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00:00ओ हर जाही तामन में क्यों आगे लगाई मधानिया
00:11शादी के बाद वारत के लिए उसके सारे काइनात उसका शोहर ही बन जाता है
00:27अब पता है शादी के शुरु शुरु के दिनों में शोहर के मूँ से नित्री हुए एक एक बात है सरता जैसे आसमान से कोई फर्मान उतरा है
00:35लेकिन शादे के कुछ हरसे के बाद वोही बाते वोही फर्मान खुश्यों मेरे रुकावट पढ़ने लगते हैं
00:47क्या कर रही है मलका बेटा
00:51अमी मैं अपनी सारी किताबें और डायरीज लेके जा रही हूँ
00:55खल मेरे इतना दिल चाहता लिखने को और को डायरी नहीं थी मेरे पास
00:59पेताब ये लिखना विखना छोड़ो शादी हो गई है तुम्हारी
01:03अपनी शादी शुदा जिन्दगी पर तबज्ज़त हो
01:05वो तुम्हें दे रही हूँ मैं और रजा को मेरा लिखना अच्छा लगता है
01:12और जबता हुने मेरी कहानिया बहुत पसंद है
01:15अब मुझे नहीं लगता कि वो मुझे कभी लिखने से मना करेंगे
01:19जाते वे मुझे याद करवा दे ना
01:21तुम्हारे अबबा की घड़ी विकाली थी
01:24पॉलिश और सर्विस करवा दिया
01:26क्योँ?
01:28यह रजा को दूंगी
01:29हाँ ऐसे है तो वो बड़े संभालो
01:33तो मैं तो संभाल के रखावा ना?
01:37ऐसा वैसा
01:38मैं आपको बता नहीं सकती हूँ कि मेरे मामने में कितने पुझेसे वैर
01:43क्योँ?
01:46तस ऐसे ही है
01:47उनका बस चाहिए तो साथ पर्दो में छुपा कर रखी हूं मुझे
01:50और तुम्हें उनकी यादत अच्छी लग रही है
01:55हाँ
01:56मुझे तो अच्छा रिखता है उनका मेरा ख्याल लखना
01:59देखो मलका बिटा
02:05मर्ट के इस रविये से औरत बहुत जल्दी बेजार हो जाती है
02:11हमी मैं नहीं होंगी
02:13मैं तो इस प्यार को तरसी हुई थी
02:16अल्ला करे ऐसे ही हूँ
02:19मेरी तो दुआ है कि तुम हमेशा खुश और मुत्मेन रहु हामेन
02:25डरेली
02:37डरना कैसा
02:39जो होना तो हो तो हो गया
02:41क्या हो गया
02:43कुछ नहीं
02:44तुम बताओ
02:46कैसी गुज़रिये तुमारी और अज़ाबाई की
02:49मेरी और अज़ा की
02:50बहुआर अच्छी
02:52बहुत प्यार करते हूं मत से
02:54मेरे अतना ख्याल लगते हैं
02:56किसी चीज की कमी महसूस नहीं होने देते है
02:58लिख रही है या भी भी
03:01लिखना चोड़ दिया
03:02क्यों चोड़ना है लिखना
03:03अज़ा को तो मेरी लिखाई इतनी पसंद है
03:06तारीफ करते हैं मेरी लिखाई की
03:07जिर्फ लिखाई की तारीफ करते हैं किरिख दुम्हारे भी
03:11इस अब आदा है
03:12मेरी भी करते है
03:13अच्छ? तुम्हारी याद है मेरा दोस्त? उसके पास हम गए तो तुम्हारी काली लेकर.
03:20हाँ हाँ इससे हमें बेट करायादा, कैसे ढू़ सकती हो उसे मैं? क्या होसे?
03:24अब वो हमें बेट नहीं करायाएगा, तुम्हारी कहानी पक्का छापेगा.
03:28सची?
