Watch Naseeb (1981) full movie in HD quality – a classic Bollywood drama film starring Amitabh Bachchan, Hema Malini, Rishi Kapoor, and Shatrughan Sinha.
Directed by Manmohan Desai, this movie delivers a perfect mix of action, emotion, and drama.
👉 Story: Naseeb tells the story of friendship, betrayal, and destiny. A true Bollywood masterpiece from the golden era of Indian cinema.
⭐ Cast: Amitabh Bachchan, Hema Malini, Rishi Kapoor, Shatrughan Sinha, Reena Roy, Pran
🎬 Director: Manmohan Desai
🎵 Music: Laxmikant–Pyarelal
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#Naseeb #AmitabhBachchan #HemaMalini #RishiKapoor #BollywoodClassic #HindiMovies #DailymotionMovies#Naseeb #Naseeb1981 #NaseebMovie #AmitabhBachchan #HemaMalini #RishiKapoor #ShatrughanSinha #BollywoodClassic #BollywoodMovies #OldHindiMovies #IndianCinema #ClassicBollywood #RetroMovies #ManmohanDesai #LaxmikantPyarelal #BlockbusterBollywood #HindiFullMovie #DailymotionMovies #BollywoodDrama #BollywoodAction #BollywoodHD #BollywoodHit #SuperhitBollywoodMovie #FullHindiMovie #VintageBollywood #Bollywood1980s #ClassicDrama #NaseebFullMovie #BollywoodRomance #AmitabhBachchanMovies #HemaMaliniMovies #BollywoodActionMovie #HindiCinema #BollywoodLovers #BollywoodSongs #RetroBollywood #BollywoodStar #BollywoodCollection #BollywoodBlockbuster #BollywoodSuperhit
Directed by Manmohan Desai, this movie delivers a perfect mix of action, emotion, and drama.
👉 Story: Naseeb tells the story of friendship, betrayal, and destiny. A true Bollywood masterpiece from the golden era of Indian cinema.
⭐ Cast: Amitabh Bachchan, Hema Malini, Rishi Kapoor, Shatrughan Sinha, Reena Roy, Pran
🎬 Director: Manmohan Desai
🎵 Music: Laxmikant–Pyarelal
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Short filmTranscript
00:00अरे तुम उपर थी मैं तुम्हें नीचे ढून रहा था देख लिया महल
00:07क्या हुआ पूजा तुम कुछ परेशान से लग रही हो नहीं दो यह परेशान नहीं है महल को देखे थोड़ी हैरान है रामा रामा
00:19आओ चलो बाहर चलते मैं तुम्हें केपी साब से मिलाता हूं रामा रामा सर आप जियों हजारों साल हर साल के दिन हो पचास हजार
00:34मुझको लंबी उम्र की दुआ न दो जितनी गुजरी ना गवार गुजरी है
00:48ब्रन करण मुझे इस बात की खुशी नहीं कि आज मेरा जनम दिन है वक्षोण बलके इस बात की खूशी है कि मेरे घंभरी जिंदशीद
00:58कब चलो एक और साल कम कम तो हुआ जिंदवि Engagement की कम हो मैं तो कर तो भाइंओ इस मेफिल को मभी इनको लग जाए पर आप
01:08नारा
01:09हुँआ
01:16हुआ
01:21हुआ
01:24हुआ
01:27तो भी ने मेरी जिन्दगी
01:30ख्राब की है
01:34तुम्हारे लिए ही मैंने शराब पी है
01:58तुम्हारे लिए ही मैंने शराब पी है
02:12तुम्हारे लिए ही मैंने शराब पी है
02:28मैंने तो तुमसे प्यार किया चाहत बेयकी दिलदार किया
02:47मैं पागल आशिक बेचारा मुझे हस हस के तुमने मारा
02:56एक आश बता पहले होता वो कर बरबाद न मैं रोता
03:04तुम्हीने मेरी जिंदगी खराब की है
03:15तुम्हारे लिए ही मैंने शराब पी है
03:22तुम्हीने मेरी जिंदगी खराब की है
03:30तुम्हारे जिनकी सहाब के कमरे में सच्वीरे लगी वी है इनकी महरबानियों से सहाब का ये हाल है
03:40किसे क्या बोले क्यों जीता है अपने जखम को जीता हूँ
04:01बुन्या जले है सीने में आए नमजा अब जीने में
04:12किस चाहत काई ना मिला एक पल न कही आरा मिला
04:20तुम्हीन मेरी जिन्दगी हराब की है
04:30तुम्हारे लिए ही मैंने शराब भी है
04:37तुम्हीन मेरी जिन्दगी हराब की है
04:44तुम्हारे एक विए
04:56हाँ
05:01है
05:03तुम्हारे जिए
05:07तुम्हारे व्हाँ
05:09झाल झाल
05:39पूजा पूजा पूजा पूजा पूजाए
06:09पूजा पूजा norma कर बाता पूजाए पूजाए पूजा अठेयरो प्रूजा पगली है इसमें ते रा क्या पूखुल था तू क्यों रो रही है
06:16मैं जानता हूं पूजा कि तुम मुझसे बहुत प्यार करती हो और मेरे से वह कोई तुम्हारे ख्याल में भी नहीं आ सकता है
06:25मैं तो सोच भी नहीं सकता था कि जिस आत्मी को कल तक मैं एक देवता समझता था
06:32वो इतनी किरिवी हरकत कर सकता है
06:35मैं असे कभी माफ नहीं करूँगा
06:38मैं आज ही उसके नौकरी छोड़ दूगा
06:41लोटा दूगा उसके दिवी बंगले और गाड़ी की चाबिया
06:44किसी श्यातान की दिवी सौक हाथ से
06:47किसे इनसान की दिवी खेराथ से अदाच्छी है
06:51कल रात को जो खुछ भी हुआ
06:57मास्टर मुझे इस बात का बहुत अफसूस
06:59समझ में नहीं आता मैं क्या करूँ
07:02एक काम करो
07:04तुम जा कर उससे माफी मागो
07:06माफी?
