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#sasuralsimarka #hintdizileri
Döküm
00:00दोरी लिट दी लिड करतें
00:08लड़ा है
00:11टासथ नहां जोहता
00:26दोरी में भॉगा थग गई
00:28कोई बार, जा जा के सोचे, वैसे भी, यहां तो सब कुछ हो गया, अगर कुछ बचा है, तो मैं देख लूगी, जा
00:53दीदी
00:54एंग बात कहनी थी
01:00फूमें सूच रही थी, कि अगर मैं ऐसे ससुराल गई होती, जहां मेरे साथ आप नहीं होती, तो पता नहीं मेरा क्या होता
01:15यही रख दो
01:39वह आप यह समान रख लो, मैं भार के काम देख के आता हूं
01:45यह देशिगी का चार सुरुप है ना, आच्छा, यह समान आप यहां रख दीजे, और जाएं
02:00चार सुरुप है
02:02सिमर, यह बिल ध्यान से रखना, माता जी को देना है
02:12जी
02:14अब आप बाहर का काम देख लीजे, यह हम लोग कर लेगे
02:30लूली, यह देख तो जाएं
02:39यह सारी चीजें, ज्यादा महंगी नहीं लग रही
02:47दीदी, पॉलिटी का थोड़ा बहुत फ़र्क तो होता होगा
02:53पर यह तो बहुत ज्यादा लग रहा है
02:57जग रहा है
03:04रमु काका
03:06इसमें से कोई भी सामान इस्तेमाल मत कीजेगा
03:09हम अभी आते हैं
03:12आज़
03:13एसा क्यों कहा वह उने
03:22हलो
03:37मा
03:38सिमर
03:41राधे राधे, राधे राधे बेटा
03:44कैसी है तू
03:46और रोली
03:48हम ठीक है
03:50आप सब कैसे हैं
03:51यहां सब अच्छा है बेटा
03:52और तू बड़ता ससुराल में कैसा चल रहा है
03:55यहां सब अच्छा है
03:58अच्छा मा आप एक बात बताईए
04:01हां बोल
04:02एक किलो चावल अच्छे वाले
04:05कितने तक आएंगे
04:07चावल
04:08फिटा चावल के तो अलग अलग दाम होते हैं
04:12अच्छे वाले चावल
04:14असी रुपय किलो से लेकर डेर सो रुपय किलो तक आजाते हैं
04:17अच्छा
04:22अच्छा, अब एक मिनिट माँ
04:40लेकिन क्या बात है बेटा?
04:43नहीं माँ, कुछ नहीं, बस ऐसे ही
04:47अच्छा, ठीक है
04:48लीजे, रोली से बात कीजे
04:52हाँ मा, रादे, रादे
04:55रादे, रादे बेटा
04:56तुम दरों ठीक हो ना?
05:00हाँ मा, एक्तम ठीक है
05:04अईरेन मीना, खुदी बात करती रहेगी
05:06मुझे भी बात करने देगी
05:07बाइदे वे, ला फोन दे
05:09ले रोली, अपनी भुआ जी से बात कर
05:12लो जी जी
05:14हालो
05:15हाँ बुआ जी
05:17रादे, रादे
05:19रादे, रादे, खुश रहो बेटा
05:21कैसी है तू?
05:22और सिमर कैसी है?
05:24बिलकल जी
05:25तेरी दीदी तो काम में इतना उलज गई है न?
05:28कि अपनी मा से बात कर रही है
05:30तो आटे दाल का भाव पूछ रही है
05:37रोली बेटा
05:38देख
05:45तेरा भी तो कितना ख्याल रखते है न?
05:48लेकिन बाइदवे लूली
05:50उसका ख्याल रखने वाला भी तो कोई चाहिए न?
05:52बुआ जी
05:54अब बिलकुल भी चिंदा मत करिये
05:57मैं हूना यहां रेडी के साथ
06:02अच्छा बुआ जी
06:04हमें खाने की तयारी करनी है
06:06मैं फोन रखती हूँ, रादे-रादे
06:08रादे-रादे
06:10दोनों बहने न, काम में लगी भी है
06:15रूली हमारा शक सही था
06:18इन कीमतों में तो जमीन आस्मान का फर्क है
06:24यह दुकानदार बहुत ज्यादा बिल बना रहा
06:27पर दीदी
06:29यह भी तो हो सकता है न
06:31कि वहां और यहां के दाब में फर्क हो?
