00:00लोग लक्ष्मी को धन की देवी मानते हैं, पर वो केवल धन नहीं, संतोष की देवी है।
00:06एक बार लक्ष्मी जी ने कहा, जहां महनत, सत्य और सेवा होती है, वही मैं स्थाई रूप से निवास करती हूँ।
00:14जिस घर में स्त्रियों का आदर, भोजन की शुद्धता और इमानदारी होती है, वहां लक्ष्मी कभी नहीं जाती, वो चमक्ती सोने में नहीं, सच्चे कर्म में बसती है, जो व्यक्ती कर्म और चरित्र से पवित्र है, वही सच्चा धनी है।
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