00:00महा कुम्भ मेला से बिछडे बेक्ती नौ महीने बाद आखिरकार अपने परीजनों से मिल पाया।
00:06नौ महीने बाद एक दूसरे को देखकर परीजनों की आखे तो पहले पल भर के लिए छल छला गई और फिर चेहरोय पर खुसिया छा गई।
00:14बिछडे बेक्ती से परीजनों को मिलवाने में सोसल मीडिया की भूमी का रही है।
00:44बिछ सिक्षक अजय कुमार महतों को मामले की जानकारी हुई तब उन्होंने पूरे मामले को सोसल मीडिया में पोस्ट किया।
00:50इसके बाद भाट के बेक्ती के परीजनों ने उनसे संपर्क किया और फिर यहां पहुचा।
00:55भाट के बेक्ती को बुधवार को परीजनों को सोप दिया गया है।
00:59दरसल उडिसा के सुन्दरगर जिल्ला के तलंडी गाउनिवासी दुर्गाचरन अपने परीजनों के साथ पिछले साल कुम्ह मेला गया हुआ था।
01:08लेकिन वह परीजनों से भटक गया और भटक कर सरिया थाना छेतर के कैपलो गाउं आ गया था।
01:13यहां जमना भुईया उसे अपने घर में आसरे दिया। दुर्गाचरन दीन में मैदूरी करता और रात में अपने आसरे में रहकर गुजारा करता आ रहा था।
01:21इस बिच गाउं के कोह योकों ने मामले की जानकारी सिक्षक अजय कुमार महतों को दी।
01:26उन्होंने दुर्गाचरन का फोटो से ही सोचल मेडिया में पूरे मामले को लेकर एक पोस्ट किया।
01:32पोस्ट के कुछ घंटे बाद ही और इसा से फोन आना शुरुए हुआ और फिर बीछडे बेक्ति को लेने के लिए उसके परीजन गाउं आए।
01:39दुर्गाचरन की पतनी, पूत्र और भाई केपलो पहुचे और फिर उसे लेकर उलाव कर लोगाई।
02:09पर शुरुडबन की है।
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