराश्ट के छातर युवा जुलूसों में इसे जोर सोर्ष गाते थे।
05:04उनके लिए ये प्रेणा स्रोत था।
05:06आजादी की लड़ाई में वंदे मातरम के जर्गे महिलाओं ने अपनी आवाज बुलंद की।
05:10इसी बुलंद गीत के 150 साल पूरे होने पर 7 नॉंबर को पियम मोदी ने एक साल तक चलने वाले राष्टिय स्मर्णोत सब का उधगाटन किया और कहा कि कॉंग्रिस ने इसे तोड़ने का काम किया था।
05:22यही वो चीज है जिसने देश के विभाजन की नीव रखी।
05:25वंदे मातरम भाव है, इतिहास है, पहचान है लेकिन आज ये राजनिती की सबसे तेज जलती चिंगारी बन गया है।
05:34अब नजर संसत पर है, क्या ये बहस नया मोड लेगी, क्या नया बयान माहौल बदलेगा, या वंदे मातरम एक बार फिर सियासी तूफान का सबसे उचा शोर बन जाएगा।
05:44आज तक बेरो
06:04लेकिन चर्चा के हम शुर्मात करें, उससे पहले जरूरी है, सवालों की बात कर लेना, जिनके इर्द गिर्द आज के हमारी ये चर्चा चलने वाले, सवाल नमबर एक, क्या रास्वर गीत पर मदनी का बैन, अनावश्यक, तनाव और दूरी को बढ़ाता है, सवाल नमबर
06:34संसद में बंदे मातरम पर बहस, देश को जोड़ेगी और ध्रोविकरान करेगी, चर्चा की आप शुरुबात करते हैं, आप सबसे पहले मनु सिंग काका आपके पास आते हुए, कि मुर्दा कौमों की पहचान है बंदे मातरम गान, सबसे पहले स्टेटमेंट पर समाजव
07:04देश ने शुका रहा है, और ये हमारे आपके सबके गवरों का बिशह है, ये लेकिन हमारे शंविधान में एक बात कही गई है, कि हम सभी को जो संविधान की जो प्रस्तावना है, उसमें ये बात कही गई है, प्रस्तावना में, कि हम सभी को अपने धार्मिक मानता और अ�
07:34और यह हमारे तमाम सतंतरता के नायकों ने जिन लोगों ने देश के अपने बलीदानों से धेश को आजादी दिलाइ उनलोगों ने गाया है और हमें भी गाने में बंदे मात्रम कहने में
07:58हुँ और अगर एक विशार तो होगा उस स्टेटमेंट पर एक मुर्दा कौम कह देना क्या उचित नहीं बंदे मात्रम के खिलाफ कोई भी टिपड़ी शुकार नहीं करी जा सकती है लेकिन बंदे मात्रम हमारे आजादी के नायकों का एक गीत रहा है जिसको हमारे देश ने �
08:28तो इसमें कोई बुरा ही नहीं है जो लोग भी इसके खिलाफ अगर कोई टिपड़ी कर रहे हैं तो निश्चित रूप से यह हमारा राश्टी गीत है और राश्टी गीत कुछी एक राजनायतिक डल और व्यक्तिका नहीं है पूरे राश्ट के सभी नागरिकों का है इसका
08:58मुर्दा कौमें ऐसा बोलती हैं तो क्या यह उचित हैं हमने पहले भी देखा कि मौलानों का इस पर बड़ा विरूद रहता है लेकिन इसे स्विकार किया गया ना बगाद एक कमिटी बैटी थी तब और बड़े-बड़े मौलानों ने जब इस पर आपती उठाती थी उसक
09:28इसको शुकारा जाना चाहिए लेकिन उसमें जो भाव है उस उस भाव को सब को शुकारा ना चाहिए इसमें बुरा ही क्या भारती जन्ता पार्टी इस तरह के बिशेयों को और बल इसलिये देती है
09:40कि आज के समय में भी धर्म से जोड़ना घलत है धर्म से जोड़ना बंद करिया ना बंदे मात्रम को क्यों धर्म से जोड़ा जा रहा है
09:49बिलकुल ये बाथ तो हम आपके पंथ निरपेख्षता की बात हमारे सम्विधान के प्रस्ताओना में कही गई है