07:07अगर तुमने उससे माफी मागी
07:10तुसकी नजरों में तुम्हारा कद और उचावा जायागा
07:13लेकिन क्या वो मुझे माफ करेगी?
07:16क्यों नहीं करेगी?
07:18सुर्फ तुमने उससे प्यार नहीं किया था
07:19उसने भी कभी तुमसे प्यार किया था
07:21वो तुम्हारी भावनों को ज़रू समझेगी
07:24कल राज जो कुछ दिशुआ हमें उसके लिए बहुत शाली नहीं
07:46दरसल कल मैं अपने अतीद के उस टूटेवे मंदिर में चला गया था
07:52जहां कभी मैं किसी पूजा की पूजा किया करता था
07:56तुम्हारा अतीद मेरा आज और मैं मुस्तक्बिन दोनों भी गार देगा
08:06तुम एक मेकानिक थे ना एक मेकानिक भीगडी होई को बनाता है पनी को भीगारता नहीं प्लीज
08:16है मेरे खर्यवें तबहर मत कर थे पूजा किस अथीथ की बात कर रहे हो तुम एक प्लेक्य की बिर्सक्ती हूं कर रात के सहां
08:39हम फॉस्ति है तुममारे अंदर आज भी मुझे पानी की हस्रत जिंता है तुम मेरे पती मेरे घरप
08:45ता कि उसकी आड में तुम मुझ तक पहुंच को लेकिन आप में तुम्हारी पहुंच से बहुत दूर हो चुकी हूं मैं
08:51अपनी कल की गलती के लिए पूजा से माफी मागने आया था वाध
09:11माफी भी बहुत खुबसूरत बहाना है दूसरी मुलाकात का
09:16मैंने अपना इस्टीफा और तुम्हारे दिये हुए बंगले और कार की चाबियां तुम्हारे दफ्तर में छोड़ दी है
09:23मुझे उमीद है कि आज के बाद तुम मेरी बीवी की तरफ नहीं देखोगे
09:29दीपक तुम मुझे गलत समझ रहे हो मैंने तुम्हे नौकरी तुमारी डिग्री देख कर दी थी तुमारी बीवी देख कर नहीं
09:35मिस्टर कृष्णप्रसाद इस वक्त मेरे घर में मेरी बीवी के सिवा और कोई नहीं है
09:41जब तुम भीड में सब के सामने उसे किस कर सकते हो तो अकेले में लिपक तुम मुझे अनका रजमन्तों मैंसे मत समझ जो नौकरी और प्रमोशन के लिए अपनी बीवी का गलत इसमाल करके उसरों लाते है मैं जाता हूं तुम बहुत बड़े आद्वी हो लेकिन मेरी आन मेर
10:11तुम मेरे पती मेरे घर पे इसलिए महर्मनत तक उसकी आन में तुम मुझे तक पौट सुको
10:17तुम्हारे अंदर आज मुझे पानी के हद्स्ट जिन्दा है तुम्हें अनका रसमंसों मैं समझ
10:27मुझे खाने काबल नहीं रहेगा समझे
10:30मुझे खाने काबल नहीं रहेगा समझे
10:33मुझे खाने काबल नहीं
11:03युझे खाने करेंगा नहीं रहेगा तुम्हेँ खाने काबल नहीं
11:17रहला करेंगा के इटाजन क待 वह खाने के व।
11:29खुझाल सुरू
11:36कि अबस बस बस याई है आए रामा रामा क्या बात है लाली यह सब क्या है
12:01weeper आप पर ध्यक्याथ है यावियम्यद करत्या है अफने के ने जैसा यह से कहा था मैंने वैशा कर दिया गोच लड़ ऌधया
12:29के चैंबर में घुश कर अपनी तस्वीरे देख रही थी मैं चानक वह पर पहुंच गया मुझे देखते ही उसके चेरे का रंग बदल गया मैं समझ गया कि आपने मेरी जगा दिपक को क्यों दी थी रामा रामा
12:42समझदार हो रामा रामा हजूर मैंने आपका नमक आया है आपकी ये बात मैं भार जाकर किसी से कहने वाला थोड़ा ही हूं मैंने तो पूज़ा जिसे भी कह दिया था कि डरो मत मैंने कुछ नहीं देखा रामा
13:02लाली इस दुनिया में लोग महबत से सिर्फ महबत करते हैं
13:10मगर शायद मैं दुनिया का पहला शक्स हूँ जिसने अपनी पहली महबत से जंग का एलान कर दिया है
13:18मिस्टर बजाई मेरी समझ में यह नहीं आता कि आपको मैं कैसे समझाऊं आपका केस बिल्कुल एक तरफा है इसमें कोई गम नहीं है आपके बेटे को सजा से कोई बचा नहीं सकता
13:33पाबुजी पाबुजी रो मत मेरे बच्चों नसीब यव्विन मांगे कुछ देता है बिना पूछे छीन भी लेता है
14:01क्रिशन प्रसाद ने हमें जो कुछ दिया था वो ब्याज के साथ वुसूर कर लिया अब तुम ही बताओ
14:10कि जिस बच्चे ने चोरी से मां का दू तक नहीं पिया उस पर लाखों के फ्रॉट का इल्जाम लगा दिया गया
14:18बाबुजी आपने कोर्ट में अपिल की?
