00:00एक रोशन स्कूल के कोरिडोर में आमना नामी एक प्यारी सी बच्ची अपने बस्ते के साथ चल वही थी। अचानक वो एक गमले से टक्रा गई और वो जमीन पर गिर कर तूट गया। ओ नहीं, ये मैंने क्या कर दिया। आमना नीचे बैठी और तूटे हुए गमले का एक ट
00:30मिस फरा के पास गई। कलास के सब बच्चे इसे देख रहे थे। मिस वो, मैंने गलती से गमला तोड़ दिया, मुआफ कर दी। मिस फरा ने प्यार से मुस्करा कर आमना के कंधे पर हाथ रखा। बेटा गलतीयां सबसे होती हैं, मगर सच बोलने वाले बच्चे वाकी बहा
01:00मिलकर एक नया पौदा लगाया। ये पौदा हमेशा याद दिलाएगा कि सच बोलना कितना जरूरी है। सूरज की रोशनी में आमना मुस्करा कर नय पौदे को पानी दे रही थी। तितलिया और रही थी, फिजा में खुशबू थी। सच्चाई हर चीज को बढ़ने में म