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नेपाल ने 100 रुपये का नया नोट जारी किया है, और इसी नोट ने दोनों देशों के रिश्तों में एक बार फिर खटास पैदा कर दी है। नेपाल राष्ट्र बैंक द्वारा जारी इस नोट पर देश का नया नक्शा छपा है, जिसमें कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा शामिल हैं। जबकि भारत साफ कह चुका है ये इलाके उसके हैं, और किसी भी “कृत्रिम विस्तार” को भारत स्वीकार नहीं करेगा। इससे पहले भी मई 2020 में नेपाल ने केपी शर्मा ओली सरकार के समय अपना revised राजनीतिक नक्शा जारी किया था, जिसके बाद दोनों देशों के संबंधों में तनातनी बढ़ गई थी। भारत ने इसे एकतरफा, इतिहासविहीन और अस्वीकार्य कहा था। नेपाल के 100 रुपये के विवादित नोट पर सामने वाले हिस्से में बाईं ओर माउंट एवरेस्ट की छवि है और दाईं ओर नेपाल के राष्ट्रीय फूल का वॉटरमार्क. बीच में हल्के हरे रंग के बैकग्राउंड में नेपाल का विस्तारित नक्शा दिया गया है जिसमें विवादित क्षेत्र शामिल हैं. इसके पास अशोक स्तंभ भी प्रिंट किया गया है, जिसमें बुद्ध की जन्मस्थली लुंबिनी का उल्लेख है. नोट की पीछे वाली तरफ एक सींग वाला गैंडा दिखाई देता है. NRB अधिकारियों का कहना है—नक्शा पुराने ₹100 के नोट पर भी था, अब बस उसे अपडेट किया गया है।

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~HT.410~ED.108~

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00:00नेपाल ने सौर रुपै का नया नोट जारी किया है लेकिन ये सिर्फ एक करेंसी नोट नहीं ये एक राजनीतिक बयान है एक कुटनीतिक चुनोती है और एक नया भूराजनीतिक है जिसमें भारत, नेपाल और चीन तीनों शामिल है
00:12ये सिर्फ एक नई करेंसी नहीं बलकि ये भारत के लिए एक नया मैसेज है, एक नई चुनोती है और एक पुरानी लड़ाई की नई शुक्वार है
00:19क्योंकि इस नोट पर छपा है नेपाल का विस्तारित नक्षा जिसमें काला पानी, लिपू लेक और लिम्पिया धुरा को नेपाल का हिस्सा दिखाया गया है, वो इलाके जोने भारत साफ शब्दों में अपना बता चुका है, लेकिन असली ट्विस्ट इस नोट के नक्षे म
00:49भारत की प्रेस छोड़ कर चीन की छपाई क्यों चुनी, और क्यों अब हर नया नोट, हर नई खेप, नेपाल की राजनीती और चीन की रणनीती दोनों से जुड़ी नजर आ रही है, ये सिर्फ करेंसी की कहानी नहीं, ये हिमाले जियो पॉलिटिक्स का नया अध्याय है औ
01:19में एक बार फिर खटास पैदा कर दी है, नेपाल राष्ट बैंक द्वारा जारी इस नोट पर देश का नया नक्षा छपा है, जिसमें काला पानी, लिपूलेक और लिम्पिया धुरा शामिल है, जबकि भारत साफ कह चुका है, इलाके उसके हैं और किसी भी कृतिम विस्त
01:49नेपाल के 100 रुपए के विवादित नोट पर सामने वाले हिस्से में बाई और माउंट एफरेस्ट की छवी है, और दाई और नेपाल के राष्ट्री फूल का वाटर मार्क बीच में हलके हरे रंग के बैकग्राउंड में नेपाल का विस्तारित नक्षा दिया गया है, जि
02:19भारत के कहना है कि लिपूलेक, काला पानी और लिंपिया धुरा उसके शेत्र हैं, 2020 में भारत ने नेपाल के इस खदम पर कड़ी प्रतिकरिया दी थी, भारत ने इसे एक तरफा कारवाई बताया था और चितावनी दी थी कि शेत्री दावों का इस सित्रह कृतिन विस्तार
