00:00। इस एक साल में कुछ ऐसे भी अनुभव हुए हैं जो अनुभव संतोज जनक नहीं है।
00:07जैसे उदारण के मैं करा हूँ कि हम लोग किया कर्मा में कर्विंशन सेंटर बन के तयार है कुछ ही सा उसका जरजर भी हो गया है।
00:17पिछले जनवरी से नगर पारिका को नगर विगास विवाद को हम लोग कह रहे हैं कि सरकार का जो करूर रुपेस में खर्च हो गया है आप कुछ ऐसा करिए कि लोगों को लाह मिले आपको भी आमदली हो इस थे।
00:33लोग जाते थे चातर जाते थे वहां पढ़ते थे बहुन बढ़िया बन के मगर राइवरी चालू नहीं है।
00:50यह हम लोग साल भर में सिपारिस करते रहें इसी सुकरिये। पार्ग बना है दो मुहानी में।
00:58मानवो प्यजल पर योजना का जब मैं 5-6 साल पहले विदायक था उसके पहले से इसके प्रथम चरणकारी अंग बाली गुमा की पारी टंगी का भी है।
01:11वहां हमारे विधायक रहते वहां पाई प्राइन सब इस गया कि यहां की टंकी सुरू होगी।
01:18आज तक उस टंकी तक पाजी नहीं पहुंचा।
01:21हम लोगे और भी कुछ होता हैं नेगर नियम के अधिकारियों को जेनिस के अधिकारियों को पुर्डे जाकर दिखाएं।
01:28कई थानों के बारे में हैं।
01:30मुझे ख़बर मिली है।
01:32कि यह ठेला लगवा कर वसूरी करते हैं।
01:36कोई होटलों में पार्किंग है वसूरी होती है।
01:40मैं का रहा हूं तो थाना हमारे समझ जाएंगी।
01:43मैं किसी लिए का रहा हूं।
01:44मैं एक दू दिन के बाद मैं विरीवा सेनिया रेस्पी आते हैं तुम से बात करके
01:48कि यह काम इस तरह का खानेदार कोई करेगा अपने छेतर में।
02:07प्रभार करने के बाद कर परसों वो डिजीपी रैंक में सामिश की गई हैं।
02:28यह जो सीति समान प्रसासन की है तो उसी का असर हर जगे पढ़ रहा है।
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