03:28तो मुझे अपनी कहानी देदे ना मुझे देदुआ
03:31मैं लियाओंगी
03:32नहीं
03:35मैं पहले रजा से पूछूँगी तो फिर
03:40ठीक अबर
03:42पूछ ले रजा भाई सा
03:45कोई बात या नहीं
03:57नहीं कोई बात नहीं
04:03हम तो खुछ रहा करो
04:06पहले जैसे अनी बन जाओ
04:09वो अनी जो मुझे तंग करता था
04:11हसी बजाग करता था
04:13तो कोई वैसा नहीं
04:14वक्त
04:18गुजर चुका है वो
04:20मैं वैसा नहीं रहाओ
04:22हाँ यह सचे गुजरवा वद कभी वापिस से आता लेकिन
04:28जो वद्ध हमारे पास है
04:31हम उसे तो खुशियों से भर सकते हैं ना
04:33नहीं
04:36दुनिया पहली बहुत दुखी है
04:39दिखती भी अच्छा और बोलती भी अच्छा
04:49पुरी कोशिश करमा खोश नहीं
04:51पका
04:53एक दोस्त की खाथिर इत्ता तो कर सकते हैं
04:59तो
05:01थैंक यू
05:03अलिकम
05:05उसकी आंकें जब मुझे देखती हैं तो मुझे लगता है
05:23कि मैं किसी महफूज हिसार में हूँ
05:27मुझे अपना आप महफूज लगने लगता है
05:31मैं चाहती हूँ मैं उनकी तमाम ख्वाइशों को अपनी गरिफ्त में कर लो
05:37क्या तुम वाकई चाहते हो कि मेरी सारी ख्वाइशों को अपनी ख्वाइशे बना लो
05:47आप अपनी ख्वाइशे बता है
05:51मैं उनकी पूरा करोगी
05:53सोच लो
05:55मेरी ख्वाइशों की लिस्ट बहुत लंबी हो सकती है
05:59हिसरात से भी जादे लंबी है क्या
06:02मैं चाहता हूँ कि तुम सुनो तो सिर्फ मुझे
06:14बोलो तो सिर्फ मेरा जिक्र
06:18तुम देखो तो सिर्फ मुझे
06:22सोचो तो सिर्फ मुझे
06:24जानो तो सिर्फ मुझे
06:26तुम्हारा कल्म लिखे मेरी कहानी, मेरा नाम, मेरा जिक्र
06:34मुझे लोगों की कहानिया लिखना पसंद है
06:46मुझे से ज़्यादा पसंद है
06:50तो बस तुम मुझे अपनी कहानी में रख लो
06:59तुम्हारी कहानी में हर जगा में नजर आना चाहिए
07:20हीरो लड़की के साथ रात के पहर छट पर बैठा है
07:25उसी वक्त हीरो लड़की से कहता है
07:28तुम मेरे लिए क्या कर सकती हो
07:31लड़की कहती है वो जो तुम सोच भी नहीं सकते
07:35हीरो कहता है अच्छा
07:38मेरे खायल में ये दिन का वक्त है सूरज निकल रहा है
07:42रड़की कहती है बेल्कुल दिन की रौश्णी में हम दोनों बैठे
07:47हीरो चांद की तरफ इशारा करके कहता है वो सूरज है
07:52रड़की कहती है हाँ ये सूरज है मेरे महभूग का बनाया हुआ सूरज
07:58क्या ये क्या है
08:03ये कहानी है और क्या है
08:05यह कहानी तो नहीं है, वो तो उसे अपना घुलाम बना रहा है
08:08महबबत में कोई किसी को घुलाम नहीं बनाता नहीं
08:13महबबत में तो बस महबूब से अकीदत होती है
08:17इसलिए महबूब का हुक्म हुक्मे आखिर समझा जाता है
08:21क्या समझाए
08:23यह क्या बक्वास महबबत है
08:25मैं तो कभी ना करूँ ऐसी महबबत
08:27हुक में आगर
08:30बलके अगर मेरी बीवी
08:35दिन को रात बोलेगी तो मैं तो उसको बताऊँगा के दिन है
