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  • 3 hours ago
3 हजार सैलरी और काम का अंबार... देखें BLOs के लिए कैसे 'सिरदर्द' बना SIR

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00:00मसकार, स्वागेट आपका आप देख रहे हैं विशेश आपके साथ हो मैं नहा बात हम
00:03विशेश में आज बात होगी अगर आपको कोई ऐसी नौकरी करनी हो
00:09जहां सुबह साथ बें से ड्यूटी शुरू हो जाए
00:11लगातार काम करना पड़े दिन में लंज का भी टाइम ना मिले और शाम को साथ बजे तक आपकी छुटी हो
00:17और पिर दिन भर जो काम किया उसे राद भर ऑनलाइन भी भढ़ना हो
00:21तो क्या आप ये काम करेंगे आपका सवाल होगा कि पैसा कितना मिलेगा तो पैसा मिलेगा सिर्फ तीन हजार उपए महीना
00:28अब बताईए क्या आप ऐसी नौकरी करना चाहेंगे आपका जवाब होगा बिलकुल नहीं
00:34लेकिन चुनाव आयो कि एसायर की प्रक्रिया पूरी करवाने वाले बिलोज यही नौकरी कर रहे हैं
00:39हलाथ हमने आपको बता दिये अब आप खुद देख लीजे आज तक की तीन ने इन बिलोज के साथ एक दिन गुजारा और उनकी परिशानिया जाननी चाहें
01:04देश में एसायर और बिलो के नाम पर हंगामा मचा हुआ है
01:09सियासी तलवारें खिची हुई है
01:11आरोप यह हैं कि चुनाव आयोग की एसायर की प्रक्रिया में बहुत सी खामिया है
01:16और इसमें पिस रहा है बिलो यानि की बूट लेवल आफिस है
01:20जब तारीख आखरी 4 दिसंबर की है कुछ दिन ही शेश है
01:25आखिर किन चैलेंजो को ये बिलो ज दिन रात फेस करते हैं
01:33वो दिखाएगा आपको आज तक आज हम उन बिलो के साथ पूरा दिन बिताने वाले हैं
01:40आपको दिखाने वाले हैं एक एक तस्वीर घर से निकलने से लेकर दूसरों के घरों जाकर फॉर्म भरवाना और फिर शाम तक वापस घर आना
01:51आम तोर पर प्राइमेरी स्कूलों के टीचर या फिर आंगनवाडी कारे करता ही बीयलो की जिम्मिदारी निभाते ही
01:58लेकिन बाकी विभावों के कर्मचारी भी बीयलो होते ही
02:02बीयलो हर घर में जाकर ये सुनिश्चित करता है कि वहां मौजूद कोई ऐसा तो नहीं है जिसके पास वोटर कार्ट नहीं है
02:09बीयलो की ही ये जिम्मिदारी होती है कि जो लोग पलायन कर चुके हैं या जिनकी मृत्ती हो चुकी है उनके नाम वोटर लिस्ट से हटाए जाए
02:16फरजी वोटों को रोकना या फिर इनकी शिकायत करना भी बीयलो की जिम्मिदारी होती है
02:21और मौजूदा SIR की प्रक्रिया को पूरा करने की जिम्मेदारी इन्ही BLOs की
02:26हम सुबह सुबह साथ बजे लखनों के ही एक BLO के घर पहुँचे
02:30BLO पहले से ही अपनी ड्यूटी के लिए तैयार है
02:33उधो शाम इनका नाम है
02:35यह वो सिपाही हैं सवक्त चुनाव आयोक के जो आयोक की रीड बने हुआ है
02:42सुबह से शाम रात ये काम कर रहे हैं अब ये कमरा है कमरा दिखा दीजिए यहीं पर रहते हैं आप देखे एक इनके यहां पर यह बैड पड़ा हुआ है
02:54करता हूं कुछ पेपर गरारा जो रवेनिंग होते हैं जी सरक लेक्ट करता हूं फिर यहां लाकर इंटी करता हूं कि आज की डेट में मुझे कितने फार्म मने रिशीव करें हैं उसकी वकायता है इंटी करता हूं
03:12साथ देले का समय आप नहां दोखे अभी खड़े हैं कितना डेली का ही रूटीन है सर डेली का रूटीन है सर यह समय एस साइयार का कारकरम चल रहा है तो बहुत ही जादा मतलब प्रिशर है उपर से कि जल्दी से जल्दी इस कार को निप्टाया जा जिसके करन जल्दी थोड�
03:42पहले इलाके महले में नहीं पहले कजा रहे हैं स्कूल में जहां पर मद्दान के इंदर बना हुआ है जहां यूज्वली लोग वोट करने आते हैं वहां यह जाएंगे कुछ फॉर्म्स देंगे
03:52जिस स्कूल में बियलो पहुँचे वहां पहले से ही लोग भी मौजूब थे कुछ फॉर्म लेकर और कुछ समस्याओं के साथ
03:59आपको क्या समस्या है आपकी? क्या नाम है आपका?