14:22कहां अपिल करूँ बेटी?
14:25मुझे तो ऐसा लग रहा है
14:26कि ये काहिदे कानून
14:29हम गरीबों को इनसाफ दिलाने के लिए नहीं
14:32बलके अमीरों की सहुरियत के लिए हैं
14:35कोई वकीर मेरा केस लड़ने को तयार ही नहीं है
14:38अरे मैं तो धक है कानून को दुहाई देते देते
14:42आज ही मैं उस टाइकून कृष्ण प्रसाथ से जाके पूछूँगा
14:45कि हमें जलील करने के लिए तुम इतने महरबान होगे जैंपे
14:47केपी साहब मैं आप से अपने बेटे की रहाई की भीक मांगने आया हूँ
14:51कुछ एहसान तो आपने अपनी मर्दी से किये थे
14:53कुछ मैं आपसे मांगने आया हूँ
14:55कृष्ण प्रसाथ मांगने वाले को सिर्फ भीक देता है
14:57मगर तुम उन भीकारियों में से हो
15:00जो सिर्फ दुद्कार के काबिल है
15:01सचाएं क्या है हुदूर ये दो मैं नहीं जानता
15:04मगर मैं ये जरूर जानता हूँ
15:05कि जिसे आपके ऐसा बड़ा आदमी
15:08मुझरिम कह दे उसे बेकुसूर कोई भी थावित नहीं कर सकता
15:11आपके तहर ने मेरी कमर तोड़ दी है हुदूर
15:13मैं आपके सामने हाँ चोड़ता हूँ
15:14मेरे दीपक को छोड़ दीजिए
15:16ये जानते हो भी कि उसने मुझे जलिल किया
15:18मेरी कमपनी में लाख रुपय का कपन किया
15:20कृष्ण प्रसाथ, इज़त और दौलत दोनों को एक साथ गवा कर
15:24खुष रहने वालों में इसका नहीं है, समझाए, रह्म दीजिए मुझे, मैं बहुत थक्वे आँ, मेरे बूढ़े कंदों पे एक बदनामी का बहुत बड़ा बोज आपड़ा है, छोड़ दीजिए मेरे बेटे को
15:40ठीक, मैं तुम्हारे बेटे को छोड़ देता हूँ
15:44तुम अपनी बहु को मेरे पास भेज दो, कृष्ण प्रसाद, कमी देख, ये किसी गरीब की गर्दन नहीं है, एक टाइकून का गिर्यपान है, उड़ा के भार फिक दो इने, कमी देख, पहले मेरे बेटे को फदा दिया, अब मुझे मेरी बहु मांगता है, अब मैं तो त
16:14किलया हुआए हुआ हुआ अदा हुआ आज मुझे पर्दा पर पता चला कि इतने बड़े मेरे में रहने वाला श्ख्स
16:44इतना छो चोटा भी हो सकता है
16:46एरे जिस मौबभगत को तो अपनी मौबभगत के बल से حसिल ना कर सका
16:49उस मौबभगत को अपनी कायरता छल कपड़ से चाता है
16:53आज मुझे पता चला कि तेरे मासूम और भू़े चेरे के पीछे
16:57एक शेटान एक फेड़िया रहता है
16:58तो महबत में मिटा जरूर है
17:02मगर महबत के फलस्फ़े को नहीं समझा तू
17:04बहुत तूंचा फलस्फ़ा है
17:05और मैं यहाँ तेरी शरारतों को रफू करने आया था
17:08तेरी बत्ता मीजों को रफू नहीं कर सकता मैं
17:10मैं जा रहूं
17:11अरे जा
17:11मुझे किसी की जरूत नहीं है
17:14अरे जब मैंने अपने दिल में रहने वालों के जाने का अफसोस नहीं किया
17:20तो घर से जाने वालों की परवा क्या करूंगा
17:23मास्टर
17:24तो सिर्फ बातों की चिंदिया रफू कर सकता है
17:28दिलों के चितरों को नाई
17:31चल जा
17:32कोई जरूत नहीं है मुझे किसी के
17:37बाबुजी
17:54क्या कहा अक्रिशन प्रसाद ने
17:57अरे कहेगा क्या
17:59वो खुद दीपको छुड़ाएगा
18:01आखिर वो भी तो किछी का बेटा है
18:04वो भी तो समझता होगा
18:06कि बेटे पे हुए अन्या है
18:08बाब को किस तरह रुलाते हैं
18:10उन्होंने कहा क्या बाबुजी
18:12कहा ना वो छुड़ाँ देगा
18:15बाबुजी
18:18मेरे चीरे पे खुंगत नहीं है
18:22मैं आपकी आखों में अपमान के आंसु देख रही हूं
18:24कोई ऐसी कड़ी बात आप सुनकर आये हैं जिसे कहते हुए आपकी जबान आपका साथ नहीं दे पारी है
18:29मुझे पताई बाबुजी पती के खम से ज्यादा घंगिन कोई बात नहीं हो सकती जिसे सुनना सके मेरी बात तो सुनों मैं आपकी बात समझ रही हूं बाबुजी
18:38कर यह नहीं समझ पाई कि क्रिश्न प्रसाद में पती को छोड़ना नहीं चाहते हैं आप उसे चुदाना नहीं चाहता कोई बात अपने बेटे की ऐसी रहाई नहीं चाहेगा जिसके रिए उसे अपनी बाव के समान को पड़े
