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  • 5 hours ago
पुतले का अंतिम संस्कार, लेकिन सरकते कफ़न ने खोल दिया राज, देखें वारदात

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00:00नमस्कार में हूँ शम्स तहर खान और आप देख रहे हैं वारदात
00:03चार लोग एक लाश के साथ शम्शान पहुँचते हैं
00:07वहां पहुँचने के बाद लकडियों से लेकर घी और तमाम पूजा सामगरी खरीदते हैं
00:13फिर खुद ही चिता को सजाने लगते हैं
00:15न किसी पंडित को बुलाते हैं और न किसी प्रोहित को
00:18आज पास कई और चिताएं भी जल रही थी
00:21उन में से कुछ लोगों को ये बात अजीब लगती है
00:24लेकिन इससे पहले कि वो चिता को मुखहगनी दे पाते
00:28अचानक कफन थोड़ा सा सरग गया
00:31और लाश का एक पैर दिखाई देने लगा
00:34इसके बाद जो कुछ हुआ वो शायद इससे पहले कभी हुआ ही नहीं
00:51कहते हैं इस दुनिया से उस दुनिया में जाने का आखरी स्टीशन शम्शान या कबरिस्तान होता है
00:57कहते तो ये भी है कि चाहे थोड़ी ही देर के लिए
01:03पर जब कभी भी कोई ऐसी जगह पर आता है
01:06तो सारे बाप या बुराईयों से खुद को दूर कर लेता है
01:09अमूमन इस आखरी स्टीशन का माहौल हमेशा गमगीन होता है
01:15लेकिन आज जिस शम्शान में आपको ले जाऊंगा
01:18वहाँ चिता पर लेटी अर्थी को देख कर आपको अफसोस नहीं होगा
01:23बलकि शायदा मुस्कुरा उठी
01:26यकीमान जिस भाई कभी ये जुर्मी आइडिया था
01:30घजब जुर्मी था
01:32ये गढ़मुक तेश्वर में मौजूद ब्रिज घाट शम्शान है
01:38इस शम्शान घाट की अपनी एक माननेता है
01:41गंगा किनारे होने और गढ़मुक तेश्वर में होने की वज़ा से
01:45दूर दूर से लोग यहां अर्थिया लेकर आते है
01:4927 नवंबर को भी इस शम्शान घाट में तमाम चिताएं जल रहे थी
02:00तबी ठीक उसी वक्त चार लोग एक डेड बॉडी लेकर यहां पहुचते है
02:05हर शम्शान घाट की एक परंपरा होती है
02:09मुर्दों को लाने के बाद शम्शान के अंदर उसे नहलाया जाता है
02:13फिर प्रोहित या पंडित मंतरो चार के बीग चिता सजाते है
02:17इसके बाद शम्शान के ही क्रमचारी लकडियों की चिता पर अर्थी को रखते है
02:23हमेशा शम्शान पहुचने के बाद मुर्दों के साथ आए लोगों में से
02:27कोई लकडी घी और पूजा सामगडी उसी शम्शान से खरीगता है
02:32फिर अंतिम संसकार किसी प्रोहित या पंडित की मौजूदगी में ही किया जाता है
02:37मगर 27 नवंबर को एक आई 20 कार में चार लोग इसी शम्शान में पहुचते है
02:45ये चारों यहां आने वाले बागी तमाम लोगों से बिलकुल अलग थे
02:49अलग इस माइने में कि चारों ने लकडी घी पूजा सामगडी सब कुछ खरीदा तो
02:55मगर किसी प्रोहित या पंडित को नहीं बुलाया
02:58बलके खुद ही लकड़ियां सजा कर चिता तयार करने लगी
03:02अब बारी थी चिता पर शफ को लिटाने थी
03:05चिता सक चुकी थी लेकिन मुर्दा अब भी कार में था
03:08इसी दोरां शमशान के एक पंडित की नजर चारों पर पड़ी
03:12पंडित कार से लाश उठाने के लिए उनके करीब आए
03:15चारों ने मना भी किया
03:17लेकिन उसने जैसे ही डेड़ बॉडी कार से उतारने के लिए हाथ पढ़ाया
03:21तब वो चौक गया
03:22क्योंकि उसे महसूस हुआ कि मुर्दे का तो कोई वजन ही नहीं
03:27इस पर उसे शक हुआ
03:29उसने लाश का चेहरा दिखाने की बांग रही
03:31तब ही चारों घबरा गए
03:33उन्होंने कहा कि लाश सीधे अस्पतान से लेकर आ रहे
03:37लाश के हालत बहुत खराब है
03:39खासकर चेहरा तो देखने लाया बिल्कुल भी नहीं
