00:00हरे कृष्ण दोस्तों, मेरा एक ही लक्ष्य है, श्रीमत भगवग गीता के साथ 100 श्लोकों को हर दिल तक पहुचाना, अगर यह ज्यान आपको छू जाएं, तो इसे साजा कीजिए और जुडिए मेरे साथ इस मिशन में,
00:13विशन भागवग गीता श्लोक दिवस 48, अध्याय दोक श्लोक 2.1, तन तथा करिपयाविष्ट मश्रुपूर्णा कुलेक्षणम, विशीदन तमिदा वाक्यमुवाच मधुसूदन, भावार्त, संजय ने कहा, उस समय अर्जुन करुणा से अभिभूत थे, उनकी आखें आ
00:43जब अर्जुन मोह और गया से भर उठे, उनकी आखों में आसू थे, मन में गहरा शोक था, ऐसी स्थिती में भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें संबोधत किया, और यहीं से आरंभ होती है श्रीमत भगवत दीता की असली शिक्षान, अब श्रीकृष्ण मार्ग दर्शन
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