00:00जो कमफर्ट तुझे मेरे साथ मिलता है अभी जैसे चार मारे जन से मल रहा है तू नेहल के साथ भी ऐसी रहती थी यह से जादा अच्छा लगता था इतना अच्छा नहीं लगता है honestly उसकी बहुत सारी बॉंडरी थी यार बहुत
00:12है मैं आज तक कभी उसकी लब पे सर नहीं रहा है या आज तक ऐसे कभी मैं और इसकी सद्नी रही यह थी ज्यो表 मजँ नहीं रहेती मैं किसी ऐसे अंसान के साथ अश uwब हो दू
00:16तूर रहा हैं। आज तक ऐसे कभी मैंसको साथ नहीं रही है।
00:20यह जिए आपकी हो भी नहीं सकते हैं।
00:24मैं किसी ऐसे इनसान के साथ नहीं रह सकती है।
00:26जो सामने से बोलेगा, कुछ भी बोलेगा, जो मुझे अच्छानी लगएगा।
00:32वे प्तरव नेहल करे dif कि लिए था अधरन प्यार था मेरे दिल में जटा था अधर मुझ था विए तर अधरने चल लिए यह जो तुझे चिल्ट सब्सक्रासों मिलता है यह जा से जाया अधर मुझा लगता था इतना अच्छा लगता था था वुझनों कोनुक्त थी युछ �
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