06:36हाँ, वहां और यहां के कीमतों में फर्क जरूर होगा
06:41लेकिन इतना ज्यादा?
06:47नहीं, कुछ न कुछ तो करना पड़ेगा
06:52करना तो पड़ेगा दीदी
06:58पर क्या?
07:00हाँ
07:02पर देखा
07:04हाँ
07:06बढ़ेगा
07:08मुट मैं
07:10पर श्रोड़ी
07:12तो
07:19करते दो
07:20तो
07:22करते परीदी
07:24कि देखा
07:26मिली
07:28फ्रामू
07:32जए टोो
07:36जो जो डैंड़
07:38तंस
07:42कर दूम
07:43कर देंडर
07:46रामू
07:48जी मतरू
07:49सुर द दीखो कोना या
07:51प्रामू
07:55कि जाओ
07:57इननो वस्ते
08:06यह राशन का समान था
08:27हमने तो पहले ही सारा सामान मंगवा लिया है
08:33कहने का मतलब यह है कि राशन तो सुभाई आच चुका है
08:36तो यह सामान तुम लोगों ने मंगवाया
08:40माता चीब यह हमने मंगवाया है
08:46सिमर तुमने पर क्यों यह सारा सामान तो पहले ही घर में आ चुका है
09:03हाँ सिमर इस तरह पैसे बर्बाद करने का क्या मतलब
09:07भाबी बस दो मुनिट पर सारी बाते साफ हो जाएंगे
09:12यह सामान यहां ला दीजें
09:20इसका क्या दाम है?
09:37चार सो रूपे
09:38इस पर तो दोसन अब्बे लिखा है
09:50दिखा ना जी गलती होगे
09:59अल्दी होगे
10:00इस बिखा होगे
10:05इसमिनट
10:08कर दो कर दो
10:38पर इस पर तो पच्चुस लिखाई भगवान के सामान में मेहरा फेरी करते आप जी गलती हो गई आगे से गलती नहीं हो गई माफ की जी जी रामु काका सुब़ जो समान मगवाय था वो ले आई जी बहुजी
11:08जी दोनों बिल में फर्क देखिए
11:18हम लोगों ने आज तक राशन की कीमते चेक नहीं की और इसी बात का ये फाइदा उणाते रहे वो भी कितना एक ही बार में पूरे दो हजार रुपे से ज्यादा आप
11:28आज तक राशन की कीमते चेक नहीं की और इसी बात का ये फाइदा उणाते रहे वो भी कितना एक ही बार में पूरे
11:40पूरे दो हजार रुपे से ज्यादा आज मैने और दीदी ने कुछ चीजों की कीमते पता की तब हमें पता चला कि ये हमें कब से ठग रहा है ये तो माता जी का भरोसे वाला दुकांदार है
12:10सालों से सामान देते आ रहा है ये ऐसे कैसे कर सकता है
12:15ये सामान वापस ले जाएं और हमें पैसे वापस दे दीजिए ये पैसे तो आपर ले लेजिए लेकिन आएंदा ऐसे गलती नहीं होगी बस इस पार माफ कर दीजिए
12:19ये सामान वापस ले जाएं और हमें पैसे वापस दे दीजिए ये पैसे तो आपर ले लेजिए लेकिन आएंदा ऐसे गलती नहीं होगी बस इस पार माफ कर दीजिए ये लेजिए फने दोहजार रुपे
12:47हुआ
12:49हुआ
12:51जलता समान वाप दीजिए बसे वास अप
12:53मताजी आएंदा गलती नहीं होगी
12:55अज्ड़ा
13:11ये
13:13शाबबाश सुमर, शाबबाश रोली
13:18रेखा मारताजी आपने?
13:28ये हमें कितना बेवकूफ बना रहा था
13:31वही तो
13:32हमने आख मून कर बरोसा किया इस पर
13:35उमा, ये तुमारी जम्मेदारी थी न?