04:02मुझे मनमोहन सरवास्तों कहते हैं
04:04श्रिवास्तव जी क्या समस्या है आपकी इसमे?
04:22इडिया समझाई, फोन पर उनके डॉक्यमेंट्स देखे और इनहीं में उन्हें पांच से साथ मिनट का समय लगा
04:27यहां तो एक एक सेकंड का हिसाब है क्योंकि टास्क ही इतना बड़ा है
04:31बियलो स्कूल के अंदर बैठे, कुछ देर रहे, लोग आते गए, अपनी समस्याईं डिसकस करते गए
04:37और अब बारी थी, महले की तरफ जाने की
04:39तो भई अब स्कूल का टास्क खत्म हुआ है, जिन लोगों को परिशानिया थी, उनको पूर्ण किया गया है
04:45और अब हम आगे बढ़ रहे हैं, महलों की तरफ, उन घरों की तरफ, जहां पर ये फॉर्म्स चेक किये जाएंगे, कलम लाकर वोटर इस पर नाम है नहीं है, 2003 की लिस्स से नाम मिल रहा है नहीं मिल रहा है, और मुख्य मुद्दा है फॉर्म सब्मिशन का, क्या होगा अब
05:15बियलो नाइब तहसीलदार अंकिता सिंग के साथ लखनों के लालकुवा महले में निकलते हैं, यहां की पतली गलियों से होते हुए लोगों से मिलते हैं, अब तक सुबह के दस बच चुके हैं, यहां एक महिला मद्दाता है, आसरीन बानू, जिन्होंने फॉर्म नहीं भर
05:45पास पहुचे हैं, इस परिवार ने उन्हें घर में न सिर्फ एंट्री दी, बलकि उन्हें खाने के लिए कुछ ओफर भी किया, यहां भी, फॉर्म धंत से नहीं भरा हुआ है, तो बियलो उन्हें समझा रहे हैं, और लेवोरियस भी है, लेवोरियस तो बहुत है, सुदर स
06:15बहुत करते हैं, जब भी आओ, तो कुछ न कुछ खिला के बेजेंगे, आज रहे हैं, बात प्रोटसाहन की हो रही थे, और यहीं प्रोटसाहन है, जो किबल चुनाव आयोगे, प्रशासन की तरफ सही नहीं, बलकि कुछ ऐसे परिवार भी मिल जाते हैं, जिनकी तरफ से इ
06:45कुछ परिवार भी जो हैं, वो इनका सपोर्ट कर रहे हैं, और खुशी सिंका अपने घरों में स्वागेत रहे हैं, बीयलो को ऐसे भी लोग मिल रहे हैं, जिनका नाम लिस्ट में नहीं है, क्योंकि वो दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं, लेकिन फिर भी वो बीयलो से अ�
07:15कि यहां रहती हैं, और चली गई हैं, नहीं तो मेरा वहीं तो आता है, हमारे के वोट यही देते हैं, अब कर रहे हैं, इदर रहती हैं, जो बीयलो सोरा भी लगाता
07:34आप तक दो पहर के दो बजगे हैं, लंज का वक्त हो गया है, लेकिन बीयलो ने खाना नहीं खाया, क्योंकि काम बहुत है, अभी भी दूसरे लोगों से फार्म लेने हैं, लेकिन बहुत से लोगों के घरों पर वो दो दो तीन-तीन बार जा चुके हैं, लेकिन लोग भगा द
08:04लेकिन हर बार जवाब मिलता है, बाद में आईएगा, अभी हम कुछ और कार में ब्यस्त हैं, आप देखिए लगातार वो पूछ रहे हैं, क्या समस्यारी है यहां के दर मैं दो से दो बार आचुका हूँ, भाई साब कहीं फेमली और चली जाती, फार्म किसी और ने रिसि�
08:34इसे ही एक और महिला भी ने मिली, इनके घर पर भी बियो लोग तीन बार आ गए, लेकिन वो अपनी डिटेल्स नहीं दे रहे हैं