18:48बस बाबुजी मुझे क्रिश्न प्रसाद का संदेशा मिल गया कि प्रिश्न प्रसाद ने आपके पेटे के रिहाई के लिए बहुत की समानत मांगी है ना
19:05नहीं तुम चोंखर के बार अदम नहीं रखोंगी ! मेरा फती जेल में है मैं मर्याता के तारे में खड़ी होकर अपनी पती बैसा चाह
19:16दो नहीं देख सकती मैं
19:23कि
19:27कि
19:31कि
19:32मैं
19:33मैं आ गई हूं के पिसाब मगर यह मत सोचना कि मैं तुम्हारी मर्जी से आई हूं
19:55मुझे यहां मेरी मजबूरी लाई है पती पत्नी के लिए भगवान होता है और मैं अपने पत्नी के लिए कोई भी कुर्वानी देने के लिए द्यार हूं
20:07बोलो उने छोड़ने का क्या लोगे बोलो जवाब दो तुम्हारा इमान धरन तो बिजनस है ना
20:20बोलो क्या उतारो कंगन ये मंगल्सुत्र या फेर ये
20:35बोलो क्या समस्तिफ
20:42तुम क्या समझती हूँ मुझे तुमारे जिसम की जरूरत है तुमारे शरीर की भूग है मुझे
21:12मैंने कभी तुमारे जिसम से नहीं तुमारी आत्मा से प्यार कि लेकिन तुमने तुमने मेरी कदर नहीं की मेरा इंतजार नहीं किया मुझे किसी गुजरे में वक्त के तरह भुलाकर किसी और का हाथ थाम लिया
21:30कि यार हम दोनों ने किया मगर कड़कना सिर्फ मेरे नसीद में आया
21:44कि Muslim तुम्हारा नाता तो उसी दिन टूड़ गया कर चाया जिस दिन तुम्हारी शादी हूए
21:55कि मैं उस दिन तुम्हारे घर कि अपनी महबत का इज़ार करने नहीं गया था ओपने डर अपनी तरप का हिसाब माँए के लिए घ्र पंवे
22:08पार्टी में हूँ इस गल्ती की माफी मागने के लिए गया था जो तुम्हारे जुदाई तुम्हारे सोग में चोट खाये मेरे दिल के हाथों हो गई
22:15लेकिन तुमने मेरे जजबात को नहीं समझा मुझे कोई गीरा हुआ या घटिया अगमी समझ कर थिकार दिया
22:22मैंने तुम्हारे साथ जो भी किया वो बदला लेने के लिए किया बलके तुम्हें इस बात का एहसास दिलाने के लिए किया
22:29कि तुम जो सोच रही हूँ ऐसा नहीं है मेरे मन में कोई घोट कोई पाप नहीं है
22:37महब्बत का दर्द बड़ा जान लेवा होता है पूजा जी मैंने तो तुम्हें मुआफ किया
22:55मगर दुबारा कभी इंसान का जनम मिले तो महब्बत ज़रा सोच समझ कर कीजिएगा
23:02कि तुम्हें मुआफ कर का जनम मुआफ कर कीजिएगा
23:32शिकवा नहीं किसी से किसी से गिला नहीं
23:45शिकवा नहीं किसी से किसी से गिला नहीं
23:52शिकवा नहीं किसी से गिला नहीं
24:07नसीब में नहीं था जो हमको मिला नहीं
24:15नसीब में नहीं था जो हमको मिला नहीं
24:23इसका उप्योग अब अपनी बेटी की शादी में कर लीजेगा
24:35इसका उप्योग अब अपनी बेटी की शादी में कर लीजेगा
24:47तू मिल सकान हमको तसली तो मिल गई
25:00आई बहार शाख पे कली भी खिल गई
25:16अरमा था हमको जिसका वो गुल खिला नहीं
25:27अरमा था हमको जिसका वो गुल खिला नहीं
25:35नसीब में नहीं था जो हमको मिला नहीं
25:42नसीब में नहीं था जो हमको मिला नहीं
25:50कर लो हमको जो हमको जो हमको मिला नहीं
25:54पूमस्वार नहीं
25:56अरमा वो खिला रहन
26:01दो हमको जो हमको पर लगत का वूप
26:10यादों की जिल मिलाती परचाईयों के दिन
26:30यादों की जिल मिलाती परचाईयों के दिन
26:38कटते नहीं है तनहा तनहाईयों के दिन
26:46है चाहतों का दिल कशिक अब सिल चिला नहीं
26:57नसीब में नहीं था जो हमको मिला नहीं
27:12शिकवा नहीं किसी से किसी से गिला नहीं
27:19नसीब में नहीं था जो हमको मिला नहीं
27:34नसीब में नहीं था जो हमको मिला नहीं
27:41नहीं था जो हमको मिला नहीं था जो हमको मिला नहीं
27:56प्योर फ्लावर्स प्योर मैं तीपक बाबू जेल किरी आई बहुत-बहुत मुबारक हो मुझे
28:12मुझे मालूम था कि आप जाड़ा दिन जेल में रहने वाले नहीं है क्यूंकि जिसकी धरम-पतनी इतनी खुबसूरत हो जवान हो उसके लिए
28:22और आपको जेल से रहा करवाए लिया हराम जादे अरे घर्दं क्यों पकड़नी है तो केपिर साप की पकड़ो जिनके बेडरूम के अंदर आज तक आपकी धर्म-पत्नी पूझा देवी की तज्वीर है और वहारोज उसकी बूझा करते हैं