13:39तुम्हें ध्यान रखना चाहिए था
13:40तुमने कभी बिल को ध्यान से देखा नहीं, अब नतीज़ा देखो
13:43लेकिन मैं तो सब बिल माताजी को ही दिया करती थी
13:47वो तो सब चेक करती होंगी न?
13:57माताजी
13:58जिस सूजभूज और होश्यारी के साथ
14:02सिमर और रोली ने मारे घर के पैसे बचाए है
14:04इस काम के लिए तो हमें उन्हें दाथ देने पड़ेगी, तारीफ करने पड़ेगी उन दोनों की है न?
14:11अब कि मैं तो यह कहूँगा कि अब तो आप हर चीज से नेश्यन्त हो सकती
14:14आपको किसी भी बात के टेंशन लेने की ज़रूत नहीं है माताजी
14:18सिमर और घुली है न? सब कुछ अंभाल लेका
14:21वाकए
14:26तुम दोनों ने बहुत समझदारी से काम लेया
14:45वना तो इस घर में
14:49नजाने क्या-क्या चल रहा था
14:52खेर
14:57आप सब लोग पूजा की तयारी कर लीजेगा
15:01जी मेंतेजी
15:15कर्यशति आप ए अगर्णा चल रहाः रहा था
15:29करत लोग दकी तयारी का दो लोग पुझा की तयारी का तो दूए पनुट
15:39रामु काग, ये ले चाई
15:52हरी ओमागरानांता अगल पतिकुं घवाम हे
16:13रियारांता प्रिपतिकुं घवाम हे
16:16निद्वीनांता निद्पतिकुं घवाम हे बसोम
16:19आहाम ज comment लिद्वा, श्तिनः फ्रिए बतिकुं घवामु मुँषा
16:27रिष्ववे ना घवाम् कर दोद्पतिकुं घवाम Qasim
16:40Kal Kolag опасya, आहामु मुषभा
16:43आहाम जानिद्वें घवामु मैं घवामु मुषभारमा, उम्रें घवामु मुषभा।
16:46जबे नाहा, खस्ती नस्तार्चो, अरिज्ड नेवी शारी।
16:53घर के नोवे आता जोड़ी, अर्ति के लिए खड़े हो जाए।
16:56लिजी, अर्ति करीए।
17:10लिजी, अर्ति के लिए।
17:40अर्ति के लिए।
18:10अर्ति के लिए।
18:40अर्ति के लिए।
18:41अर्ति के लिए।
18:45अर्ति के लिए।
18:46अर्ति के लिए।
18:48अर्ति के लिए।
18:49अर्ति के लिए।
18:53अर्ति के लिए।
19:00अर्ति के लिए।
19:01अर्ति के लिए।
19:02अर्ति के लिए।
19:03अर्ति के लिए।
19:04अर्ति के लिए।
19:06अर्ति के लिए।
19:07अर्ति के लिए।
19:08अर्ति के लिए।
19:09खुश्यूराँ
19:28सिमर, सब को प्रसादको।
19:35सिमर बेटा।
19:38जी, तुमने सबसे आशिर्वाद नहीं लिया
19:42माताजी, मैंने तु सबका आशिर्वाद लिया
19:51नहीं बेटा
19:54तुमने अपने से सभी बड़ों का आशिर्वाद नहीं लिया
19:58एक बड़े का आशिर्वाद लिना रहे गया
20:08तुम्हारी जेठानी, रोली
20:38नेठानी, रोली
21:00जेठानी, रोली
21:02जानी, जानी, तुम्हारी जानी, बाहरा आए
21:07रोली, आओ पिटा, आपनी जठानी रोली के पाउं छुओ, आशिर्वाद लो
21:35आता जी, आप बिल्कुल ठीक कह रही है
21:52दिवरानी को तो अपनी जठानी के भैट छुने ही चाहिए
22:05सिमर
22:10बाता जी सही कह रही
22:19प्रुटन रोली, अबने रोली, आपावाद लोली, आपनी जठानी उचाहिए
22:34इसा ने सकर्व तीना, इसा ने सकर्व तना,
22:42ब्रह्मा धिपधी, प्रह्मा डिपधी, प्रह्मा शिए� अजना तू.
