00:00तो जो सारी जो मद्दाता सूची पूरे देश की अवेलेबिल है 2003 में उससे सेलेक्ट करना और उससे मैचिंग करना बहुत आसान हो जाता है
00:09इसी तरीके से अगर आपका नाम नहीं है 2002-2003 या 4 की मद्दाता सूची में तो आप अपने
00:17फादर, मदर या जो भी उस श्रेणी के जो रिलेटिव्स हैं उनके डीटेल भर सकते हैं तो उससे भी ये मैचिंग सरल हो जाती है
00:28जो लिस्ट ओफ इंडिकेटिव डॉकुमेंट्स हैं जिन लोगों का 2002-2003 या 4 की मद्दाता सूची से मिलान हो चुका है
00:38उन्हें कोई भी डॉकुमेंट देने के आवश्यक्ता नहीं है और जिन लोगों का मिलान नहीं हो पाया वो संख्या काफी कम रह जाती है
00:46सिर्फ उनी लोगों को इंडिकेटिव डॉकुमेंट्स देने होंगे जो बिहार में थे ग्यारे वो और आधार काड नागरिक्ता का प्रमान चुके नहीं है तो वो आइडिंटिटिव परपस के लिए लोग दे सकते हैं
01:01भारती नागरिक्ता कादून के अंतरगत अगर आप एक जुलाई 1987 से पहले भारत में पैदा हुए हैं तो आपको भारत का नागरिक्त माना जाता है
01:14तो जो वेक्ति 87 या उसके पहले का बॉर्ण है अगर उसमें 18 साल जोड देते हैं तो सन आता है
01:23दोजार तीन चार या पांच इसी लिए जिन लोगों का नाम दोजार तीन दो या चार की मद्दाता सुची में है
01:32उसकी प्रूबेटेव वैल्यू उसकी एविदेंशरी वैल्यू कि वो नागरिक है उसकी कोई जाच करने के आवश्चत्ता नहीं होती है
01:40इसी लिए जो पिछला ऐसा यार हुआ था वो वाली तारीखे ली जाती है
01:45रॉंग फुल इंक्लूजन ऑफ फॉरिनर्स कई बार अगर किसी वैक्ती ने जो के हमारा हमारे देश का नागरिक नहीं है
01:57और आने के बाद अगर उसने कुछ कागज बनवा लिये तो आपने नोटिस किया होगा
02:02जो हमारी प्रेजेंटेशन थी कि सबसे पहले इन्युमुरेशन फेज में हम ये मिलान करेंगे
02:11कि 2002, 2003 या 2004 में आप या आपके वरिष्ट जो वंच के लोग थे वो कहां थे
02:18अगर उससे मिलान हो जाता है तो फिर ये बात खत्म हो जाती है
02:23जो लोग का मिलान नहीं होगा उनको नोटिस जारी होगा
02:28और नोटीस जारी होने के बाद उन्हें वो कागस दिखाने होंगे
02:32और उसके साथ-साथ ये भी बत लाना होगा
02:34कि 2003 में वो कहां थे
02:37ये करना बहुत आवश्यक है
02:39डी-डूप्लिकेशन की जहां तक बात थी
02:42शायद इस विशे को और गहराई से समझने की जरूवत है
02:47एक व्यक्ती का एक इन्युम्रेशन फॉर्म प्रिंट होता है
02:52और वो व्यक्ती अगर उस इन्युम्रेशन फॉर्म पर दस्तकत करता है
02:57उसको B.L.O. वेरिफाई करता है
02:59तो उसका नाम ड्राफ्ट लिस्ट में आ जाता है
03:01अगर उस व्यक्ती के एक से जादा जगे नाम है
03:06तो उतने इन्युम्रेशन फॉर्म अलग-अलग जगे प्रिंट होंगे
03:11जितके भी नाम है सब के प्रिंट होगे
03:14तो जब तक वो व्यक्ती मानसिक तोर से कानूनी अपराद करने के लिए तयार है
03:21तभी दो इन्युम्रेशन फॉर्म पर वो दस्तकत करेगा
03:25अन्यथा एक पर ही करेगा
03:27बाकी ये टेक्निकल और श्रोडिंगर एक्वेशन और मैथेमाटिकल डिडूप्लिकेशन जो चीज़े होती है
03:33वो तब की जाती है जब फील्ड टू पर हाउस टू हाउस सर्वे नहीं किया जा रहा हूँ
03:40ये फिजिकल फील्ड टू फील्ड परसन टू परसन एक सर्वे है जो के
03:47जो के अगर आँख़ों में आप देखेंगे तो वो एक बहुत बड़ा सर्वे है
03:53जहां तक ये 11 दस्तावेजों की बाद ये सारे 11 दस्तावेज चीफ इलेक्टरोल ओफसर से डिसकस करके ही बनाए गए है
04:06और अगर हीरिंग के समय कोई ऐसा दस्तावेज अगर कोई व्यक्ति देता है जिससे कि ये प्रमानित हो जाता है
04:15कि वो भारत का नागरिक है तो सुभाविक तौर से उस दस्तावेज को यारो नजर अंदास नहीं करेंगे
04:24जब इन बारे राज्यों में जब हम लोग ऐसा यार करा रहे हैं तो इस बात का निर्णे लिया गया कि कागस तभी मांगे जाएं जो इंडिकेटिव डॉकुमेंट्स हैं जब उसका व्यक्ति का 2003-2004 से मिला नहीं हो पा रहा है
04:41हाऊसट तोहास इनुमिरेशन चार नवंबर से चार दिसम्बर तक प्रॉत्टि
05:04को नोटिस जाएंगे उनकी हेरिंग और वेरिफिकेशन का समय 9 दिसंबर से 31 डनवरी तक होगा और फाइनल एक्ट्रों रोल्स साथ फर्वरी 2026 में प्रकाशित किया चाहिए
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