09:56वही बात तो मैं आप से कह रहा हूं सबको अपनी पंथ निर्पेक्षता वाले भाव को और जो राष्टी मानक हैं और जो राष्टी गीत हैं जो राष्ट के गौरों के जो विशा हैं ये अलग-अलग चीज़ें उसको जोड़के नहीं देखा जा सकता आपकी धार्मिक मानत
10:26जुमला जीवी को संसदी सच्वाले से बहन कराते हैं तो उस प्रधान मंत्री से भी सवाल होने चाहिए जो प्रधान मंत्री कायर को बहन कराते हैं सकुनी को बहन कराते हैं तो इसी तरह कि जो हमरे आदित भासा बोल है किसी भी चाहे वो जात धर्म का व्यक्ति हो उसका स्�
10:56जो है गर्व का विशह है, बंदे मातरम गाना चाहिए, धर्म से भी इसको नहीं जोड़ना चाहिए, लेकिन जो सारी चीज़ें होती है, ये सब बीजेपी के शारे पर होती है।
11:26इनके संसद हुआ करते थे, शफिकुर रह्मान बर्क, वो तो संसद में बंदे मातरम का विरोध करते हुए, संसद में जब बंदे मातरम गीत प्रस्तुत किया गया, तो उस समय जो है, उसकी आउमानना करते हुए, उन्होंने संसद से बहिर गमन कर दिया थे।
11:42तो यह तो महमूद मदनी जो कह रहे हैं, समाजवादी पार्टी के तमाम संसद समय समय पर यही बाते करते रहें।
11:52औरना केवल बंदे मात्यमं पर जिहाद पर भी समाजवाधी पार्टी के तमाम सांसुदों का वह
12:00हुश् cena हां तो महंुद बंदीम का स्टैंड पो समाजवाधी पार्टी सो
12:11भारति जिंता पर्टी के इसारे पर गजब का है भाई ये तो
12:16बंदे मातरम गीत का गायन जो है समाजवादी पार्टी के तमाम जो मुस्लिम सांसद हैं उसे कराएं ना प्रेम शुकला जी वो ये भी करा ना कि जहां कहीं भी कोई मुस्लिम आ जाता है किसी मामले में मुस्लिम पकड़ा जाता है तो आप उसको जिहाद से जोड़ देते हैं
12:46उनको जिहादी कहा जाए कि नहीं कहा जाए आप बताईए उनको क्या शांतिदूत कहा जाए कि कहा जा सकता है क्या शांतिदूत याकुब मेमन को जिहादी कहा जाए कि नहीं कहा जाए अफजल गुरु को जिहादी कहा जाए कि नहीं कहा जाए अजमल कसाब को जिहादी कहा
13:16तो आपको क्या लगत है क्यों मद्नी इस तरह के statement दे रहे हैं
13:21कोट के माननी नियादिष ने लौज जिहाद टर्म जो है क्या है भारती जिनता पाटी नहीं के ला हाई कोट के
13:29जैज जस्टिस केटी जोसेफ ने जो है पहली बार लौ जिहाद सब जो है सारजनिक विमर्श में लाने का काम किया
13:38तो जोसेफ क्या जो है वो भारती जनता पार्टी की सदस्थे
13:41हमारे साथ डॉक्टर आदिल हसन साथ भी जुड़ गए
13:46मदनी जो कारा पहली बात तो संस्थत के सदस नहीं वो पूर्ष सदस है
14:01और अरल्ड से गया है अरल्ड तो बीजेपी की पाट्नर है अब उत्तर प्लेल चुनाव आ रहा है बिहार का चुनाव में बीजेपी जीटी यह मंगाल की पीछ तैयार्
14:10कर रही है यह सब चीज़ पुछिए कि सीमांचल की पाड़ की तबाही बिहार में इतना वंपर मैंडेट मिला है ब्लॉक में बिना घुस्कोरी के मुटेशन नहीं होता है बिली विभाग में घुस्कोरी है इनका विजलेंज डिपार्टमें सोया रहता है मोदी जी को बिहार म
14:40लश्करे ताइबा की बात कर रहे है तो अजहर मस्कुत को भाजपा कंदार चोरी थी और अक्षा दलाली बंगारू लच्मन किया था भाजपा कराश्टी अध्यक्ता एटवानी को जिन्ना के मदार पेढ़वानी फादिया पढ़ने कहते नवाश्चरीफ के घर खाना काने
