00:00दिपावली की दीवशिखा बुस्ते ही अब देवगर की गलियों में छट की छटा फैलने लगी है
00:05शरधा का यह महापर्विस समीप है परंतु इसके साथ ही नगर निगम की विवस्था का चहरा भी आएने में जांकता दिख रहा है
00:13कई तलाबों की सतह पर सरधा की छाया तैर रही है तो कहीं गंदगी की परतें अब भी प्रशाशनिक उदासिंता का दरपन बन कर लहर मार रही है
00:23छट पुजा को देखते हुए नगर निगम और जीला प्रशाशन ने दावा तो किया है कि सफाई हमारी सर्मोच प्रात्मिकता है पर जमीनी हकीकत कुछ और बया कर रही है
00:34नगर छेतर के कड़ी 15 से 20 तलाबों में परती दिन सफाई कर्मी तैनात हैं परन्तु अथक प्रयासों के बाबजूद भी कई घाटों की दशा सुधरने का नाम नहीं ले रही
00:44शिवगंगा तलाब जो देवघर का सरवाधिक पवित्र और एतिहासिक जलाश्रे माना जाता है
00:50वहां सफाई का दाइत्य निभारे ठेकेदार ने बताया कि हम रोजाना सफाई करते हैं
00:56परंतु शरधालू, पूजा, सामगरी और धार्मिक अवशेशों का तलाब में विसरजन कर देते हैं
01:02जिससे तलाब पुनह गंदा हो जाता है
01:04उनका कहना था कि यदि लोगों की थोड़ी और सजकता आए तो शिवगंगा पुनह दरपन सा निर्मल दिखेगा
01:12इन सब के बीच नगर निगम का हालिया विवाद भी चर्चा में है
01:16बताया जा रहा है कि पिछले सब्ता तक सफाई कर्मियों ने बकाया वेतन को लेकर कारिय वहिशकार किया था
01:23जिसके चलते पूरे नगर निगम सेत्र में कक्चरा धेर का दिर्ष्रे बन गया है
01:27हला कि नगर आयक्त रोहिश सिन्हा की पहल पर वारता हुई और सफाई कर्म में पुना काम पर लौटाया है
01:33नगर आयक्त ने कहा कि छट के पर्व के दौरान सफाई ववस्ता में कोई बरदास्त नहीं की जाएगी
01:3823 वार्ट जमादार 215 सफाई मित्र 24 रोड कूली मित्र 3 जेसीवी और 14 ट्रेक्टर सहीद सभी संसादन कूरी तरह से इत्ताइना पर दिये गया है
01:49पानी का ट्रेक्टर दोबारा निगम के दोबारा कुछ उठाया गया है
01:57लेकिन आप लोग जो अपने अस्तर से भी
02:03अच्छाओ से कर रहे हैं लोग इसमें कोई दिक्रन नहीं है आज अज उदर पानी में भी शाच रहे हैं
02:12जिटी भी साफ कर रहे हैं इससे चट पुझाब से कब तक पहले साफ हो जागा किस तरह सोगा इतरह बताएं
02:18सब्सक्राइब करने का हम लोग पुरा प्रियास करते हैं हर दिन हर संभब रखने का कोसिस रखते हैं
02:44जितना प्रियास है हम लोग पुरा प्रियास में लगे हैं जितना बेश्रे बेश्रे बेश्राइब करके हम लोग दे सके हैं
03:12गौर तलब है कि छट महापर्वी निकट है वरती अपनी आस्था के संकल्प में डूबे हैं घाटों पर बास और बल्लिया सजनी सुरू हो गई है और बच्चों की आवाज में सूरज को अर्ग देने की गुंज सुनाई दे रही है
03:24क्योंकि छट का या महापर्व के बल्ब पूजा नहीं बल्ब की पवित्रता का प्रति रूप है
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