08:38तुम्हें महबबत नहीं होई न
08:42जब कोई तुम्हारा महभूब होगा
08:45तुम्हें फिर तुम्हें से पूछूँगे
08:46फिर पता चलेगा
08:48तुम्हारा होग
08:51तुम्हें आखिर
08:59शाहूद
09:04आपने कुछ नोट किया
09:07क्या नोट किया
09:10शादी के बाद रजा में काफी चेंजिस आ गए
09:13हाँ तो अच्छा है ना
09:16क्यों तुम खुश नहीं हो गया
09:17मैं तुम बहुत खुश
09:18अगर मुझे पता होता ना कि शादी के बाद रजा ने इतना बदिल जाना है
09:22तुम्हें बहुत पहले ही शादी करा देते हैं
09:25यह भी ठीट तो हो शुरू से था
09:28बस ओपनिक चीजों को लेकर इतना पुशेसर हो जाता है
09:31वागर रहा भी तो इतने साल अकेला है
09:36हाँ
09:39मैं भी ही सोच के चुप हो जाती थी
09:41कभी कभी मुझे लगता है कि उसको बोर्डिंग स्कूल नहीं भेजना चाहिए था
09:47लेकिन आपने उसके भले के लिए भेजा था ना
09:53हाँ भेजा तो था अब अमा की देद कभा मुझे लगा कि वोर्डिंग स्कूल में सही रहे जाए जाए
10:00लेकिन अपनी चीजों को लेकर इतना पुशेसर हो जाता है मुझे तो डरसा लगता है
10:05लगता है I swear
10:06उसकी चीजों की वज़ए से मलाजिम तो क्या मैं उसके कमर मेरे जाती था
10:10नहीं वो देखना काफी उसकंद बाजिटिव चेंज आएगा खुशोगा
10:15किटने सोने सोने सबने सबने
10:35कितने सोने सपने मन ही मन में लेके अपने
10:51तिरे संग चल दी मैं सोची इक पल न मैं
11:01मैं दिल तरह हो गया सहनाई
11:07कुम कब उठी?
11:23मैं तो सुबह से उठके हूँ
11:25आपकी सारी शेट्स प्रेस कर दी मैंने
11:27शूज भी पॉलिश कर दी हैं
11:29और आपकी किसी भी चीज़ को मैंने
11:31किसी को हाथ नहीं लगाने दिया
11:33सारे काम खुद की हैं
11:35सारे काम खुद की हैं
11:37हमेशा एंसी रहना मलिक
11:42कभी मुझे सो दोर पार ला
11:45सुबह सुबह कैसी बाते कर रहे हैं
11:47लेकियो आपसे दूर चाहरे लगी
11:49चले
11:51हैश्टा तयार है
11:53पर कि फ्रेशनत हो जाए
11:55कह
11:57कुछ आईए
11:59हम
12:01आजाएगा
12:03गेती चाय बन गई?
12:07जी जी भाबी
12:09बस तयार है दाल रही हूँ
12:11मलिका से बात हुई
12:13कैसी हूँ?
12:15जी बात हुई
12:17अला का शुकर है बता रही थी बहुत खोश है
12:19चाह
12:21भाबी
12:23एक बात करनी थी आपसे
12:25मलिका ने
12:27बात की थी मुझ से
12:29वो बात मेरे दमाग में फसके रह गई है
12:33लाग कोशिश के बावजूद नहीं निकाल पा रही
12:35वो तो मैं जानती हूँ
12:37कोई बात ना भी हो तो तुम बढ़ा लेती हो
12:39अब बील करके गोड़े दोड़ा के
12:41अब ये बताओ के बात क्या है
12:43बस बात ही कुछ ऐसी है
12:45मुलका कह रही थी
12:49रजा है तो बहुत अच्छे
12:51लेकिन बहुत पजैसे में उसके मामने में
12:53और ये बात उसे अच्छी भी लगती है
12:55तो इसमे परिशानी की क्या बात है
12:57परिशानी की तो बात है भावी
12:59तो इसमें परिशानी की क्या बाद है?