15:10पाकिसारी बाते कर दी लेकिन बंदे मातरम पर मद्नी ने जो कुछ कहा उसकी निंदा आपने नहीं की कि उन्होंने गलत कहा
15:17अगरी लेकिन मुर्दा कौम की पहचान है ये कहना क्या उचित है या गलत है
15:33आदी लासन साब को जबरदसी तो कहें निरा क्या आप कहिए ये उनकी अपनी एक सभा में एक स्टेटमेंट दे रहे हूँ
15:50कि मुर्दा कौम की पहचाने मैं गाता हूँ वंदे मातरम तो क्या मैं मुर्दा कौम से हूँ
15:55ताजीब भाई सुनिये पंदे मातरम कोई कहें जन गना मैं कहें हम इस देश का जैहिन हिंदुस्तान जिन्दाबाद हमने सारे जहां से अच्छा दिया हमने शर्फरोशी की तमन्ना दिया हमने तिरंगा दिया हमने चिडगों से लेकर लहूर तक ऐसा कोई दरक नहीं था ज
16:25आप सब पर बात करें लेकिन इस पर बात ही नहीं करें वंदे मातरम पर जो उन्होंने कहा मुर्दा कौम की पहचान है क्या ये उचित है अनुचित है क्या वंदे मातरम को धर्म से जोड़ा जाए या नहीं जोड़ना चाहिए
16:41मैमूद बंदी को फॉलो करने वाले बहुत बड़ी आबादी है उनकी एक पहचान है मुस्लिम कम्यूटी में अगर वो कोई बयान दे रहे तो उसका इंपाक्ट पड़ता है इसलिए उस पर चर्चा आवशक है
17:11पागिस्तान के से जो आतंगवादी टेरर सपोर्ट करता है उसके खिलाब बुले तो यह बात बोले देश में रोजगार चाहिए झैडिक बिहार भी इसका चीटिपी बढ़वाई ए देश को सस्तिक्रम दिजिए दोस्को देश को तरक्य कि हमुस पर चाते हैं चर्चा हु
17:41मध्यव प्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग उनकी स्टेटमेंट आया, उनका एक बयान आया है, मतनी के बयान पर MPK मंत्री का ये बयान आया, उनने पहलेट बार किया का कि भारत में रहना होगा, तो वंदे मात्रम कहना होगा, ये उनकी स्टेटमेंट है, भारत में रहना
18:11अभी साथ हमारे साथ जो है जो मेहमान जुड़े वो कह रहे हैं कि कोई जोड़ जबर्दसे से नहीं कह सकता क्या बंदे मातरम गाएं
18:17तो क्या उस व्यक्ति को हिंदुस्तान में रहने काधिकार है?
18:38यह पॉलिटिकल बात नहीं कर रहा हूं, मैं एक हिंदुस्तानी के नाते बोल रहा हूं
18:42ईथिन नहीं कहेंगे तो चैया आप इस देश के सम्विधान को नहीं मानतें
18:48चैया इस देश की संप्रанд Gör closest को नहीं मानतें
18:51उजे अशर के होता है एसे लोग भी हंदुस्तान में रहए हुए
18:55रहा हूं Pharise tram के धर्म विशेषकार नहीं है
19:00ये इस देश की वो सूचक है जिसको दाकर इस देश के हजारों हजारों कांतिकारियों ने इस देश की आजादी की लडाई लड़ी है
19:11और यदि बंदे मातरम का अफमान होगा यदि जनगन मन का अफमान होगा तो फिर क्या होगा इस देश का
19:18और ऐसे मुलाना मदनी जैसे लोग अपनी फिरिका परस्ती की बात खेला कर ज़िए इस देश की में माहूल खराब करेंगे तो ये तो कहीं भी सहन नहीं किया जाएगा अच्छम में है इस देश के तावो तुन देना सुप्रीम कोट को भी चैलेंज कर दिया