03:42यह सब कहते हुए चारों ने फटा फट
03:44खुद सही सजाई चिता पर कफन से ढखी लाश को लिटा दिया
03:49बिना पंडित, बिना प्रोहिर और बिना किसी मंत्रोचार के
03:54बेहत जलबाजी में यूचारों को अंतिम संसकार करते देख
03:59अब वहां मौझूद लोगों का शक और बढ़ने रगा
04:02इसी भी चुनमे से एक की नजर पैरों से थोड़ा सा खिसक चुकी कफन पर पड़ी
04:08पैर देखते ही वो हैरान रहे चुकी ये पैर किसी इनसान के नहीं थे बलकि डमी के थे
04:15यानि किसी पुतले के, प्लास्टिक के पुतले के
04:25बस फिर क्या था? अगले ही बल वहां ख़ड़ा शक्स एक जटके में कफन हटा देता है
04:30जैसे ही कफन हटा, सामने चिता पर यही पुतला लेटा हुआ नजल आता है
04:36उन्होंने किसी से कोई बात नहीं की, अपनी चिता सजाई, चिता सजाई के उसके डमी को रखते, प्रिया को करने लगे
04:44अपने बहुत सारे शोरूम में देखे होंगे
05:12जिने कपड़ा पहना कर शोपीज के तौर पर शीशे के बॉक्स में खड़ा किया जाता है
05:18वैसे इसे मैनी कुईन भी कहा जाता है
05:21अब जहां शम्शान के अंदर एक साथ कई चिताएं जल रही थी
05:27वहाँ एक चिता पर इस पुतले के लेटे या लिटाई जाने की पाथ
05:31चिता की आग की तरह पूरे शम्शान में फैल गे
05:34इस बीच शम्शान के स्टाफ में पुलिस को भी फोन कर दिया
05:38आनन्फानन में पुलिस मौके पर आई
05:40मगर मुर्दे का सच जैसे ही सामने आये
05:43तब तक उन चार में से दो फाग चुके थे
05:46जो बाकी दो बच गये उन्हें पुलिस दे कुछ यूँ पकड़ा
05:50अब तक हर कोई हैरान था
05:52हर कोई ये जानना चाहता था
05:54क्या खिर शम्षान में पुतले का अंतिम संस्कार कोई क्यों कर ले आएगा
05:59चार लोग आये एचार नंबर गाली थी आई-ट्वेंटी
06:04उसमें से उन्होंने दुकान से घी सामगरी बगरा लखड़ी उखली ली
06:08लेने के बाद उन्होंने एक डमी निकाली मतलब पुतला निकालकर उसे लखड़ियों पर लिटाया लिटाकर उसमें कहले लगे जो हमारे लोग थे यहां पर मैं खुद स्वयम आया आकर मैंने दिख़ए मोले यह क्या कर रहे हो तुम यह कहले लगे बोले नू भी हम तो क�
06:38राशीली तो उसकी डिगी से बिलकुल वैसे ही दो और पुतले मिले अब दोनों से पूचता शुरू होती है और थोड़ी ही तेर भी सिलसलवार कहानी सामने आने लगती है एक ऐसी कहानी जिसमें एक इनसानी दिमाग बिना कोई संगीन जर्म किये बिना किसी को मारे एक मौ
07:08जिसके बदले उसे पचास लाट रुपे बस उसी काघजी मौत के लिए वो इस शमशांत चला है यहाँ पर एचार नंबर की गाड़ी है आई 20 कुछ लोग आये थे इसमें चार आदमी थे जो दो पुलिस वाले ले ले गए दो जने फरार हो गए यहाँ से एक पुतला लिक
07:38मौके पर मौजूद काफी लोग एखटा हुआ है उन्हों को पकड़ा और पकड़ा के पुलिस को भी सूचना दी है जो कि दो जनों को ले गए दो जने फरार हो गए यह कमल सोमानी है दिल्ली के पालम का रहने वाला है कमल सोमानी करोल बाग में ड्राइफ रूट की एक द�
08:08दोनों बिहार के रहने वाले हैं दिल्ली आने के बाद अन्शुल ने अपना अधार काड और पैन काड कमल सोमानी के घर के पते पर ही बनवाया था
08:16कमल सुमानी के पिता की मौत के बाद दुकान घाटे में चलने लगी और फिर एक रोज दुकान हमेशा के लिए बंद हो गए
08:25दुकान बंद होते ही नीरज वापस गिहार लोड गया अंशुल पहले से ही लोड चुका था
08:31इधर दुकान बंद होते ही कमल सुमानी कर्ज में डूबने लगा
08:35कर्ज से बाहर निकलने का तभी उसे आइडिया आ रहे
08:39चुक्कि अन्शुल का आधार और पैनकार उसी के पास था
