UP SIR: क्या आपका नाम वोटर लिस्ट में सुरक्षित है? चुनाव आयोग ने Special Intensive Revision (SIR) शुरू किया है, जो पूरे देश में लागू हो रहा है। यह प्रक्रिया मतदाता सूची की सबसे बड़ी सफाई और अपडेट ड्राइव है, जिसमें घर-घर जाकर योग्य मतदाताओं की जानकारी ली जाती है और फर्जी, मृत या डुप्लिकेट नाम हटाए जाते हैं। बिहार मॉडल के बाद अब 12 राज्यों और 3 केंद्रशासित प्रदेशों में SIR चलेगा। ड्राफ्ट रोल, दावा-आपत्ति और फाइनल रोल के जरिए हर योग्य मतदाता की सूची में नाम सुनिश्चित किया जाएगा। समय पर फॉर्म भरना आपकी जिम्मेदारी है।
00:00क्या आपको कभी डर लगा कि आपका नाम वोटर लिस्ट से कहीं काय अपना हो चाए यह हर साल फॉर्म भर-भर कर आप परिशान हो चुके हैं
00:19तो आज हम आपको बता रही हैं उस मेगा आपरिशन के बारे में जिसका नाम है Special Intensive Revision यानि की SIR जो बिहार के बाद पूरे देश में लागू हो रहा है
00:35सबसे पहले समझ लेते हैं SIR है क्या? क्या है SIR और SSR? SIR क्या है और SSR से कैसे अलग है?
00:44दरसिल चुनावायोग हर चुनाव से पहले मददाता सूची का सामान्या संक्षिप्त पुनारीक्षन जिसे अंग्रीजी में Simple Summary Revision या फिर SSR कहा जाता है
00:55इसके अंदर गत उस चुनाव से एक महीने पहले तक 18 वर्ष के उम्र को प्राप्त करने वाले वैध भारतिया नागरिक मतदिखार के लिए आवेदन करते हैं
01:04मृत और स्थानांतरित व्यक्तियों के परिजनों अथ्वा संबंध अधिकारियों की अनुशंशा पर उनका नाम मतदाता सूची से हटा कर Fresh Water List चुनाव से पहले प्रेकाशित की जाती है
01:16वहीं कुछ-कुछ समय के बाद चुनावायोग पूरे देश या देश के किसी भी राज्य में मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षन करवाता है
01:24जैसे मास लेवल पर जणगरना की जाती है ठीक उसी तरच पर भारत की चुनावायोग द्वारा नियुक्त बूथ लेवल अधिकारी घर घर जाकर एक-एक व्यक्ती के मतदिकार की जाच करते हैं
01:38नए योग्य मतदाताओं से फॉर्म भरवा कर उनका नाम एड़ किया जाता है जबकि अयोग्या, मृत, स्थानांत्रित, फर्जी और डुप्लिकेट नामों को हटाया जाता है
01:49इस प्रक्रिया को कहा जाता है Special Intensive Revision यानि की SIR
01:55Election Commission of India पूरिदेश में करीब 20 साल बाद मतदाता सूची की सबसे बड़ी सफाई और अपडेट ड्राइब चला रहा है
02:03जसका लक्षय हर योग्या मतदाता को जोड़ना और अयोग्या नामों को हटाना ताकि आगामी चुनाव एक शुद्ध और विश्वस्निया वोटर लिस्ट पर हो
02:14चलिए अब आपको स्टेप वाई स्टेप समझाते हैं
02:17स्टेप वन कानूनी आधार और नोटिफिकेशन
02:21SIR कोई सामान्य अपडेट नहीं बलकी
02:24रिप्रेजेंटेशन आफ पीपल एक्ट नाइटीन फिफ्टी सेक्शन 21 और समविधान के आर्टिकल 324 के तहत की जाने वाली स्पेशल प्रक्रिया है
02:34इसमें सबसे पहले आयोग नोटिफिकेशन जारी करता है और क्वालिफाइंग डेट ताय की जाती है
02:40जैसे बिहार में 1 जुलाई 2025 थी यानि इस तारीक तक जो भी 18 साल का हो चुका है या होने वाला है उसका नाम मददाता सूची में जोड़ा जाएगा
02:51बिहार में 8 करोड से ज्यादा वोटरों तक पहुचने के लिए बियलो ने घर घर जाकर एनियुमरेशन फॉर्म सपाटे
03:04ये फॉर्म पहले से आंशिक रूप से भरे होते हैं आपका नाम, पता, परिवार की डीटेल, और प्री प्रिंटर्ट
03:11हर वोटर से कहा गया कि वो अपनी जानकारी जांचे, गलतियां सुधारे और जरूरी डॉक्यूमेंट्स लगाए