19:37मुझे आश्यर होता है और आप आ रहे हो इंदुस्तान की और बात कर रहे हो कहीं और कि तो क्या है इंदुस्तान में वंदे मातरम नहीं कि ज़िदा होगे तो आप पकिस्तान चले जाओ उसमें जिदत मैंने तो कुश्चनी बोला मैं अपनी बात पर पूरी तरह अटिक हू�
20:07उस गीत को ये कैदने उस गीत पर कि भाई एक मुर्दा कौमों की ये पहचान है क्या ये विभाजन पैदा करने वाला बयान नहीं है
20:14राजी भाई सबसे पहले तो आपको यहां पर बैठे सभी पैनलिस्ट को और आपके दर्शकों को मैं कहना चाहूंगा वंदे मातरम जाए हिंद और सबसे पहले मैं बात शुरुआत ये करना चाहूंगा कि मौलाना मदनी ने मैं उनको मौलाना नहीं कहना चाहता था लेकिन
20:44पक्षकी नफरत की मरसाल की तेल है इनसे इनकी नफरत की फैक्टरी चलती है और मैंने प्रियम भाई को सुना ये जो मध्यप्रदेश के जो मंतरी थे मैंने उनको सुना तो मैं उनको एक
20:58हिस्टोरिकल कंटेक्स्ट भी समझाना चाहूंगा कि 1896 में सबसे पहले कॉंग्रेस पार्टी के कलकत्ता के अधिवेशन में सबसे पहली बार वंदे मात्रम गाया गया था और बंकिंचंद्र चत्रोपाधियाई के शब्द और रविंद्रेनाट टैगोर की धुन ने इस पू
21:281906 से 1910 तक ब्रिटिश सरकार ने बार बार इस सौंग को बैन किया और इसको गाने वाले लोगों को जेल में डाला उसी 1906 में बंगाल में हिंदू महासभा और मुस्लिम लीग की संयूक्त सरकार साथ में चल रही थी यह भी हिस्टोरिकल कॉंटेक्स इनको पता होना चाहिए
21:58पत्रम कहकर उन्होंने देश के लिए जान देने का काम किया चौवीस जनली उनली उनली नहीं नहीं तो आप पर आरोप लगता है कि इतिहास में ही आपने तोड़ फोड़ की ना यह आरोप बीजे पर लगाते हैं खुद पीम भी लगाते हैं आप पर
22:15आपने दो मिनिट में बात रखने का मुझे आपने टोका-टाकी कर दी यह पिछे 20 मिनट से मैं भाजपा के प्रवक्ताओं को और बाकी प्रवक्ताओं को सुन रहा था तो मुझे 4 मिनिट का तो अट-लीस वक्त दिय दीजे मैं आपकी बात का भी जवाब दूंगा तो जब
22:45दिले सच हमेशा बाहर आई जाता है क्योंकि आज जो मौलाना मदनी ने कहा उसकी उसकी नीव तो देखे चौबीस नवंबर को राज्य सभा की एक नोटिफिकेशन आती है जिसमें भाजपा भी यही बात करती है कि बंदे मातरम और जैहिंद नहीं कहना चाहिए सदन में तो �
23:15सब्सक्राइब करता है इसलिए उनको संसद में दिक्कत है कि वंदे मातरम और जाए हिंद नाग आया जाए तो यह तो उनकी सच्छा ही है और जहां तक आपने एक सवाल पूछा स्टैंग्जा का राइट के तब 1938 में जो कमीटी बनी थी उसमें राश्यपिता महात्मा गां
23:45क्योंकि जिस तरह से आज हर इश्यू पर भाजपा देश को बाढ़ती है उसी तरह अंग्रेज इनके जो मास्टर के वो हर इश्यू बिल्कुल उस कमीटी में जवाल लाल नेरू, राजेंद पसाद, मौला नाबुल का लाम आजाम साथ थे सब ने स्विकार किया हम तो ही ग
24:15इसलिए उस कॉंटेक्स में उन्होंने उस वक्त की जो समझ के हिसाब से जो डिसिजन लिया वो देश की यूनिटी के लिए डिसिजन लिया गया, उस पे किसी को आपती नहीं होनी चाहिए और जो भाजपा और मौलाना मदनी की मांसिक्ता एक है वो ये राज्यसभा का नो�
24:45जूट बोलना बंद करें, राज्यसभा के नोटिफिकेशन की प्रतिक्रिपया दिखा दें, मेरी चुनोती है इनको, सरल पटेल को मेरी चुनोती है तो जूट बोलना बंद कर एक शमा मांगे, यह राज्यसभा का यह नोटिफिकेशन जिसमें बंदे मातरम और जाहिंद को
25:15संगीत रागी जी आपको चर्चा का हिसा बनाते हुए
25:40बन्दे मातरम देश का समान है लेकिन जब मदनी जैसे लोग इस तरह का बयान देते हैं तो ये नासमझी है या जान बूच कर दिया गया एक बयान है
25:50पहली बात द्यान रख लेए जो मदनी बयान दे रहे हैं यह वैस्याही मानसिक्ता है जो 1947 से पहले मुसल्मानों की मानसिक्ता थी
26:04अब मदनी किसका नेक्रित्ट करते हैं एक बात ध्यान रखे क्या भारत के मुसल्मानों की मानसिक्ता में भारत तोड़ने के वावजुद भी कोई परिवर्तन आया है क्या
26:15संस्कृत के बारे में उनकी राय क्या बदली है क्या बंदे मात्रम के बारे में उनकी राय क्या बदली है क्या हिंदी को लेकर उनकी राय बदली है क्या काव प्रटेक्शन को लेकर उनकी राय बदली है क्या तो यह सवाल तो हिंदूों को पूछना चाहिए कि
26:34मुशलमानों को ein 23%
26:36मुशलमानों के लिए 35%
26:38एक अलग जमीन देने के बाब
26:40जूद भी लगा था कि भारत में
26:42अंदर हिंदो मुसलिम समझे हैं
26:43भत्म हो जाएंगी क्या खत्म हो गई
26:46नहीं खत्म हो गई
26:47और खत्म इसलिए नहीं हो गी
26:49क्योंकि इस्लाम की
26:51theology ही intolerance
26:54की theology है
26:54यह मैं फिर बहुत जोर दे करके कह रहा हूँ
26:57जो देवबंद Islam है
26:59ए टेरर ही तो पैदा करता है
27:02दूरंड लाइन के
27:03दाहिने और बाएं
27:05जो Islamic देवबंद की
27:07ideology है उसी से
27:09मिलती जुलती सलाफी ideology भी है
27:11पूरी दुनिया में
27:13टेरर की factory यही teaching है
27:15हम इसको क्यों भूल जाते हैं
27:18और इसको हम भूलने
27:20इसलिए भूलते हैं क्योंकि
27:21हम ढरते हैं हम बोलते नहीं
27:23मूलता सारी समस्याओं
27:26का यही यही
27:27निचोड है यही कारण
27:30है कि अलफला जैसे
27:31university टेरर बॉम का factory
27:33बनता है और ऐसे
27:35ना जाने कितने terrorist
27:37doctor terrorist होंगे कितने
27:39सिक्षाविद terrorist होंगे
27:40किसी के ललाट पर तो
27:42मुसल्मानों के लिखा हुआ नहीं
27:44यह terrorist है या नहीं terrorist है
27:45कोई हमारे
27:51university में PhD करने आ रहा है
27:53वो terrorist निकल जा रहा है
27:55उसको NIA ढूंड रही है
27:57तो आखिर यह कहां से हो है
27:59और मदनी जो बोल रहे हैं
28:02मदनी के बारे में एक बात
28:03बहुत साफ साफ जान लिजे
28:05देवबंद की आइडिलोजी
28:07देवबंद इसलाम
28:09भारत का देवबंद इसलाम
28:12और पाकिस्तान का देवबंद इसलाम
28:14दोनों का syllabus एक है
28:16पाकिस्तान का
28:18दियोबंद इसलाम जो है वो कहता है कि है यह जिहाद सही है आरिफ मुहम्मद खान ने दियोबंद से पूछा था कि 11 सेंचुरी का हिदाया बुक आप क्यों पढ़ाते हैं जो एग्रेसिव जिहाद की बात करता है यह सब फालत की बाते हैं कि जिहाद का मतलब जद्दो जहा�
28:48परिवर्तन हो जाता है क्या वो हिंदू हो जाएगा अगर वो देश को नमन कर भी देता है तो उसना आपती क्या नए देखे सबसे बहली बात तो मैं आपती इस बात पर जताती हूं कि आप इसलाम को इस तरीके से प्रोजेक्ट कर रहे हैं संगीत रागी जी कि आप ये कह �
29:18संगीत रागी जी आपने अपनी बात रखी उनको भी उनको भी मौका मिलना चेह सुनेगा
29:48तो संगीत चीज आपके पहले मैं कह जाती हूं कि ना तो मतनी ना तो ओएसी इस देश में मुसल्मानों का ठेकेदार है इस देश का हर एक नागरेख हर एक मुसल्मान अपने लिए इस देश को इलिए मरने को तयार है पहली चीज़ दूसरी चीज़ आप जुब रही है सं�
30:18आप कैसे भूल रहे हैं कि आपने जब आरेख मुमान खां का नाम लिए तो वो कोई कम उसल्मान नहीं है जितने आपका में दूसरी है आवे गलक नागरेख नागरेख हर एक जाता हूं कि एक बार फिर से हम उस कट्टू तक की तरह वापास ने जाएं हमें इससे तो दूर
30:48मुलाना मदनी इस देश के मुसल्मानों के तरफ से नहीं बात कर रहा है और वहीं बात में बार बार दोराओंगी कि इस देश का मुसल्मान ना तो जंडर मर और ना ही बंदे मात्रम कहने से कभी भी कत्राता है इस देश के नागरेख होने के लिए जो उसका फर्स है इस दे
31:18कारेकरम प्रोग्राम है इस देश के प्रती जो लोग है जो कटरवाद सोच रखते हैं वो अपनी आपको या तो जादा ही राष्ट्रवाद कटरवाद और राष्ट्रवाद की भावना रिखने वाला हिंदू या तो मुसल्मान मानता है ना आप कम हिंदू है ना मैं कम हिंद
31:48क्या कह रहा है और इस देश के खिलाव कौन जा रहा है मुझे आज कितनी जादा दिक्कत इस बात में हुई है कि संगीत जैसे जो पड़े लिखे लोग है वही भेदभाव की एक भावना रखते हुए नैशनल टीवी में आकर
32:02कि क्या की चस्मे से सभी को देखना हो तो धी कौन को की ऑट नहीं मैंने की है
32:16कि जिस डियोबंध को डियोबंध की सिर्टा होती है वो दियोबंध टेरुरिष्ट पैदा करता है
32:23पार वार गर बॉन के प्युलाजुंद पर तुमक्रेंस प्युलोगी है, और उच्सफ धियार करता है, आपके रहेगी, वह सब होते रहेगा इसमें, आपके घर में पैदा होते हैं, वह आपके सली ते ते से दोनों की बात नहीं आपारे, बैसे 30 सेकंड के समय दे रहूं पर
32:53मैं बात रखी भी मनुजी के पास जाओंगा राजीव मैंने पहली बात कहा कि सारे मुसल्मानों को इसमें जोडने की कोई आउसकता नहीं है और मैं कहा भी नहीं रहा हूँ
33:01मैंने बार बार देवबंद को कहा है जुनिया पे प्यू रिसर्च का स्टडी है कि जितने टेरिस्ट बंबिंग हुए हैं दुनिया में उसकी इंडॉक्ट्रिनेशन जो है वो देवबंद से जुड़े हुए लोग हैं तबलीकी जमात से जुड़े हुए लोग हैं भारत का क�
33:31और इसको गंबीरता से ले लिए ठीक है जैसे जैसे मुस्लिम आबादी बढ़ेगी मद्वी जैसे बिस्कोर्ष और आगे बढ़ेंगे तबहारत का मुसल्मान पिल ठीक है आगे अब की बाद मनुच सिंह का का आपकी प्रतिक्रिया मनुच सिंह का का
33:47अब अब अध्रे टिपड़ी हमारे नागरिकों के बारे में की गई है उसकी गोर निंदा की जानी चाहिए और जो जो ब्यक्ति इस तरह की बात कर रहे हैं जो प्रोफेसर रागी बोल रहे हैं प्रोफेसर रागी को एक मैं डेट बताता हूं 30 अगस्त 2019 का 30 अगस्त 2019 को आरेस