13:02परिशानी की तो बात है भावी
13:03आप तो जानती है
13:05मुखबत में
13:07शदीद मल्कियत का एसास
13:09शुरू शुरू में तो बात अच्छा लगता है
13:12लेकिन आगे चलके घुटन होने लगती है
13:15तो तुम कह रही हो कि उसे अच्छा लगता है
13:18तो फिर?
13:20मापी तो अच्छा लग रहा है
13:22लेकिन आगे चलके घुटन होने लगी
13:24तब हम क्या करेंगे?
13:27कुछ नहीं होता
13:28अच्छा भी चाय के साथ ना
13:30बिस्केट पिले ना
13:32तुमारे भाई का दिल कर रहा है
13:34जी जी बिस्केट मेंने रखे हैं टेबल
13:36मेरी कहानियों में कई किर्दार आये और चले गए
13:55बगए मेरी जिंदगी में आने वाला किर्दार चाहता है
13:59कि मैं सिर्फ उस पर लिखू
14:01सोचू तो उसको
14:04मैं बोलो तो उसका जिक्र
14:07मैं सुनो तुस्फ उसकी बाते
14:12मैं अपने लिखनी का दाइरा सर्व उसके गिद खिंच लो
14:16क्योंकि ये उसको अच्छा लगता है
14:20और उससे ज़्यादा मुझे अच्छा लग रहा है
14:25मुझे कहानिया लिखना बहुत पसको है
14:31बलके था
14:33क्योंकि आज से
14:35मैं अपनी सोच का
14:37अपनी कहानियों का दाइरा
14:39रजा के जिन्दगी के गिद खिछने जा रहे है
14:42जहां बात होगी तो सिर्फ रजा की
14:46जहां सोच होगी तो सिर्फ रजा की
14:49आज से ये कल्म रजा का गुलाम है
14:53वो मेरी कहाने की अब्ददा
14:56और वो ही मेरी कहानी का आखिर होगा
15:12आखिर वालेकुम भावी, वालेको सलाम
15:15कहीं जारे हैं?
15:17हाँ, शॉपिंग पर
15:19अचा, तुम बिस्यों?
15:22मैं कुछ भी नहीं करें
15:23चलना मेरे साथ
15:25तो रजा को कॉन के पूछ रहा हूँ
15:27रजा से पूछने की क्या जूर्वरत है, मेरे साथ जा रहे है
15:30और वैसे भी हम रजा के आने से पहले आज़े लें
15:32फिर भी पूछ लेते तो अच्छा कहा
15:34भाबी, ये शर्ट कैसी है?
15:55अच्छी है
15:56वागे किस के लिए ले रही हो?
15:58रजा के लिए और किस के लिए?
16:01ले जाओ लेकिन वो पहनेगा नहीं
16:03वो क्यो?
16:04उसकी शुरू से आदत
16:05वो अपनी हर चीज खुद पसंद करता है
16:08उसको देख लो
16:10मुझे लगता है मैं लोगी तो ज़रूर पहनेगा
16:14देख लीजेगा
16:15कुशिश के लिएकिन
16:17हर लड़की जब
16:47अपने जोबन को पहुँचती है
16:49तो उसके कुछ अर्मान होते हैं
16:52कुछ खाव होते हैं
16:54कुछ अपनी आहमियत का एहसास होता है
16:58फिर एक अजनभी
17:02अभी अभी नया नया
17:04उसके जिंदगी में
17:05शोहर के रुद्बे पर फायज हुआ हो
17:07आके उसके अर्मानों को तोड़ दे
17:11तो फिर दिल पे क्या घुज़रती है
17:14ये सिर्फ दिली जानता है
17:17मेरी जिंदगी का एक इमतिहान था
17:23उन टूटे वे अर्मानों को समेटना
17:27उन्हें जोडना
17:29और
17:32वो मुझे
17:35खुद अकेले ही करना था
17:38वहा मलका
17:46आते जादो के दिए रिज़ा पे
17:48पहले देर से आता था जल्दी आने ने
17:50चल
17:53मलका
17:57रे रिज़ा आज जल्दी आगए
18:01कहा दे तो
18:02में लेके गई थी
18:05आपको किस ने का कि मेरी बीवी को मेरी इजाज़त के बगाइर
18:07गर के बार लेके जाएं, हाँ?