22:54नहीं दीदी
23:03मैं ये नहीं कर सकती
23:14मैं आपके छोटी बैयान हो
23:17आप मेरे पाउं कैसे छोग सकती है
23:24लेकिन रूली
23:34ये तो परंपरा है
23:38अब देवरानी को अपनी जिठानी के पेड़ तो छूने ही पड़ते है
23:43और उस नाते
23:49सिमर को भी तुम्हारे पाउं छूने चाहिए
23:52प्रूली
24:06सब ठीक कह रहे है
24:10मुझे अपने पेड चूने
24:13ये की सिमर
24:27मुझे नहीं लगता के ये कोई बहुत ज़रूरी है
24:44अगर आपको रोली के पाउं छूना ठीक नहीं लग रहा तो
24:53अब तुमने अपनी मर्जी से शादी कर ली वो तो ठीक है
24:58लेकिन परंपरा तो किसी के मर्जी के हिसाब से नहीं होती न
25:07और परंपरा के साथ खिलवार नहीं करना चाहिए
25:10सिमर
25:40माना की परंपरा ये कहती है
26:05कि देवरानी को जेठानी का सम्मान करना चाहिए
26:09लेकिन बड़ी होने के नाते जेठानी ये तो तै कर सकती है न
26:22कि वो किस तरह का सम्मान चाहती है
26:35तो मुझे लगता है
26:37कि मैं अपनी देवरानी को गले लगा कर स्यादा अच्छा मैसोस करूंगे
26:42करूंगे
26:43कर अच्छा मैं मैं मैं वो येषिए
26:53कर दो कि देवरानी को ये वे रीए
27:00लाला लाला ला, लालाणा
27:07हुआ हुआ है
27:37Simar artık sadece bir gelin değil, bir ailenin kalbi, bir evin duası olmuştu.
27:56Her şey yoluna girmiş gibi görünse de, Baradvaj ailesinin üzerindeki fırtınalar asla dinmezdi.
28:02Bir yanda kötülükle savaşan güçlü kadın Simar, diğer yanda kardeşi Rolly vardı.
28:09Rolly artık çocuk değildi. Cesaretiyle, sevgisiyle ablasının yanında bir dağ gibi duruyordu.
28:15Ama kader, iki kardeşi yine sınamaya kararlıydı.
28:19Evlerine karanlık bir güç girer, Patali Devi.
28:23Onun gelişiyle birlikte aile yeniden korku ve acıyla yüzleşir.
28:27Simar ve Rolly, ailesini korumak için birlikte savaşırlar.
28:32Ancak bu savaş, ikisinden birinin fedakarlığıyla son bulacaktır.
28:36Rolly, ablasını ve ailesini kurtarmak için kendi canını ortaya koyar.
28:41Onun ölümü, Baradvaj evinde sessiz bir fırtına yaratır.
28:45Simar'ın kalbi paramparça olur.
28:47Bir kız kardeş değil, bir parçasını kaybetmiştir.
29:17Zaman geçer.
29:23Simar her şeye rağmen ayakta kalır.
29:26Çünkü o, ailesinin duasıdır.
29:29Aşkı Prem'le birlikte çocukları için yaşamayı sürdürür.
29:34Ama artık hiçbir şey eskisi gibi değildir.
29:37Yeni yüzler, yeni düşmanlar gelir.
29:40Ama Simar'ın içindeki ışık hiç sönmez.
29:43Her kötülüğün ardından yeniden doğar.
29:46Her kaybın ardından bir dua eder.
29:50Ve sonunda Simar anlar ki, gerçek aile, kan bağıyla değil, kalple kurulur.
29:56Yıllar sonra Baradvaj evi yeniden huzur bulur.
30:00Rolly'nin hatırası, Simar'ın duasında yaşar.
30:04Simar, hayatının tüm acılarına rağmen, son kez eşi ve çocuklarına bakarken şöyle der.
30:13Bu ev, sevgiden doğdu, her fırtına geçer ama dua kalır.
30:23Ve o an dizi yavaşça son bulur.
30:26Bir gelinin hikayesi olarak başlayan yolculuk, bir aile duasına dönüşür.
30:32Simar'ın adı artık sadece bir kadın değil, bir efsane olur.
30:37Çeviri ve Altyazı M.K.
30:44Çeviri ve Altyazı M.K.
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