09:04कहानी यह है कि तीन से जार बार यहां भी आ चुके हैं, लेकिन जबाब नहीं आ रहा है, फॉर्म का वेट कर रहे हैं, अब यह देख रहे हैं कि वहां घर पर है काकज़ाद नहीं है, अब आज बताएंगे तो कल यह फिर दो बार आएंगे, कितनी चक्र आ चुके हैं अब �
09:34यह भी सवाल उट रहे हैं कि जिन बेलोस की मौत हो रही है, क्या वाकई काम के दबाख की वज़ा से उनकी जान गई है, अब यह जांच का विशय बन गया है, वैसे भी हर किसी मानसिक और शारिक शंता अलग होती है, लेकिन इस सच्चाई से कोई इंकार नहीं कर सकता कि बे
10:04अज तक मद्वर्देश की राजधानी भौपाल में आज दिन भर बीएलो के साथ बिताएगा, सटिंद कुमार जैन बीएलो है राजधानी भौपाल में, इनके पास का जिम्मर्दारिया है, वो तमाम चीजे हम देखेंगे, किन परिस्थितियों में एक बीएलो को काम करना
10:34कुमार जैन जी के साथ रहने वाले हैं जो की बियेलो है भोपाल में और समझेंगे कि आखिर एक बियेलो को क्या कुछ झेलना पड़ता है दिन भर में
10:42भोपाल में बियेलो सतेंद्र जैन की आजकल यही दिन चरिया है एक महिला को अपनी बहु का नाम जुड़वाना था लेकिन डॉक्यमेंट गुजरात में थे मोबाईल पर मंगवाए गए फिर फॉर्म भरा गया तो आधा घंटा लग गया यही वज़े है कि बियेलो टार्ग
11:12चाहिए S.I.E.R. की जानकारी वो पलब्द बॉक्स अप के मादधाम से करा देंगे हम लोग इसमें सब्मिट कर देंगे और पत्रक को आंगे उसमें कर लेंगे
11:24जिन लोगों को बियेलो फॉर्म दे चुके हैं उनसे वापिस भी लेने हैं किसी का फॉर्म अधूरा है किसी की गलत जानकारी है ये भी ठीक करने हैं लेकिन इन समस्याओं के अलाबा दूसरी समस्या भी ले
11:37यहां बियेलो भॉपाल के अशोका गार्डन के एक घर में पहुँचे तो उनके उपर एक पैट डॉग भॉंखने लगा जिससे वो घर के अंदर नहीं जा सकी
11:46बहुत देर बाद घर के मालिक बहार आए लेकिन उनकी पूजा का समय था तो वापिस घर के अंदर चलेगे
12:07अचिसर सामना करना पड़ता है पर काम है आयुक का काम है हमारी डूटी é उन नातों के सामना पड़ता HAQ और अब जैसे उने ihaa
12:27प्रोफएसर है लेकिन इनकी जीवन चेलें बिलो भीलो बनने के बाद काफी जाधा बदल गई है नौंब जी रहे हैंभी आप
12:36आप कौन से घर जाएंगे, कौन से एरिया में जाएंगे और कैसे आपकी जीवन चैल यहां से शुरू होगी बताई
12:41मैं यहां से पांच किलमेटर दूर डीडी नगर सेक्टर 2 जाओंगा
12:45वहाँ दो चार लोगों को है जैसे अभी राजुरजा के घर जाना है
12:49महेंद्र कुमार एक टीचर है लेकिन अब और बियडी की डूटी है तो चार तारीख से स्कूल ही नहीं गये है
13:06तो चार तारीख के ऐसे में हमें कारी मुक्ती दिया गया है
13:19तो उसके बाद हम लोग अभी बेवलो काम ही कर रहे हैं इसको जाही नहीं पा रहे हैं
13:24फिलार रुकरेंग शोरे से ब्रेक के लिए ब्रेक के बाद भी भारी खास पेशकर जारी रहे गया बने भी हमाई साथ तेक्ट रहे आज तक
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