18:11ठीक है?
18:12आइंदा से नहीं लेके जाओंगी तुम्हारी बीवी को तुम्हारी अजासत के बगार?
18:16घर बठा के रखो, डेकोरेशन पीस बना के.
18:18हाँ, रखोंगा, डेकोरेशन पीस बना के, किसी की मश्वर रहने चाहिए मुझे.
18:22हाँ, क्यों गहीं मेरे इजाज़ के बगार गर के बार?
18:27बच्ची ओ, समझ नहीं आती, कितनी कॉलें की तुम्हें?
18:31बाबी नो अच्छा तुम्हें ने का, ठीक है, फोन उपर रहे हैं.
18:39शादी की दूसरी गलती.
18:45खेर, दूसरी गलती भी माफ़ तुम्हें.
18:52सारी.
19:02मैं परिशान हों गया था, यार, मैं डर गया था, के रहे नहीं जगा है, तुम कहीं खोना जाओ.
19:11है कर गहीं खो जाओंगी, ता वोजे ठोड़नी वाएंगे.
19:18मैं तुम्हें खोना दूंगा ही नहीं.
19:22आप शाकर साथ उतने उगुसे वाली नहीं लगते हैं.
19:30आज मैं आपका गुसा देखे डेवी जी हैं.
19:36आपी ने गलती किया है, और उय वोसा हाग है, साँप्सॉए.
19:41और अगर मैं ने गलती किया होती तो?
19:43तुम्हें भी तो गलती किया है, मौबाइल ना ले जाके.
19:52जल्दी में निकल गहना हो, उन्हें यहाँ बार पूछा मुझे, उन्हें भूल कि मी पाएला.
19:57आइंदा मत करना, प्रीज.
20:00तुमसे दूरी मुझे कम्जूर कर देती.
20:03मेहम होता है, डर जाता हूँ.
20:11इतने बादू रहां, क्यों डर जाते हैं?
20:16इंक दी चीजों पर अक्सर तार कर लोगों की नजर होते हुँ.
20:20कब मेरा सबसे केमती असास हो.
20:26हर आप मेरी, सबसे केमती.
20:34सुने, भापे नाराज होगी है, मले उन्हें अच्छा भी लगता है.
20:41काम के बाद.
20:42क्या मतला आफिस वापस जारी है?
20:44मैर आफिस टाइम में निकल आफिस वापस जाओंगा.
20:48क्या.
20:52अच्छा मले का यालिया, नहीं जाता.
20:55हम कहीं बाहर जलते हैं, और वापसी प्रतवारी अमी से में लिए है.
20:58पुका?
20:59पहले, भावी को में आलूँ.
21:02मैं कपड़ा बाद.
21:04अच्छा सुने, मैं आपके लिए कुछ लाएंगे.
21:07इसमें आपकी शर्ट है, बेखले ना.
21:10और ये बैगों पर लखे, मैं भावी से लिया थे.
21:13मैं ये पहला पाओ.
21:14ओके हैं.
21:16बाजी, सल्मा मुझे कुछ नहीं चाहिए, जाओ यहां से.
21:29जाओ.
21:32जी.
21:33मलिका, तुम जाओ यहां से सब मेरा बहुत बूड़ा ख़र है.
21:50भावी, मैं रजा के तरफ से आपसे सॉरी करने आई हूँ.
21:55उन्हें आपसे ऐसे बात नहीं करने चाहिए थी.
21:57कोई ज़रूरत नहीं उसकी तरफ से सॉरी करने की.
21:59वो शूरू से ही ऐसा है.
