00:00ुद्योगों की अस्थापना का जो जाले हम बिच रहा है उसके लिए कई लोगों ने पूरे प्राणपण से प्रयास किया और 30 नॉमबर 1989 को इसके अस्थापना होई
00:14आज गीडा एक बड़े अद्योगी छेत्र के रूप में अस्थापित हो चुका है और 30 नॉमबर 2025 को इसके अस्थापना दुलश के सुरुआ मुख्यमंत्रियों की अदितनाक के हातों होने वाला है
00:26लेकिन इस गीडा के अस्थापना में जिन्होंने निव के पत्थर की भूम का निभाई है E.T.U. भारत उनके साथ बाचित करने के लिए मौजूद है उनका नाम है सुरेंज अद्रवाजी यह रोड़की से 1971 के केमिकल इंजिनियर है जिन्होंने उद्यों के अस्थापना म
00:56कि गीरा के स्थापना में कैसे कदम बढ़ा है और आज गीरा कहां पर है कैसे वह फल रहा है सुरेंद अट्रवाजी जी वह निस सो तिरासी में यह वहा कि हमको पूरे गोरखपुर का अच्छा अस्था अच्छा आश्योशन बनाना नहीं ने चैमर अप इंड़स्ट्री ग
01:26तो हम लोगों ने प्रयास कारण किया कि इसका अगर डेवलक्मेंट करना है तो हमको यहां पर पिश्ड़े जन्पदों की सुझा मिले जिससे की उध्योग यहां पर आकर्सित हो सकते हैं
01:35जो संयोग से 1982 में जब मारी मदन पांडे जी एंपी बने उनके माध्यान से हम लोगों ने इसको प्रयास को आगे बढ़ाया इसी के तहर हम लोगों ने उत्रक्रेश सरकार के तब कालीन प्रभुक्षची उद्योग श्रीयसिती डिजवी के लिए लेश पर
01:54मनोश कुमार जी एडिशन डिएक्टर इंज़स्ट्रीज आर्के मित्तर जी और मैं स्वेम उस समय जो है चैमर आप इंड़स्ट्रीज का सचीव था हम तीनों ने नासिक किया आत्रा की और नासिक के डिवलप्मेंट को देख करते हम लोगों ने यह निश्चित किया कि यह
02:24जो तकालीन सांसक्ते मदर पांडेजी उनके अन्रोग पर यहां पर नोविड़ा की वहां की वोर्प्र इंड़स्ट्र इवलप्मेंट की स्थापना की बोशना की उसके बाद जो है इसके उपर तकाल कारीय शुरू हो गया और 1989 में यह 30 नौंबर 1989 में यूपी गोर्मेंट
02:54के लिए भूम के अधिगर्ण के लिए धन किया हो सकता थी ऐसी कुछ दिक्कतें सामने थी इस वज़या से आपका जो उद्देश था वो सफन लें पार रहा था तो कल्यान सिम्झी इसको कैसे आगे बढ़ा पाए कैसे आगे बढ़ा है इसमें यह गवार थी जब 30 नौंब
03:24समादेश के जोगी करमचारी थे वो वीड़ा के करमचारी माने लिए उनका पेमिंट या सेली जो है वो भी गंड़क समादेश वार ही की जाती थी हम लोगों ने तब जोर देखके यह कहा कि यहां पर तंशन भूमी की आवशक्ता होनी चाहिए ब्लैंस इंदी उसमें मु�
03:54पर दो दो प्रायत नहीं के साथ ने एक मिटिंग उनकी हुई उस मिटिंग में यह कहा कि जब नहीं है तो जो कैसे लेंगे तो कल्यांग सिंग दी ने उसके बाद जोहर वहां जाकर ते और यह को जोशना की कि हमको जोहर चिसका जहर से लानास करेंगे और जो ब्लोग पु
04:24यह आठ सितंबर उनी से उत्यांगे में जो पर्यांग से इंग्रेल यहां पर उच्छे जान्यास की भोशना की उसे में इन्होंने जोहर पंस भी दिये और उसके बाद बहर मिला कि स्थापना शिरू होगी लेकिन जो द्योगों की भर्मार देखने को मिली है वो बस 2017 के बा
04:54यहां को दो बड़े उद्योगों की स्थापना हुई एक को गैरेंट स्पार्थ और दूसरा जोगा आईजियाल दोजार्चे में जो है मंती जो है मुलायन शिंदिय ने दोनों का जो है सिलान्यास किया है तो 2006 जे बाद से उद्योग लगे लेकिन फिर भी जो है इसमें जो
05:24लोगी जी हमारे उसमें शांसर थे उन्होंने कोशिश करी इस आंदोलन को कम करने चाहई लेकिंद बात में भीरे जिरे करके इसमें जो है उद्योग लगे लेकिन उद्योगों की प्रगयति कोई बहुत जादा नहीं हुपाई
05:40Thank you very much.
06:10The people who were living in the early 2000s were the first time of the year.
06:17The people who lived in the early 2000s were the first time of the year.
06:23The early 2000s were the first time of the year.
06:29Thank you very much.
06:59But one thing is, in 1989, Greater Noida was established by the Greater Noida, which was established by the Greater Noida.
07:10Greater Noida was created by the Greater Noida, which was only 2 crore per 1 crore per 1 crore per 1 crore.
07:18It was nominal and it didn't have a lot of financial burden.
07:23When the government got into it, the government was charged with interest.
07:31In the beginning of the year, it was a lot of financial trouble.
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