28:47आरती उतारते हैं
28:48जाओ बालक जाओ
28:50रामा रामा
29:18जाओ बालक जाओ
29:48तू मेरी बात को
29:58जड़ा सुन ले घौर से
30:00दीवार उठा चाहे लगा पहरा
30:04तू फान इश्क का
30:06एक बार जो उठा
30:08मेरी जान फिर कभी ना कही ठहरा
30:12चुरा लेंगे हम सब के सामने दिल तेरा
30:16चुरा लेंगे हम सब के सामने दिल तेरा
30:20चुरा लेंगे हम सब के सामने दिल तेरा
30:24तू मेरी बात को
30:30जड़ा सुन ले घौर से
30:32दीवार उठा चाहे लगा पहरा
30:36तू फान इश्क का
30:38एक बार जो उठा
30:40मेरी जान फिल कभी न कहीं ठहरा
30:44चुरा लेंगे हम सब के सामने दिल तेरा
30:48चुरा लेंगे हम सब के सामने दिल तेरा
30:52चुरा लेंगे हम सब के सामने दिल तेरा
30:56चुरा लेंगे हम सब के सामने दिल तेरा
31:18अ
31:22बेटे राच को आँच नहीं
31:25तेरी सच्चाई आखिर अपना रंग नहीं आज
31:30नहीं बाबुजी
31:32मैं अपनी सच्चाई के बूते रहा नहीं हुआ
31:35मेरी रहाई कराने के लिए
31:37आपकी बहुने किमत चुकाई है
31:41तेरी आँखों में आसु मेरी रहाई के हैं
31:56या केपी से ना मिल पाने के दुक्के
31:59दुक्के ही होंगे
32:01क्योंकि तू
32:03क्रेश रप्रसाद से प्यार करती है
32:05ने दीपक
32:06ऐसा कुछ भी नहीं है
32:08यह सब जूट है
32:10पहले मैं भी इस बात को जूट समझता था
32:12लेकिन जब उसके कमरे में मैंने तेरी तस्वीर देखी
32:15तो मैं समझ गया
32:17कि आखिर इतनी आसानी से मैं कैसे जेल से छुटा
32:26भरी पार्टी में उसका तेरा मूझ चुमना
32:28मेरी गैर हादरी में माफी मांगने के बहाने
32:30तुम से मिलने आना
32:31मेरे विरोध करने पर मुझे जेल भीजवाना
32:33ये तुझ से क्रिश्ण प्रसाद का प्यारनी तो और क्या है
32:35मेरे जेल जाने के बाद
32:38तु उससे रोज मिलती जुलती रही
32:40और जब उसका दिल भर गया
32:42तो मुझे रहा करवाके
32:44तेरी नादरों मेरे देतावल ये
32:45नहीं डीपक ऐसा कुछ नहीं है
32:48मेर विश्वास करो
32:49अगर ऐसा कुछ नहीं है
32:50तो फिर मेरे जेल जाने के बाद
32:51तु उससे मिलने क्यो कूई ?
32:52यो मैं ज्यरु जाने के लिए
32:53मुझे ज़ट वाने के लिए
32:54मुझे छुडवाने के लिए बाबु जी थे लेकिम कि लाग कोशिच करने के बाबु जुद्भी कृष्ण प्रसाद तुम्हें छुडवाने को धयान नहीं था तो तुम्हारे कहने से वो कैसे मान क्या
33:03ऐसी कौनसी वज़ा थी कि तुमसे मिलकर उसने मुझ पर लगाएवाई लाकों रुपए का गवर्ण का अलजाम वंपस ले लिया
33:11इसलिए क्योंकि तुम्हें इक दूसरे से प्यार करते हो
33:19कि प्रसाद मेरा कुछ भी बगाड़ नहीं सकता था लेकिन तुमने तो कुछ बाकी नहीं रखा
33:27अगर तुम अपने पती से ज्यादा प्रेमी को ज्यादा अजीज मांती हो तो मैं तुम्हें अजाद करता हूं जाओ क्रिश्ण प्रसाद से शादी कर लो तुम चाहते हैं कि तुम क्या कर रहा अच्छी तरह जानता हूं
33:43तुम कुछ नहीं जानते। जिस बात को तुमने सर उठाकर गेधिया।
33:50वा बात में काहँ मैं भी नहीं सो सकती।
33:54देक्वक… मैं तुम्हारी पंदी हूँ।
34:00मिला विश्वास करो।
34:04तुम जैसा सोचें ऊएसा कुछ भी नहीं है।
34:08मिला विश्यास कर।
34:10अब तु मुझे समझाने की कोश्चिस मत कर दीपक बजाज किसी दूसरे का करमायवा कंबल नहीं ओड़ता और तो वो है जो अपने पती के विश्वास को जिंदा रखने के लिए मर जाए पती की कहर हाजरी में किसी प्रेमी का कॉल पूरा करने वाली और पत्नी नहीं कुल्�
34:40तुम पच्टाओगे इससे पहले कि मैं अपने आप पैसे बाहर हो जाओ दूर हो जाओ दूर हो जाओ मेरी नजरों से किराओ तीपक और उस वक्तक सिता सावित्री होती है जब तक उसका पती राम और सत्यवान होता है जिस दिन ये मर्यादा तूटती है ना आप एक ऐसा �
35:10इसे कोई मर्ज सुल्चा नहीं सकता
35:12मुझे तूहारी गुजरीवी जिन्दगी के बारें पूछने का हक नहीं है लेकिन