22:01आपी, वो सच्वे में बहुत शर्मिंदा है.
22:03मुझे खुद नहीं आपके पास.
22:04वो शर्मिंदा नहीं होता, मलका.
22:09मैं उसे तुम से बहुत पहले से जानती हूँ.
22:11उसे लगता है कि सिर्फ वो ही ठीक है, हम गलत है.
22:13ऐसा नहीं होता है.
22:15इस तफ़ आप मेरी वज़र से माफ करते हैं.
22:23पता है, गलती ही मेरी थी.
22:26मुझे मोबाइल साथ लेके जाना चाहिए था.
22:28अगर इसी तरह हर काम में अपनी घलती मानती रहोगे, मलका.
22:35तो सिंदगी बहुत मिश्कल हो जाएगे.
22:38इस सफ़ा मेरी वज़र से माफ करते हैं.
22:50प्लीज, जानते हैं.
22:56जानते हैं.
23:00जानते हैं.
23:02जानते हैं.
23:04जानते हैं.
23:06लेकिन तुम उसकी बीरी हो.
23:08असे संजाओ.
23:11इस तरह सिंदेगी नहीं गुसरती हैं.
23:14जानते हैं.
23:18जानते हैं.
23:26आप तुम मेरी वली शिर्ट नहीं पहने हैं.
23:30आप तुम मेरी वली शिर्ट नहीं पहने हैं.
23:32आप तुम मेरी शिर्ट नहीं पहने हैं.
23:36अज के बाद जब मेरी शिर्ट लेने जाओ या कुछ भी.
23:39उसे पूछ नहीं.
23:42आप.
23:44टेरो.
23:45है.
23:47भी आपर नहीं.
24:01तुम मैं पहने हैं.
24:02अपूर संद्र नहीं पहने हैं.
24:06उन यह जित हैं.
24:08और उसरी वी कप नहीं है?
24:11तुम मैं और वे वाग क्यों बढ़ीए.
24:13हाँ-
24:15प्रश्री, कुमने शादी कप्ड़ी क्यों नहीं पैलती?
24:20शादी मेरा सूट?
24:21यहाँ?
24:22हम अजाग करें
24:23यहाँ लेकर नहीं वह तुम दिन बाद को अबसूरोद लेकर नहीं
24:28और कोई कप्ड़ी नहीं है तुमने मेरे में सूट?
24:45आउटी कैसे हैं नहीं बिलकुल थीक
25:03आपकी बेटी का भार घूमने का मूर था तो मैंने सोचा आपसे ही मिला
25:06अससलाम अलेकूम रदर भाई कैसे हैं आप?
25:10आज कहीं बाहँ जाने का प्रोग्र्म तर नहीं है रहाँ?
25:13नहीं नहीं नहीं आज आपकी नहीं साथ
25:14जैसे हा नहीं?
25:15शैँ साग वैसे यह जैसा था
25:18तूम बतावा याद में कसे जी मुझे
25:20तो नहीं आपके लुगहा दया है
25:21हम भी शोकर याज ले ते हैं जी गते हमी हाँ से जएजे
25:25मिस्च बेना
25:26और अंकल कैसे हैं अब?
25:27वस्यात मेरे साथ तो एक अजीव लतीफा हुआ था
25:56सेखसा हो गाद में ए लागुरे मिया लाओं अ इसलों हुआ है
26:16यह आझ बडे खुष ही हुआ देखने के लिए यह अ तो तुमने कहा था खुष होने के लिए
26:23प्याद नहीं तुमने का था पहले जैसे हो जाओ जैसा मैं खुश होता था
26:27तो मैं खुश हूँ, ठीक नहीं लग रहा है?
26:30अच्छा है, ऐसी रहना, खुश ही अच्छी लगती है तुम्हें चेरे पर
26:35फिर क्या हुआ? बच गया वो?
