Skip to playerSkip to main content
  • 6 hours ago
हजारीबाग का सौरभ कुमार मसाले की फैक्ट्री खोलकर स्थानीय युवकों को रोजगार दे रहा है.

Category

🗞
News
Transcript
00:00१जारी बाग के इंदरपुरी चौक रेड क्रोस कर्यालिया के ठीक बगल में सौरप कुमार अपना छोटा सा प्रतिष्ठान चला रहे हैं
00:07इस छोटे से प्रतिष्ठान के पीछे की सोच और लगन बहत खास है
00:11Saurabh Kumar banking की परिक्षा की तैयारी में लगे हुए थे
00:15इन्होंने कई लेवल की परिक्षा भी पास कर ली
00:18उस वक्त इनके मन में विचार आया
00:21क्योंना ऐसा विवसाई किया जाए
00:23जिससे दूसरे लोगों को रोजगार से जोड़ा जा सके
00:26इन्होंने मसाला का फैक्षरी कोड़ डाला
00:28जो आज हजारी बाग में अपनी एक विसेस पास्चान बना रही है
00:32मैं पहले बैंकिंग सेक्टर के लिए तैयारी करता था
00:362015 से तैयारी करने के बाद आई वी पिएस एक्जाम होता था
00:41उसको मैंने क्लर्क लेवल का क्लेर भी किया था और कुछ नंबर से चुक गया था
00:46जिसका रहन मेरा नहीं हो पाया तो उसको देखते वे कि मेहनत भी किए और थोड़ा कि
00:51स्वरब कुबार बताते की प्लांट खोलने के लिए पैसे की आवे सकता थी और आर्थिक रूप से संपन भी नहीं थे
01:19ुद्योग विभाग ने बताया कि PMFME योजना का लाव ले योजना खादे प्रसंस्क्रण छेत्रे में छोटे वैवसाईयों को विदिय तक्निकी और वैवसाईक सहायता परदान करने के लिए खादे प्रसंस्क्रण मंत्रा ले द्वारा सुरू की गई एक सरकारी पहल है
01:41सौरब ने इस योजना के लाव लिया और अपना प्रतिष्ठान सुरू कर दिया मेरा मकसद है कि लोगों को एकदम सुध मिले कम आज के दौर में आप देख रहे हैं कि हर चीज में मिलावाट हो रहा है लेकिन मैं अपने अस्तर से चाह रहा हूं कि कबसे कम एक प्रोड़क्
02:11साथ मैंने लोन लेकर ये कारे को आगे किया सौरब कुबर बताते हैं कि मसाले का ही बेवसाइग करने का बात मन में क्यों आया इसके पीछे भी एक सोच है इनका कहना है कि हुए अकसर अकबार और विविन प्रेटफॉर्म में सुनते थे कि मसाले में मिलावट बहुत है इन
02:41हुद मसाला घर घर तक पहुचा कर दू हुआ कि मसाला बनानी की प्रोसेस मैंसे पहले मसाला को सफाई करते हैं फिर उनको बहुंते हैं उसका पिसाई करKEN हाईजेनिक तरीके से उसे सप्लाइघ करते हैं मेरे इस काम से कम आठ दोशन लोगों को मैंने रोजगार दिया हु�
03:11foreign
03:17foreign
03:25foreign
03:31foreign
03:35foreign
03:39foreign
04:07प्रधान मंत्री निरंदमोदी आत्म निर्भर भारत और लोकल फर लोकल की चर्चा लगभक हर एक मन्ट से करते हैं उनसे प्रेडित होकर सौरब ने अपना वैवसाई खुद का सुनू कर लिया है सौरब कई लोगों के लिए आज प्रेड़ना के सुनूत भी बन रहे हैं जन
Be the first to comment
Add your comment

Recommended