03:17खास तोर पर 2003 के बाद जोड़े वोटरों को अपनी उम्र, पहचान और माता-पिता की जानकारी का ठोस प्रमाण देना जरूरी है
03:27स्टेप 3, फॉर्म भरना और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन, एनुमेरेशन फॉर्म के साथ जरूरत पढ़ने पर फॉर्म 6, नयाना, फॉर्म 7, नाम हटाना, फॉर्म 8, करेक्शन, शिफ्टिंग, उपलब्ध कराये जाते हैं
03:41बियलो और सुपर्वाइजिंग टी में आधार, उम्र और पते के दस्तावेजूं का मिलान करती है ताकि डुप्लिकेट, मृत या फर्जी प्रविष्टियां तुरंत पकड़ में आए
03:52स्टेप 4, ड्राफ्ट रोल, आपत्यां और सुप्रीम कूट की हिदायाद
03:57फिल्ड वरिफिकेशन के बाद ड्राफ्ट एलक्टोरल रोल प्रिकाशित किया जाता है इसे ग्राम पंचायत, वर्ड ओफिस और आउनलाइन पूटल पर लगाया जाता है
04:06बिहर SIR के दौरान सुप्रीम कूट ने आदेश दिया कि हटाये गए नामों की डीटेल भी सारवजने की जाए ताकि कोई भी वूटर गलत तरीके से कटे नाम पर आपत्ती दर्ज करे
04:17दवे अपत्यों के निपटारे के बाद फाइनल इलेक्टोरल रोल प्रकाशित किया जाता है और यही आगामी चुनावों की बेस लिस्ट है
04:28इसके बाद मद्धाता सूची लगबग फ्रीज हो जाती है और अंतिम समय पर बदलाव केवल बहुत सीमित हालात में स्विकार किये जाते हैं
04:37बिहर के बाद फेस टू में कौन कौन से राज्य फेस टू में SIR अब 12 राज्यों और 3 केंदर शाषित प्रदेशों तक बढ़ाया किया
04:47पश्यम बंगार, तामिलनाडू, केरल, उत्तर प्रदेश, गुजरात, मध्या प्रदेश, राजस्थान, 36 गर्ड, गोवा, अंडमान निकोबार, लक्ष द्वीप और पुडुचेरी
05:00यहां 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक एन्यूमेरेशन चलेगा और 7 फरवरी 2026 तक फाइनल रूल पब्लिश करने का लक्ष रखा गया
05:11नए बदलाव, बिहार से देश तक एक समान मॉडल, अब SIR एक तरह का One Nation, One Method बन गया
05:19हर वोटर को Pre-Field Enumeration Form मिलेगा जिससे गलती और फरजिवाडे दोनों घटेंगे
05:25दूसरी एहम बात, 2002 से 2004 की सूची को बेस रूल माना जा रहा है
05:31जो वोटर 2002-2004 से लगतार सूची में है, उन्हें डॉक्युमेंट कम देनी होंगे
05:37लेकिन 2003 के बार जोड़े वोटरों की सक्त जांच होगी
05:41रज्यों के हिसाब से खास बातें
05:44पश्यम बंगा, तमिलनाडू, केरल, आसम जैसे रज्यों में 2026 विधानसभा चुनाफ से पहले
05:50SIR पूरा करने का लक्ष है
05:52असम में नागरिक्ता वेरिफिकेशन के कारण SIR की अलग-अलग साड़नी होगी
05:57वहीं उत्तराखंड और हिमाचल जैसे बर्फ प्रभावित राज्यों को शुरुवाती फेज से फिलहाल बाहर रखा गया
06:04आम मद्दाताओं को क्या करना चाहिए
06:07पहला काम, बियलो जब एनुमरिशन फॉर्म दे, उसे ध्यान से पढ़कर हर जानकारी चेक करें, सही विवरन भरें और दस्तावेज लगाकर समय पर वापस दें
06:17दूसरा काम, ड्राफ्ट रोल में नाम ना दिखे या गलत दिखे, तो समय सीमा के भीतर, दावा, आपत्ती ज़रूर दर्च करवाएं
06:26फाइनल रोल में आपका नाम रह सकता है या हट भी सकता है
06:30आने वाले सालों में लोगसभा हो, विधान सभा या नगर निकाय सारे बड़े चुनाव इसी नए SIR वाले रोल पर होंगे
06:38इसलिए सिर्फ इलक्षन कमिशन का आपरेशन नहीं, ये भारत के हर वोटर की सबसे बड़ी नागरिक जिम्मदारी है
06:45आपका एक फर्म, एक साइन और एक सही जानकारी देश की लोगतांदरिक तस्वीर बदल सकती है
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