02:49जी हां, मामला सिर्फ इस नए नोट से नहीं शुरू हुआ, बलकी करीब 200 साल पुराना है, भारत नेपाल के बीच 1850 किलो मीटर लंबी खुली सीमा है, जो 5 भारती राज्यों से लगती है, सिक्किम, पस्चिम, बंगाल, बिहार, उत्रप्रदेश और उत्राखट, भारत न
03:19कहां से है, भारत का कहना है कि काला पानी शेतर सीमान तुबा गया और उसका हिस्सा है, नेपाल कहता है नदी का सुरूत लिम्पिया धुरा है, इसलिए वो पूरा इलाका नेपाल का है,
03:281947 यानी भारत की आजादी के बाद भी दुनों देशों ने इसी संधी को आधार बनाया, लेकिन नदी के सुरूत पर विवाद बना रहा,
03:351962 में भारत चीन युद्ध के दौरान भारत ने सुरूशा बढ़ाने के लिए काला पानी शित्र में आईटी वीपी को तैनात किया,
03:42नेपाल उसी वक्त से दावा करता है कि भारत ने उसका शित्र कबजा लिया,
03:472015 में भारत चीन के बीच लिपूलेक समझाता होता है,
03:51समझाते के तहएट भारत और चीन ने लिपूलेक को व्यापार मार के रूप में विक्सित करने पर सहमती जताई,
03:57इसके बाद नेपाल ने कहा कि उसे विश्वास में नहीं लिया गया, विवाद और बढ़ गया,
04:17और काला पानी को अपना शित्र के तोर पर शामिल कर लिया, यहीं नक्षा अब 100 रुपे के नए नेपाली नोट में शामिल किया गया है,
04:24नेपाल पहले भारत में अपने नोट छपवा आता था, लेकिन अब ज़दातर नोट चीन में छप रहे हैं,
04:291945 से लेकर, 1955 तक नोट भारत के सेक्योटी प्रेस नासिक में छप चे रहे हैं,
04:34इसके बाद भी भारत कई साल तक नेपाल का प्रमुक नोट प्रिंटर रहा, लेकिन 2015 में एक बड़ा बदला हुआ,
04:402015 में भारती प्रुधान मंदरी नरेंद्र मोदी की चीन यातरा के बाद भारत और चीन लिपू लेक में एक व्यापारिक केंदर खोलने पर सैमत हुए, जिस पर नेपाल ने आपती जदाई,
04:50नेपाल की संसर ने कहा कि ये विवादित शेतर पर नेपाल के संप्रभू अधिकारों का उलंगन है, इसके बाद नेपाल ने कहा कि उसे विश्वास में नहीं लिया गया, विवाद और पढ़ गया,
04:59नेपाल ने नए नक्षे जिसमें विवादित शेत्र काला पानी लिपूलेक लिम्पूदुरा शामिल किये इस वज़े से भारत ने इन नए नोटों की छपाई से दूरी बना ली जिससे नेपाल को दूसरा विकल्प खुजना पड़ा और चीन ने ये विकल्प पेश किया
05:13संक्षेप में कहें तो कम खर्च आदुनिक सुरक्षा राजनितिक संवेदन शीलता ये तीनों मिलकर वज़े बने कि नेपाल ने नोट प्रिंटिंग के लिए भारत छोड़ कर चीन को चुन लिया
05:23चीन ने पहली बार नेपाल की नोट प्रिंट करना 2016 में शुरू किया था उस साल ही चीन की CBPMC को पहला कॉंट्रेक्ट मिला पहला बड़ा प्रिंटर ओडर हजार रुपए के नोटों का था 2017 जनवरी में पहली खेप काटमांड़ों को बेजी कही थी इसके बाद से चीन को क
05:53CBPMC साथ बार नेपाल की नोट प्रिंटिंग के ठेके हासल कर चुकी है इस दोरान अनुमाने तोर पर लगभग धाई अरब बैक नोट्स चापे जाने हैं इस काम के लिए CBPMC को कुल मिलाकर लगभग 63 मिलियन डॉलर अमेर्की डॉलर का भुकतान होगा जो नेपाल की मुद
06:23कि विवाद नए तनाव को जन्देगा या बाचीत की मेस पर हल निकलेगा और सबसे बड़ा सवाई क्या एक बैंक नोट क्या इतिहास को फिर से लिख सकता हैं फिलाल के लिए इतना ही देखते रही One India
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