08:43लहाजा उसने उन्ही दोनों दस्तावेजों का इस्तिमाल करते हुए
08:46एक बीमा पॉलिसी खरीड़ पूरे पचास लाक रुपे की वो भी अन्शुल के नाम बने और उसका नौमिनी भी खुद बने इसके बाद कमल पावंदी से आउनलाइन इस पॉलिसी की किष्ट भरता रहा
08:59कमल को पता था कि अन्शुल और उसका भाई बिहार में दोनों को इस पॉलिसी के बारे में कोई जानकारी नहीं
09:07कई किष्ट भरने के बाद अब इंशुरेंस की रखम जो पचास लाक रुपे ती उसे हासिल करने का वक्त आ चुपा था
09:15कमल का प्लान ये था कि अन्शुल को मुर्दा करार देकर वो बीवा कंपणी से सारे पैसे हसूल लेगा
09:22चुकि वो नौमिनी भी था इसलिए सारे पैसे उसे ही मिल दे थे
09:26पर यहाँ पर कमल थोड़ा शरीफ निकला, वो बिना अंशुन को मारे ही उसकी मौत जाता था
09:56उन्हें अपनी ही दुकान में काम करने वाले अंशुन कुमार पुत्र धर्मराज निवासी दिल्ली के नाम पर उन्हें बिना बताए एक वश पूफ पचास लाग का इंशुरेंस कराया था
10:07कमल सोवानी का प्लान ये था कि वो अंशुन की जगह एक पुत्रे को लाश भना कर शमशान ले जाएगा और वहाँ उसका अंशुन के नाम पर मुर्दे की रसीद उसे मिल जाएगा
10:31इसी रसीद से वो आसानी से अंशुल कर डेट सेटिफिकेट भी बर्मा लेगा और फिर उसी डेट सेटिफिकेट को इंशुरेंस कमपनी में जमा कर वो आसानी से पचास लाग रुपे हासिल कर लेगा
10:43अब चुकि मामला अंतिम संसकार का था तो कमल सुमानी अकेले अर्थी लेकर शम्शान तो जा नहीं सकता था
10:52लेहाजा उसने अपनी साज़िश में अपने तीन करीवी दोस्तों को भी शामिल कर दिया
10:57अब चारों दोस्त बाजार से तीन पुतले खरीदते हैं और उनी में से एक कुलाश बनाकर शम्शान पहुँच जाते हैं
11:07पर प्लास्टिक का दो चार कीलो का पुतला सारा भानड़ फोड़ देता है
11:12बाकी रही सही कसर चिता पर लेटा ये पुतला पूरी कर देता है
11:17कमल सुमानी और उसका एक दोस्त फिलहाल पुलिस सिरासत में बाकी दो दोस्त भी आज नहीं तो कल हाथ खाई जाएं
11:28पर सवाल ये है कि इन्हें सजा क्या मिलेगा
11:32क्योंकि इन्होंने मौत का ड्रामा तो किया पर मारा किसी को नहीं
11:37शम्शान में लाश तो ले गए पर प्लास्टिक का अंशल सही सलामत फिलहाल प्रियागराच में तो कुल मिलाकर धोका धड़ी की कोशिच का इल्जाम ही इनके सर आएगा
11:47यानि लंबे वक्त तक ये सरकारी महमा नहीं रहेगा
11:51तेवेंद्र शर्मा हापुर आज तक
11:55दो दिन पहले अफगानी मीडिया की तरफ से आई एक खबर के बात से ही पाकिस्तान में इमरान खान को लेकर तमाम तरह की अफ़वाहें पहली हुई है
12:04दरसल बीते तीन हफतों से इमरान खान के परिवार के किसी सदस या फिर इमरान खान के वकील को उनसे मिलने नहीं दिया जा रहा है
12:13नहीं जेल के अंदर से इमरान खान की कोई खबर बाहर आ रही है
12:17बस इसी वज़ा से पाकिस्तान में ये अफवाह फैली हुई है कि अमरान खान जिन्दा है या नहीं
12:23पिछले दो दिनों से पूरे पाकिस्तान में अमरान खान को लेकर अफवाहों का बाजार करने
12:32पिछले धाई सालों से रावल पिंडी के अडियाला जेल में बंद इमरान खान की सहर और उनके जिन्दा होने या ना होने को लेकर तमाम तरह की खबरें आ दिया तक कि इमरान की तीलों बहने और उनकी बादी पाकिस्तान तहरी के इंसाफ यानी बीटियाई के समर्थ तक अ�
13:02फौरान इमरान खान से मिलने की जासत देने की मांग़ी है
13:06दरसल पिछले तीन हफ्टों से इमरान खान को परिवार के किसी की सरस्स्यस चाहन की उनके वकील से मिलने नहीं दिया गया
13:14इसी के बाद से ये अफवाह जोर पकड़ने लगी
