00:00आजरल के कठेयां वसिये यार जुगाया चंगिया नहीं
00:10किनी वारी आँख्या तैनू बे परवाया चंगिया नहीं
00:23आजरल के कठेयां वसिये आजरल के कठेयां वसिये
00:35विच परदेश देविजग ज्यादा जूठ दमाना कहदाए
00:43लेखा देवी चिल लिखिया होया हर्थ मालिक देदाए
00:53पान वी छोड़े गेडिया सजनू परदेश दमाना कहदाए
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