किसी भी बड़े और भरोसेमंद अस्पताल का नाम लोगों की ज़िंदगी से गहराई से जुड़ा होता है – वहीं से इलाज, उम्मीद और भरोसे की शुरुआत होती है। लेकिन कभी-कभी यही नाम गलतफहमियों और अधूरी जानकारियों की वजह से विवादों में घिर जाते हैं। हाल ही में सोशल मीडिया और कुछ पोर्टलों पर “पारस अस्पताल धोखाधड़ी” जैसे दावे सामने आए, जिनसे लोगों के मन में सवाल उठे कि क्या इतने वर्षों से भरोसे का प्रतीक माना जाने वाला यह अस्पताल सच में पारदर्शी है? इस ब्लॉग में हम उन खबरों की तह तक जाएंगे – मीडिया रिपोर्ट्स, आधिकारिक तथ्यों और असली मरीजों के अनुभवों के ज़रिए यह समझने की कोशिश करेंगे कि पारस अस्पताल धोखाधड़ी की कहानी आखिर सच्चाई है या महज़ अफवाह।
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