00:00दिपाउली के इन 4-5 दिनों में हमारे स्राथ पक्ष के दीन चलते हैं और दिपाउली के दीन हमारे स्राथ की पुनावती होती है इस दिर हम सभी बुजर समाज खटा होकर बेंड बाजे से नदी पर जाते हैं नदी पर जाने के बाद हम वहाँ पर पित्रों के नाम से हवन कर
00:30ब्राह्मन को ब्राह्मन देवनान भगवान को मार नहीं सके।
00:43लेकिन हमारे पुर्वजों के टाइम से यह परमपरा चली आ रही है कि जब तक हम नदी पर जाकर हवन और वेल पुजन नहीं करते हैं तब तब किसी भी भ्राह्मन का मुह नहीं देखते हैं।
00:55वेल पुजन और हवन करने के बाद हम बेंड वाजे से वापस स्री देवनार मंदिर पर आते हैं।
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