Haryana Stadium Condition 2025: बास्केटबॉल खिलाड़ियों की मौत के बाद से हरियाणा का खेल इंफ्रास्ट्रक्चर सवालों के घेरे में हैं. सवाल ये कि जिम्मेदार कौन?
00:28अब हार्दिक और अमन के पिता ने दोशो पर कारवाई की मांग की
00:58रहतक से सांसा दिपेंदर हुड़ा ने सरकार और परशाचन को कठधरे में खड़ा किया है।
01:05रहतक से सांसा दिपेंदर हुड़ा ने सरकार और परशाचन को कठधरे में खड़ा किया है।
01:09उन्होंने पहले परिजनों से मुलाकात की और फिर जिम्मेदार अधिकारियों पर क्रिमिनल कारवाई करने की मांग रहते हैं।
01:15नियाए मिले नियाए का दूसरा अर्थी है कि जो भी दोशी हों जो अधिकारी उनके खिलाफ करवाई हों।
01:34खास तोर पे जो MP कोटा मेरा तीन साल से साड़े अठारा लाक MP कोटा मेरा नहीं लगा।
01:39आज मैं पूछना चाहता हूं हमारे देश की बास्केटबॉल टीम का हमारा खिलाडी चला गया क्योंकि तीन साल से इन्होंने मेरा MP कोटा नहीं लगवाया।
01:46कोन अधिकारी इसके पिछे दोशी हैं उन अधिकारियों खिलाफ जब तक कारवाई नहीं होगी।
01:51महीं पंजाब के मुख्यमंत्री भगवातमान ने भी बास्केटबॉल खिलाडी हारदिक राठी के परिवार से मुलाकात और घटनास्थल का जायजा लिया।
02:01सरकार और परशाशन पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाए खिलाडियों के मनोबल पर असर डालती है। ये चिंता का विशे है।
02:31जो प्यार करने वाले जितने भी लड़के हैं, बच्चे खेल रहे हैं, उनके लिए अच्छा इंफ्राच्च्चर बनाके उनकी याद में स्टेडियम का नाम उनकी याद रखा जाए उसके नाम पे और इंफ्राच्च्चर अच्छा हो थाके आगे से ऐसी घटना ना हो।
03:01जो प्यार के दिए जिस्टिक स्पोर्ट्स ओफिसर को सस्पेंड और जो खेल नसरी जिस कोच के नियंतर जिना खेल नसरी चल रही थी पंचायत के अंडर चल रही थी उस खेल नसरी को निलम्मित कर दिया है।
03:19और आगे उच्चतर ये जाच करा के इसमें जो भी कारवाई होगी वो कड़ी से कड़ी कारवाई होगी कि आने वाले अविश्य में कोई ऐसी दुरगट नना घटे जिससे कोई हमारा होनार खिलाडी चाहे दुनिया से।
03:31इस मामले बेर मुख्यमंत्री नायव सिंग सेनी ने भी दुख जताया।
03:35उन्होंने सभी खेल परिश्रों का व्यापक निरिक्षन करने के निर्देश दिये।
03:39CM ने दोनों परिवारों को पांच-पांच लाख रुपे के आर्थिक साहेता का एलान किया।
03:43नोंने कहा कि हम ऐसी घटनाओं को दोराने नहीं देंगे।
04:12अब सरकार सभी खेल स्टेडियम और खेल नर्सरी का निरिक्षन कर खामियों को दूर करने की बात कह रही है।
04:17अगर इन बुन्यादी सुईधाओं पर सरकार पहले ही सजग दिखती तो शायद इतना बड़ा हाथ सा नहीं होता।
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