35:40तुमने कर्षण को भूला दिया कि मैंने इसलिए भूला दिया क्योंकि मेरी शादी दीपक से हो
35:52गई थी लेकिन तुमने दीपक से शादी कहीं क्यों कि प्यार तो तुम खरती है लेकिन उस प्यार की वज़ेश से कई
36:02जिन्दिया खराब हो रही थी मान समाज सब की का सुरुवार हो गई थी मैं कृष्णा के इंतरजार में मैं इतना जली कि अगर पथर भी मेरी जैका होता वो भी राख बजाता लेकि मैं राख नहीं हुई क्योंकि मुझे उम्मीद थी कि वो एक दिन आएगा पांच साल हो ग�
36:32एक दिन कृष्णा का खत आ गया जिसमें लिखा था मुझे बुला दो तब मेरे इंतजार करने का बहाना भी खतम हो गया फिर लड़की तो होती ही है त्याक का जहर पीने के लिए मुझे खुशी खुशी अपने माँ बाप के फैसले का जहर पीना पड़ा तो क्या तुम्ह
37:02नहीं कि लेकिन पांच साल में मुझे सिर्फ एक होत मिला वह भी मेरे ड़ी ने मुझे दिया था
37:09कि नमस्ते मेरे नाम चबन मास्टर है मैं रफूगर हूँ यहां क्या करने आयो
37:23हुजूर जिनकी सूरत अच्छी नहीं होती मैं उनको आइना नहीं दिखाया करता है मकर आज मैं खुद आपके सामने आइना बनके ख़ड़ा हूँ यह मेरी मजबूरी है
37:31सरकार ने लकणियां काटने और जलाने पर तो पावंदी लगा दी मगर बहुएं आज भी जलाई जाते हैं और उसके जमेदार हो त्याप जिसे दौलत मंद बाप यह अपनी बेटी से ज्यादा अपने अभीमान की सोचते हैं
37:43क्रिश्ण ने आपको दोफ लिकेते ना कि एक अपनी बरबादी का दूसरी अपनी काम्याभी का इश है अपनी बेटी को दिखा कर उसे शादी पे मजबूर तो कर दिया
38:01मगर काम्यावी का खत उसका क्या किया बाड़ कर फेग दिया जलाड़ा ला उसको आपकी इसी जलील हरकत और कूट नीती ने दोनों की जिन्दगी को परवाद करके रख दी जिन्देल साहब हाथ से सिर्फ गरीबों के साथ नहीं हुआ करते कभी कभी गाड़ी की नीचे अमी
38:31तो तुम क्या कहना चाहते हो मजब भीक मंगे को अपनी बेटी सौम देता किरिशना ना आज गरीब है ना उलतिन गरीब था जिस दन आप में अपनी बेटी को दोली में विदा किया था एक आपकी नपरकने वाली निगाह ने पूजा को उसके पती और उसके प्रेमी दोनो
39:01घरमदास मेरी बेटी कहा है कहा है मुझसे पूछते हो तो महानगर टेलिफोन लिगम की डिरेक्ट्री उठाओ और के के पन्ने खोलो के पी ग्रूप इंडस्ट्री के 40-50 नंबर होंगे और कहीं न कहीं अपने आशिक क्रिशन प्रसाद के साथ एंगेज़ होगी तुमारी �
39:31कहा है मेरी बेटी पूजा कहा चिपा रखा है तुमने उसे किष्णा आग और तेल का खेल बड़ा घटिया होता है मेरी बेटी की गिरस्टी बरबाद मत कर
39:40कहीं दिल का मरीज तो नहीं है इसलिए पूछ रहा हूं कि अब जब मैं चिलाओंगा तो कहीं तेरा दम ना निकल जाए कि चला मत यह सवाल मुझे तुस्ते पूछता चाहिए था कि मेरी पूजा कहा है मगर मैंने तुम से पूछा कि तुमने उसके शादी किसी और से क्यों
40:10जा रहेगी तिरे कांदे से तिरा सर नीचे किर जाएगा तब कि क्या समझता हूं कि मैं यहाँ पर बैठा पूझा की जुडाई का सोग मनता हूं मताम ना ना इहां इन अपने पास यहाँ पर पूझा तो क्या उसकी जादों को भी आने की इजासत तक मैं अंदर आता हूं �
40:40का सबब तू है तो तेरे लिए बहुत बुरी बात है अवाले दे कि तखलिया
40:51कि अधाग कि अधाग कि अधाग कि अधाग कि यह क्या हो गया मैंने तो तुम्हारी परवरिश
41:06अधाग कि थी कि सिंदिगी के फैसले नसीब करता है डैड़ी अकि मावापने
41:20आपनी फूलो में मेरी परवरिश की थी में वह में नसीब था
41:27कि आज मैं काल पर आगई हो कि यह बीमें नसीब है चल बीटी चल मेरे साथ है
41:36बेटी का घर माइका नहीं ससुराल होता है और ससुराल के दर्वाजे मेरे लिए बंद हो चुके हैं बंद होगे तो क्या हुआ तेरा बात तो जिन्दा है ना मेरे साथ रहेगी तू मेरे साथ शादी के बाद आपके घर में जो बेटी जाती है ठेड़ी हो बड़ी बद नसी�
42:06आपके सब कुछ से मेरे जिन्दीगी नहीं कटेगी लाड़ी सिन्दीगी तब कटती है जपास में अपना कुछ हो हर मेरा अपना कुछ भी निरहां जो मैंने चाहां हूं मुझे मिला नहीं और जो आपने दिया वो रहा नहीं मेरी डूली पिदा करने के बाद आपका फर्�
42:36वास्ताने रहा और फिर मैं आज के जमानी की पड़ी लिखी लड़की हूँ आप के लिए छोटी हो सकती हूँ दुनिया के लिए नहीं
42:49तीपक मेरा पती है उसके फैसले का सम्मान जखने के लिए मैंने घर चोड़ दिया
42:57कि उसका गुसा थंड़ा होने के बाद मैं उसे फिर समझाओं कि वो फिर भी नमाना तो उसको तलाग मैं खुद दुखें कि मांगूंगी नहीं
43:11मुझे अपनी हाल पे छोड़ दीजिए लेकिन बेटी ये सब कुछ तुम मेरे साथ रहकर भी तो कर सकती हूँ दियाल साथ बच्चे जब तक मावाब की गोस्ते उतरते नहीं है तो चलना सीखते नहीं इने चलना चलके गिरना गिर के समलना समलके फिर चलना इसका मौकत द
43:41ये हख नहीं है आपको इसलिए मुझे तरह कि आप यहां से चली जाएए
43:45आओ रफू मास्टर आओ कहो कही तुम्हारी भी कोई चीज खो गई है क्या मेरी जो चीज खो गई है उसे पाने की मुझे तमना भी नहीं है
44:04क्योंकि जिसकी नजरों से मैं गिर चुका हूँ तो मैंने भी अपने नजरों से गिरा दिया है
44:09बहुत बड़ी है तो कहो यहां आने की तकलीफ कैसे की
44:15पूजा की जिन्दगी में तुम्हारी दोवारा लगलन नाजी ने उसकी जिन्दगी बरबात कर दिये
44:19उसके पती ने उसको घर से निकाल दिया है वो ना मायके के रही हो ना सुस्राल के रही
44:24अरे यार तुम मैं क्या करूँ अपने साथ भी उसने कुछा इसी निभाई नहीं है
44:28जो मुझे उससे हमदर दी हो या मेरी आखों में आसू आ जाए
44:32एक लड़की के हाकेत में जिन्दगी होती कितीनी है
44:35दस साल
44:36उस दस साल में से पांच साल उसने तुमारे थिज torch में गज़ार दी
44:40और उसने जो कुछ भी किया उसकी मर्जी नहीं थी
44:43उसकी मجبूरी थी
44:44पूजा क matt अलग होना ये पूजा के बाप की कूटनी पीखी
44:51उसने तुम्हारी कामी आखित पूजा को नहीं दिया
44:52बलके भाढ़ कर जिला दिया
44:54औन तुम्हारी नखामी की श खत का वासाल दे कर उसे शाधी पे मझबूर किया
44:58किस पे करे यकीं किस से करे गिला मेरे नसीब ने मेरा ये हाल कर दिया
45:10ये भी मैं तुमारे आगे हाथ छोड़ता हूं पुजा की जिन्दगी बवाद दूने से बचा लो
45:16पुजा बेटी
45:25जिस आदमी ने मेरी जग हसाई कराई कुसी आदमी को मुझे पर हसने के लिए बुला कर लाए हो मास्टर ना पुजा बेटी ना तुमबर हसने वालों को अल्ला करे क्यामत तक में उसकर आठ नसीब नहों बेटी मैं मानता हूं कि आंधिया घरुन्दों की तिनकों को बिखेर
45:55किसी की आगे अपना दुखणा नहीं रोना है किसी की पत्मी बनने के बाद तुम मेरे कांधे पे सर रख के रो यह मुझे भी अच्छा नहीं लगए पूजा मैं आपर तुम्हारे आसु पोशने के लिए नहीं अपनी गलतियों का प्राइस चीत करने के लिए आया हूं
46:08को दरसल मैं अपने दिल के किसी कोने में महसूस करता हूं कि मेरा तुम्हें अपने घर बुलाना ठीक नहीं हुआ जब कि मेरा तुम्हें बुलाना गलत नहीं था हमारी गरहर सी को गलत फैमी की आग लग चुकि है क्रिश्नप्रसाण और आग बड़ी पेर रह्म होती है ल�
46:38कोई हम रहें ना रहें हम पे मत रोना कोई पुजा हमारे साता पुजा
47:08रुख जो दिपक मेरे शक और यकीन को और मजबूत करने आए हो अब मुझे कोई गलत फैमी नहीं रही तेरे हाथों मैं इसका हाथ एक जिन्दा सबूत है
47:31दिपक मेरे बाबुजी समझते थे कि घर में लक्षमी आएगी तो सब कुछ अपने आप आ जाएगा वगर सब को चुल्टा हो गया घर की मान मर्यादा सब को चुल्ट कया तुहारा कुछ भी नहीं किया दम तोड़ती हुए चिंगारी को हवा मत दो जो कुछ बचा है वो भी
48:01नौकरी देने के साथ साथ गाड़ी और बंगला तुने इसकी वज़े से दिया था क्या यह सच नहीं है कि तेरी लाग कोशिश करने के बावजुद जब तो उससे खुल कर नहीं मिल सका तो तुने मुझ पर जूटा इल्जाम लगा कर मुझे जिल बिजवा दिया अगर इत