26:39फिर तो तरबूद ऐसा लाल हो गया
26:41तुम होती नहीं वहाँ पर? तो बहुत मज़ा आता
26:45बहुत मिश्किया तुम्हें
26:48कचा रेगा मूह सूथ गया था
27:09मलेका, उस दिन तुमने मुझसे एक बात की थी
27:16कौन सी बात? कुई है
27:19कि रजाबात पुजेसे रहे तुम्हारे मामने में
27:22हाँ, वो तो है
27:25वो मुझे अपना कीमती असासा समझते है
27:30अब वो कहते हैं कि
27:32दुनिया के की कीमती चीज़ों पर रज़र होती है
27:35कीमती चीज़ें तो पर चुपा कर रखने पड़ती है
27:40हाँ, तो वो मुझे चुपा कर रखना चाहते है
27:43लेकिन पेटा, मर्द की यह आदत
27:46बाग में औरत को कहर लगने लगती है
27:48शोहर का प्रोटेक्ट करना कैद कब से हो गया, मुझे नहीं लगता
27:54शुरू शुरू में औरत यही कहती है
27:58कीटिम बाद में
28:00मुझे तो तुमने जब से बताया
28:04मैं परिशान हो गयी हूँ
28:06एक डरसा दिल में बैठ कया
28:08जानती हो, जब मर्द दुनिया से डरने लगता है
28:14तो अपनी ही औरत को कैदी बना लेता है
28:18ऐसा कुछ नहीं है
28:22आप परिशान नहों
28:24खयाल रख रही है अपना
28:26लेकिन नुम्हारे बगए
28:28बहुत अधास हो जाती है
28:30आती तो हूँ मैं हर दूसरे दिन
28:32खुश रहू
28:36मलिका को बला देंगे उनकल
28:40इतनी जल्दी क्या बेटा
28:42खाना खाकी जाना
28:44देरो रही है
28:46पर कभी
29:14रजा, अन्नी और मैं बचपन से दोस्ते हैं
29:16अच्छा
29:18मुझा बचपन अभी तक खतम नहीं हुआ
29:20आप शक करें मुझके
29:22शक नहीं गिला कर रहा हूँ
29:24जैसे तुम उसके साथ थी
29:26मुझे लगा मुझा भून भी हूँ
29:28मर्द जद दुनिया वालों से डरने लगे है तो आरत को कैदी बना लेता है
29:45हमेशाएद यसी फीलिंग की बात कर रही थी
29:51यह जो टूट फूट है
29:55यह जो कटैरे में खड़े होने की नौबत आ गई है यह तो
29:59यह तो मेरे करदार पर घीचड है
30:03रजा आप मेरे करदार पर शक करें और यह बात मुझे बिल्कुल पसंद नहीं है
30:20द्रवाजा खुले
30:22मुझे अच्छा नहीं लगता है जब कोई मेरे कैरेक्टर फिंग ले उड़ा दर रजा द्रवाजा खुले
30:28द्रवाजा खुले रजाब
30:31तुम्हार द्माग तो ने खड़ाब हो गया
30:32खाव गया करभ
30:34अभके हिम्मक कैसे होई है मेरे किरदाश पोंगले उठाने की
30:37वांगले नहीं उठा रा तुम्हे बात की ती कि अमने समझ नहीं आई
30:40क्या करूँ मै
30:41तुम्हारा मिया हूँ, तुम्हारा शोहर हूँ, अगर कोई चीज पसंद नहीं आगी तो रोकूंगा ना
30:46हाँ तो शोहर खुद जो मर्जी करता फिरे
30:48एको, मैं जोक करूँगा तुम्हारी भलाई के ले करूँगा
30:52अगर कोई चीज पसंद नियागी तो तुम्हें रोकूंगा
30:54तो मैंने क्या किया अन्नी से सुर्फ मिली हुँ ना
30:57क्या लगता है आपको
30:59कि मैं अपने शोहर को इग्नोर करके
31:00बात दूसरे लड़कों के साथ नेन मताका करते भी रही है
31:02अगर बीवी को हद में रखने का मतलब यह के शोहर शक कर रहा है तो कल आए