34:17रागी की कोई हैसियत नहीं है रागी सिर्फ अभी अभी कोई बात हो जाए तो रागी के बयानों को यहीं भारती जन्तापाटी और सरकार इंज अलिमेंट कह देगी जिस तरह कि पूरुम में कुछ लोगों को सरकार ने कहा है विदेशों में जाकर करके प्रिंज अलिमें�
34:47पुल्ला खां रहे हैं यह हमारे देश यह हमारे मुल्क का इतिहास रहा है जफर खां ने अपने अपने बेतों का बलिदान दिया है जब भारती जन्तापाटी का अधर संगतन आरेसेस रंगरेजें को तलवे चाट रहा था और मुखबीरी में माहिर था उस समय भी इस दे�
35:17इनको सर्म नहीं आती है इनको संविधान से दिक्का था इनको बाबा साहब से दिक्का था इनको दलितों से दिक्का था इनको पिछणों से दिक्का था इनको पिछणों से दिक्का था इनको पिछणों से दिक्का था इनको पिछणों से दिक्का था इनको पिछणों से दि
35:47कि आताउ तिरंगा को नहीं मानने की बातकी थी संविधान को नहीं बानने की बातकी थी दारแुद्лив
35:52दिवन्च के ओलमाओं ने इस देश की आजादी के लिए कुर्बानी दी
35:55है सरल जी आपके रपास आते हैं सभीर शब्दों में आप अपनी बात रखें कि जो आजादी का तराना है उस पर विवाद
36:04खड़ा करना और उस विवाद का जो नेगेटिव नकारात्मक इंपक्ट हो तो हमारी इस डिवेट में दिख रहा है
36:08राजी जी सबसे पहले जैसा कि आपने कहा कि आज तक देश का नंबर वन चैनल है तो जब नंबर वन चैनल पे एक तथाकतित प्रोफेसर ये पूरी एक कौम को देश के एक सबसे बड़े वर्ग को डेमनाइस करने का काम करता है तब मुझे बड़ा दुख हुआ कि आप जैस
36:38और क्या ये धर्म विशेश के सभी लोगों को एक पेंट से ब्रश करना क्या वो सही है या गलत है इस बात की आपको भी निंदा करनी चाहिए थी जो प्रेम शुकला जी पिछली बार मुझे कह रहे थे कि भाई वो और की प्रतिलिवी बता दीजिए ये रही और की राज्य
37:08आपको सचा ही फोसह gotta hot 9 अशुकला जी करता ही है जो छड़ और कि रखाई प्रेम के अउन कर��ा जी आपको सच्छा ही आपको सच्छा ही त अग्रा कराई पूरा दीजिए ईए नचैंश्चाई अग्रा करें ज फूर के सट फूर कर दिया ठीट
37:38तो आपको क्या प्रॉब्लम है बाई बंदे मातरम और जैहिन से यह वही प्रॉब्लम है वह बीच बीच में जो मैं पहले कह रहा था ना
37:50इनके DNA में इनके DNA में आज भी जोड़ता है इसलिए बंदे मातरम से इनको दिक्कत रहे है
37:59किस संदर में है जो यह जो यह नोटिफिकेशन में राजीव जी मुझे पूरी बात आप प्रदान मंतरी जी जब पूरा देश
38:23एक सो पचासवी जैन्ती मना रहा था बंदे मातरम की उन्होंने एक बड़ी विभाजनकारी बात कही उन्होंने कहा कि यह जो स्टेंजास हटाए गए थे
38:331937 में इसने देश के विभाजन की नियुग रखी और ये बात प्रेम शुक्ला ने भी रिपीट की तो क्या प्रेम शुक्ला और क्या प्रदान मंतरी मोदी जी
38:43अब सरल जी माफी के साथ आपको रोकना पड़ेगा क्योंकि समय इतनी ही जाज़ा देरा आप सभी महमानों का हमारे साथ इस दंगल में जोडने के लिए बहुत शुक्रिया अब समय हो चला चुदू से ब्रेक आप देखते रही आज ता
38:54आज तार तेश का सर्मश्रेष्ट न्यूस चनल
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