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  • 4 months ago
किसान अब पराली जलाने की बजाय दूसरे रास्तों को अपना रहे हैं, बीते एक साल में पराली जलाने के 50 फीसदी मामले कम हुए है.

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00:00बारत सरकार रसेंट्रल पॉलूशन कंट्रॉल बोर्ड के स्वियोग से जो पराली के जलने के केसिस हैं उनमें काफी कमी आई हैं पिछले कहीं वर्षों से पराली एस्टबल जिसको बोलते हैं उनके पैलेट से कठटर बनाके थर्मल पावर प्लांक्स में एजिर फ्यूल उस
00:30एथनौल और कंप्रिस्ट बायोगेस्ट की प्रोडक्शन में इनके इसका इस्थमाल हो रहा है पैकिसिंग मेट्रियल इंडिस्टियल बॉइलर्स और बायर डीकम्बोजर के माद्यन से केंद्र सरकार ने काफी आर्टिक साइटा भी गिए जिससे की मशीनों किसानों तक प
01:00है उसमें भी कमी है
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