31:14जब बीवी गलती करे और उसे एहसास हो जाए कि उसमें गलती की है तो वो माफी मांग लाती है
31:26तो वो उल्टा बीवी को कसूरवा ठहरा था
31:32और और इहसान जिताता है कि उसमें इसे माफ किया
31:36मुझे आज तक अभी किसी ने ऐसा नहीं कहा था
31:39मेरी माने नहीं मुझे कभी कहा क्योंकि मैंने मौकर निए दिया
31:44मैरा शोहर रजा उसको पर आने से बात का ना पसंद नहीं था
31:50रजा ने उसी मेरे क Jourणाएपर सवाल उठा के अपने क Congo को मई नजरों में मशकुक बना दिया।
31:56मैं जिसे अपनी मर्जी रजा की मर्जी के साथ बान दी थी उसी रजा ने इतनी बड़ी बात कर दी
32:05हमेरे खरवाले
32:06कितने मासूम है
32:10और मैं कितनी मौत अबरत ही उनके लिए
32:13क्या मस्वा है
32:15चलो कमरे में चले
32:18मालिका लेट्स को
32:21आज के बाद हमारे कमरे की कोई भी बात
32:26कमरे से बाहर नहीं आएगी
32:27हरजा अब बार-बार मेरे किरदाया पर सवाल उठा रहे है
32:35कितने में चले अबरत ही जड़े किरदाया रहे है
33:04वाजर के बाद तुम सो ही नहीं हो?
33:08बस भाई जा नीन नहीं आरी थी.
33:11खेरियत, तबियत तो ठीक है?
33:14बस ऐसे ही.
33:17कल मुझे तो बहुत अच्छा लगा ने सब मरे को अपिर से ऐसे देखकर.
33:21जी.
33:23देखा मैने.
33:24मेरी तो दुआ है हमारे बचे ऐसी हसते मुस्कुराते.
33:28कुछ हो राभाद रहे हैं.
33:30आमीन.
33:31भाई जान.
33:32कोई काम है?
33:34वो आप जाते वे रजा को फोन कर देंगे.
33:38उसे कहीं कि मलिका को छोड़ जाए.
33:41देखो, रोज रोज रोज फोन करके उसे मुदाना ठीक नहीं रखता.
33:47मैंने से कहता हूं, और तुमें छोड़ाएगा.
33:50हाँ, यह ठीक रहेगा.
33:52ठीक है, वो उठता है तुमें से कहता हूं, तुम इसके साथ चे नहीं हाँ.
33:56अच्छ ठीक.
34:11पाभी, गाड़ी फ्री है, तुम मैं अमीकी तब चली जाँ.
34:26तुम तयार हूं?
34:28जी, मैं बस तयार हूं.
34:30ठीक है, सलीज हो लेकिन बारा बचे गाड़ी पेश देना,
34:32क्योंकि उमर को स्कूल से लेने जाना है.
34:34मुझा पना है.
34:35अच्छ दॉप करके वापस आज रहे हैं.
34:37थैंक यू.
34:57चलें फॉपो.
34:58बस दो मिनिट.
35:00अच्छ आमरे कहूं.
35:05यह सब हम सब खैर है ना?
35:08अन्य, कुछ खैर नहीं है.
35:10पता ने किस आदमी को मैंने चुन लिया है?
35:12हर चीज से उसको मसला है.
35:14यह ना पहनो, यह ना करो, यह ना जाओ,
35:16उससे ना मिलो, उसको तो मेरा अनी से बात करना पसंद नहीं है.
35:18यह ना पसंद नहीं है.
35:19शक कर रहा है वो मुझ पे.
35:21कोई उस बेवकूफ को जा के बताए कि उसको चुनने वाली मैं हूँ.
35:25अच्छा, तु मुदर अराम से पुए.
35:27नहीं, वह मानी कौन शोहर ऐसे करता है?
35:29मैठा, मिया बीवी में ऐसे जगड़े हो जाते हैं.
35:48मैं ना रही मैं हो गई कुछ और.
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