13:17कि अडियाला जेल के अंदर इमरान खान को रहस्माई तरीके से मारने के बाद
13:22उनकी लाश भी छुपा दी गई
13:24इस बीच इमरान खान के बेटे कासिम खान ने
13:28सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ये संसनी खेस खुलासा किया है
13:33कि बीते 845 दिनों से जेल में बन उनके वालिद इमरान खान को पिछले 6 हफ़तों से जेल के अंदर डेथ सेल में रखा गया है
13:42कासिम खान ने अंतर रास्ट्री समुदाय से भी इमरान खान के बारे में सही जानकारी जेल से बाहर लाने में मतद मागी है
13:50ये रही इमरान खान के बेटे कासिम खान की वो पोस्ट
13:54मेरे वालिज साहब पिछले 845 दिनों से गिरफ्त में
14:00पिछले 6 हफ़तों से उन्हें डेटसल में बिल्कुल अकेले कैद करके रखा गया है
14:04और उनके बारे में कोई खबर नहीं है
14:06उनकी बेहनों को हर बार उनसे मिलने से रोका जा रहा है
14:10जबकि उनसे मिलने देने का कोट का साफ साफ हुक्त है
14:13उनके साथ फोन पर कोई बात नहीं हो रही है
14:16कोई मीटिंग नहीं हो पा रही है
14:18और उनके जिन्दा होने के भी कोई सबूत नहीं है
14:21मेरे भाई और मेरा भी अपने वालिद साहब से कोई राप्ता नहीं हो सका है
14:26उन्हें लेकर सभी को पूरी तरह से अंधेरे में रखा जाना
14:29सिक्यरिटी प्रोटोकॉल के उलट है
14:32या मारे परिवार को उनकी मौजूदा हाल और उनकी सुरक्षा को लेकर
14:36कोई भी जानकारी हासिल करने से रोपने की जान बूच कर कोशिश की जा रही है
14:41यह साफ कर दूँ कि उन्हें इस तरह गैर इनसानी तरीके से अकेले में रखे जाने
14:46और सुरक्षा को लेकर होने वाले हर नतीचे के लिए
14:49पाकिस्तान की सरकार और उसके हैंडर्स कानूनी तोर पर नैटिक तोर पर और अंतराश्टिय तोर पर जिम्मेदार हों
14:57मैं अंतराश्टिय समुदाए दुनिया भर के मानवादिकार संगठन और हर लोग तांत्रिक संगठनों को
15:03इस मामले में फॉरण दखल देने की उजारिश करता हूँ वो पाकिस्तान के सबसे पसंदीदा सियासी रहरुमा के जिन्दा होने के सबूत मांगे
15:12कोट के हुक्म के मताबिक उनसे मुलाकात की वकालत करें और सियासी वजह से उन्हें कैद में रखे जाने के सिलसिले को खत्म करवाएं
15:21कासिम खान इमरान खान के बीटे
15:42यह रावल पिंडी की अडियाला जेल है वही जेल जहां पिछले ढ़ाई साल से पूर्व क्रिकटर पाकिस्तान तहरीक इनसाफ यानि पीटी आई के अध्यक्ष और पाकिस्तान के पूर्व प्रधान मंत्री इमरान खान के पायदी
16:00इसी अडियाला जेल के बाहर अचानक इमरान खान की तीन बेहने नूरीन नियाजि, अलीमा खान और डॉक्टर उस्मा खान पीटी आई के समर्थकों के साथ धरने पर बैट जाती है
16:18तीनों बेहनों की मांग ये थी कि उन्हें उनके भाई इमरान खान से मिलने की इजाज़द देजा दरसल बीते धाई सालों में महीने में कम से कम दो से तीन बाद इमरान खान के परिवार के सदस या वकीलों को इसी जेल में इमरान खान से मिलने की इजाज़द दे दी जात
16:48यानि वीते तीन हफ़तों से इसी जेल के अंतर बंद इमरान खान की कोई भी खबर किसी भी तरीके से बाहर नहीं आई है
17:06तीन हफ़ते पहले तक परिवार या वकीलों के जरिये उनकी खबर उनके चाहने वालों तक पहुँच जाती थी
17:12यहां तक कि ऐसा पहली बार हुआ जब खैवर पखतून खान के चीफ मिनिस्टर को भी जेल में इमरान खान से मिलने नहीं दिया गया
17:20आज तक पिरो
17:22तो वारदात में फिलाल इतना ही मगर देश और दुनिया की बाकी खबरों के लिए आप देखते रही आज तक
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