00:00कॉलकाता का काली घाट मंदिर लाखों श्रधालूओं का केंद्र है पर रात को उसके पीछे का काली कुंट कोई नहीं जाता
00:08कहते हैं 35 साल पहले 30 वर्षिय साधवी कमला वहां आत्म बलिदी थी
00:14हर अमावस्या की रात वहां लाल धुआ उठता है
00:18एक बार 26 साल की शूती पत्रकार वहा गई रिपोर्टिंग के लिए
00:22रात के 12 बजे उसे दिखा काली मूर्ती के पास वही साधवी खड़ी थी
00:28चहरे पर हसी पर आखों से खूम बह रहा था
00:33अगले दिन उसका कैमरा मिला जिसमें आखरी क्लिप में आवाज थी
00:38मा ने मुझे स्वीकार कर लिया
00:40कहा जाता है अब वो साधवी हर नई आत्मा को काली बना देती है