48:31तु खुश नसीब था इसे अंचाहिप पा गया मैं कम नसीब था चाह कर भी पाना सकता हजारों हाथ आस्मान की तरफ उटते हैं मगर दुआएं सब की कबूल नहीं होती तुम्हारे नसीब में इस ते शादी लिखी थी और मेरे नसीब में इसका अधूरा प्यार
48:52अ यह तेरा धूरा प्यार मेरे शाधी पर भारी है यह अब भी तंवनसर तेरी है यह अध हमेरे घर में थी तू इसके दिल में था ठीपाक केख्शा 0
49:09मुझा कर इसे मर्द मिल गया तो मुझे बीवी मिल जाएगी मेरे घर में कुल्टाओं के लिए कोई जगा नहीं है तो मुझे हर यूग में सीता अगनी परिक्षा नहीं देगी मगर राम हर यूग मैं चाहेगा कि सीता के वजूत पर किसी रावन की परचाई ना पड़े किस �
49:39में तुमारी नहीं थी जब में तुमारी हो गई तो क्षणाको भूला दिया मैने तुन्हें के हां लड़ Typically ब्यार करती है कि मैने भी किया हैतलिक ही मैंनी की अगर तुम दोने अपनी जगा सई हो है तो मैं भी गलत नहीं हूँ मुझे भी अपनी दीने के जीने का पूरा हक
50:09मैं ऐसे धोराई पर लाके खड़ा कर दिया कि समझ में नहीं हाथ कि में शुरुवात क्या थी और मेरा आंथ क्या है तेरी शुरुवात तेरा ये आशिक है और तेरा आंथ तू खुद है मेरे साथ बंधे रिष्टे की डोर तूट कई है अब तु मेरे पीछे भी चलेगी त�
50:39में दर देखें मैं कृष्ण प्रसाद कहने को तुम्हरा मालिक भगवान के घर में खड़ा होने के बावजूद तुम्हारे सामने घुटने देखता हूं
50:50जो मैं तुमसे मांगने जा रहा हूं वो मैं भगवान से भी मांग सकता था मगर मुझे मालूम है कि ये मुझे नहीं देगा
50:59क्योंकि इसने आज तक मुझे कुछ नहीं दिया सिर्फ चिंता आ रहा है देखो दिपाक मैं पागल हो सकता हूँ क्योंकि मैंने प्यार किया मगर तुमने तो शादी की है तुम्हें पूजा से ये बेरुखी शोभा नहीं देती मेरे गुनाहों की इतनी बड़ी सदा पूजा
51:29तो रोक ले राते तु गुजारे और पती का नाम मैं दूँ मुझा अपर तुम उससे कहता है
51:59कि मैं एसके दिल में रहता हूं कहां है वह इसका ति जिसमें मैं रहता हूं अरे यह पकी efect हिंद्स आनि है यहार है
52:09मैं इसके लिए कुछ भी कर सकता हम कुछ भी का मतलब समझता है कुछ भी इस देखता है यह अखस्यंती है
52:17बहुत सालिम है अच्छा बुदा कुछ भी नहीं दिखती मैं इससे ज़्यादा सालिम हूँ अगर यह मुझसे प्यार करती तो चुप-चुप की थोड़ी मिलती एक रात में तुझे और तेरे घरवालों को लाट मारकत के भी गुपफ इंडर्स्टीस की माल के मंजाती क्या क
52:47नां जä गडर प्यूक्त चैसे संन्सकार कघर बाबाजी का गंट सब से व्रगारा कि तो उन्हां को इसके पाप ने मेरे इसके शादी नीं बाप हूं को यहद भाइने
52:59कि इसके बाप ने मेरी इसके साथ शादी नहीं होने दी क्योंकि मैं नौकर था कहा कि मैं अपनी बराबरी वाले से शादी करवाऊंगा क्या मेरे नौकर से शादी करती फुट्टे ने
53:10आज पैसे और शौरत के मामले में मैं इसके बाप का भी बाप हूँ च्या कर लिया मैं रहा ये सुर्खी जो इसके मांग में सिंदूर बना के सजाना चाहता था आज भी मेरे माते पर मेरे नसीब की तरह सिंटी हुई और तु कहता कि यह मुझसे प्यार करती है यह सिर्फ त�
53:40कुल तो इसवास कर ताहे कि में क्रिश्ना तो कि करता है कि करता है कि करता है कि पर दूनिया सच्छाए का सभूर मांती है है है कर सच्छाही साबीत करने के लिए
54:10और कोई रास्ता नहीं था मेरा तीपक मैंने बूजा को घर बुलाया था मगर वो मेरी हवस नहीं थी मेरा अहंकार था
54:26तुम मुझे बुरा कह सकते हो मगर किरा हुआ नहीं किरिश्णा नाम है मेरा काला मगर तुम तो दिपक हो अपनी रोश्णी में पूजा की पवित्रता को देख सकते हो
54:46निपक मर्यादा ही राम का दूसरा नाम है अपनी हद से ना गुजरे कोई इश्क में जिसे जो मिलता है नसीब से मिलता है
55:07कि इस ना
55:16शिकवा नहीं किसी से किसी से गिला नहीं
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