00:00क्या आपने कभी सोचा है कि भगवान श्री कृष्ण हमेशा बांसुरी क्यों बजाते हैं।
00:05श्री कृष्ण की बांसुरी सिर्फ एक मधुर ध्वनी नहीं निकालती, बल्कि आत्मा को ईश्वर से जोडने का मात्यम है।
00:13यह भक्ती प्रेम और पूर्ण समर्पन का प्रतीक है।
00:17जब क्रिश्ण बांसुरी बजाते हैं तो ग्वालबाल, गोपिया, पशुपक्षी सभी उनकी ओर खिंचे चले आते हैं।
00:25यह दर्शाता है कि सच्चा प्रेम और भक्ती हर हृदय को आकरशित कर सकती है।
00:30बांसुरी क्यों यह पूरी तरह से खोकली होती है।
00:34इसका अर्थ है कि जब हम अपने अहंकार को त्याक कर खुद को श्री कृष्ण के हाथों सौंप देते हैं।
00:40तब ही ईश्वर की मधुर ध्वनी हमारे जीवन में बच्चती है।
00:43क्रिष्ण की बांसुरी की धुन के वल्थवनी नहीं बलकि ब्रह्मांट का दिवे संगीत है।
00:49यह हमें याद दिलाती है कि यह संसार भी एक मधुर राग की तरह चलता है।
00:54जहां हर घटना इश्वरिय यूजना का हिस्सा होती है।
00:57तो क्या आप भी अपनी जिंदगी को श्री क्रिष्ण की बांसुरी की तरह बनाना चाहते हैं।
01:02निर्मल, खाली और पून समर्पन से भरी हुई।
01:05कमेंट में बताएए और इस दिव्य संदेश को सब के साथ साजा कीजिए।
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