00:00इस जमीन में या तुमारी जानों में कोई तकलीफ, कोई मुसीबत नहीं आ सकती
00:05स्वाए उसके के जो अल्लाह ने लिख दी हो, इससे पहले के वो जाहिए हो
00:09जिसको ये हकीकत मालूम हो गई, उसको ये तरजे अमल इत्यार करना चाहिए
00:13जो चीज छिन जाए, जाती रहे, छूड जाए, उस पर अफसोस ना करो
00:17किसने छिनी? दोस्त ने, दोस्त के फैसले पर शिकायत
00:23दोस्ती को बट्टा लगा रहे हो, सरे तस्लीम खम है जो मिजाजे यार में आए
00:29अगर दोस्ती है, तो फिर तो तुम्हें गर्दन जुका ले चाहिए
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